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Etawah News: जहरीला इंजेक्शन लगाकर जूनियर डॉक्टर ने किया खुदकुशी का प्रयास

Thu, 30 Mar 2023 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Thu, 30 Mar 2023 12:17 AM IST
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junior doctor take poisness injection and attempt to suicide
सैफई (इटावा)। एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए बड़े कॉलेज में प्रवेश न मिल पाने से अवसाद में चल रहे जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने मंगलवार शाम जहरीला इंजेक्शन लगाकर खुदकुशी का प्रयास किया। गंभीर हालत में उन्हें ट्रामा सेंटर के आईसीयू में भर्ती कराया गया गया है। हॉस्टल के कमरे में फटा खत मिला है।
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शास्त्री नगर, कानपुर निवासी डॉक्टर शाश्वत यशवर्धन (26) पुत्र अरविंद कुमार उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में एमएस द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। वह विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद हॉस्टल में रहते हैं। मंगलवार देर रात अवसाद में आकर उन्होंने ग्लूकोज में जहरीला इंजेक्शन भरा और इसे लगाकर जान देने का प्रयास किया।
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हॉस्टल के साथियों की सूचना पर तड़के करीब तीन बजे पहुंची पुलिस ने गेट तोड़ा तो वह बेहोश मिले। पास में ग्लूकोज की खाली बोतल और सिरिंज हाथ में लगी मिली। पास में एक सिरिंज और इंजेक्शन की खाली शीशी पड़ी थीं। सुबह डीएम अवनीश कुमार राय और एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने ट्रामा सेंटर पहुंचकर डॉक्टर का हाल जाना। एसएसपी ने बताया कि डॉक्टर शाश्वत सैफई मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने से खुश नहीं थे। इसी कारण अवसाद में चल रहे थे और यह कदम उठाया।
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परिजन कर रहे थे समझाने का प्रयास

सैफई। जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर शाश्वत यशवर्धन काफी दिनों से अवसाद में हैं। उनका वजन भी करीब नौ किलो गिर गया था। शाश्वत की यह हालत देख परिजन लगातार उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे थे। मंगलवार रात को हॉस्टल के साथियों ने डॉ. शाश्वत के मोबाइल नंबर पर फोन मिलाया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इस पर साथियों ने उनके कमरे का गेट खुलवाने का प्रयास किया तो दरवाजा अंदर से बंद था। शक होने पर पुलिस को सूचना दी गई। रात में ही क्षेत्राधिकारी नागेंद्र चौबे, एसडीम नम्रता सिंह, तहसीलदार जगदीश सिंह, प्रभारी निरीक्षक यशवंत सिंह फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
तलाशी के दौरान कमरे में मिले खत से पता चला कि डॉक्टर ने अवसाद में यह कदम उठाया। उन्होंने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। टीम का कहना है कि डॉक्टर ने इंजेक्शन लेने से पहले उसका नाम मिटा दिया, ताकि कोई पता न कर सके कि उन्होंने कौन सा इंजेक्शन लिया था।


डीएम अवनीश कुमार राय, एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने डॉक्टर के परिजनों से वार्ता की। कानपुर से पहुंचे डॉक्टर के परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाए हैं। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि डॉक्टर के होश में आने का इंतजार किया जा रहा है। पिता अरविंद कुमार पांडेय और ताऊ चिकित्सक हैं। पिता नर्सिंग होम भी चलाते हैं।
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