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किसानों की सैकड़ों बीघा बाजरा की फसल हुई नष्ट
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फोटो संख्या 22 खेतों में भरा खारजा झाल का पानी
- फोटो : ETAWHA
जसवंतनगर। बलरई के अंतर्गत भोगनीपुर गंग नहर से निकली खारजा झाल की सफाई न होने से किसानों की सैकड़ों बीघा बाजरा की फसल डूबकर नष्ट हो गई। किसानों का आरोप है कि नहर की सफाई हो जाती तो खेतों में पानी नहीं पहुंचता। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौका मुआयना कर मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया है।
भोगनीपुर गंग नहर से निकली खारजा झाल किसानों के लिए आफत बन गई है। इसकी सफाई न होने के कारण बरसात का पानी ओवरफलो होकर किसानों के खेतों में पहुंच गया है। इससे किसानों की सैकड़ों बीघा बाजरे की फसल नष्ट हो गई। फसल पानी में डूबने से लगभग 25 से 30 किसानों का नुकसान हुआ है। किसान मोहनलाल पाठक की छह बीघा, अतिराम नौ बीघा, जितेंद्र पाठक की चार बीघा, शैलेंद्र, शिवेंद्र, राजीव रतन, बृजनंदन की कुल 16 बीघा, नगला सलहदी के रामकुमार की सात बीघा, जीवाराम की सात बीघा, सुघर सिंह की तीन बीघा, कालका प्रसाद की चार बीघा, छोटेलाल की चार बीघा, शिवशंकर की नौ बीघा, राघव शर्मा बलरई की पांच बीघा, बृजनंदन नगला तौर की तीन बीघा, शीला देवी ग्राम पुछरी की छह बीघा सहित कई किसानों की फसल जलमग्न हो गई।
किसानों की शिकायत पर एसडीएम ज्योत्सना बंधु ने नायब तहसीलदार अविनाश चौधरी और क्षेत्रीय लेखपाल मंदीप कुमार को मौके पर भेजकर नष्ट हुई फसल का निरीक्षण कराया। वहीं किसानों का गुस्सा भोगनी नहर के अधिकारियों पर भी फूट पड़ा।
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किसानों का कहना है कि सिर्फ 300 मीटर की सफाई कराई गई, जबकि 2 किलोमीटर तक और सफाई हो जाती तो खारजा झाल के अंदर बालू और खास के बने टापुओं से जल का रुकाव नहीं होता। एसडीएम ने किसानों को आश्वस्त किया है कि दैवी आपदा राहत कोष आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने नहर विभाग के अधिकारियों को भी मौके पर जाकर निरीक्षण कर समस्या का निदान कराने के आदेश दिए हैं।
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भोगनीपुर गंग नहर से निकली खारजा झाल किसानों के लिए आफत बन गई है। इसकी सफाई न होने के कारण बरसात का पानी ओवरफलो होकर किसानों के खेतों में पहुंच गया है। इससे किसानों की सैकड़ों बीघा बाजरे की फसल नष्ट हो गई। फसल पानी में डूबने से लगभग 25 से 30 किसानों का नुकसान हुआ है। किसान मोहनलाल पाठक की छह बीघा, अतिराम नौ बीघा, जितेंद्र पाठक की चार बीघा, शैलेंद्र, शिवेंद्र, राजीव रतन, बृजनंदन की कुल 16 बीघा, नगला सलहदी के रामकुमार की सात बीघा, जीवाराम की सात बीघा, सुघर सिंह की तीन बीघा, कालका प्रसाद की चार बीघा, छोटेलाल की चार बीघा, शिवशंकर की नौ बीघा, राघव शर्मा बलरई की पांच बीघा, बृजनंदन नगला तौर की तीन बीघा, शीला देवी ग्राम पुछरी की छह बीघा सहित कई किसानों की फसल जलमग्न हो गई।
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किसानों की शिकायत पर एसडीएम ज्योत्सना बंधु ने नायब तहसीलदार अविनाश चौधरी और क्षेत्रीय लेखपाल मंदीप कुमार को मौके पर भेजकर नष्ट हुई फसल का निरीक्षण कराया। वहीं किसानों का गुस्सा भोगनी नहर के अधिकारियों पर भी फूट पड़ा।
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किसानों का कहना है कि सिर्फ 300 मीटर की सफाई कराई गई, जबकि 2 किलोमीटर तक और सफाई हो जाती तो खारजा झाल के अंदर बालू और खास के बने टापुओं से जल का रुकाव नहीं होता। एसडीएम ने किसानों को आश्वस्त किया है कि दैवी आपदा राहत कोष आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने नहर विभाग के अधिकारियों को भी मौके पर जाकर निरीक्षण कर समस्या का निदान कराने के आदेश दिए हैं।

फोटो संख्या 23 निरीक्षण के दौरान किसानों से जानकारी करते नायब तहसीलदार- फोटो : ETAWHA