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इटावा सफारी में खुशियां, शेरनी जेसिका ने फिर जन्मा शावक
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Mon, 15 Jan 2018 10:21 PM IST
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लायन सफारी में शेरनी जेसिका शावक सुल्तान के साथ (फाइल फोटो )
- फोटो : अमर उजाला
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इटावा सफारी पार्क में गुजरात से आई शेरनी जेसिका ने सोमवार को एक बार फिर एक शावक को जन्म दिया है। इससे सफारी में खुशी है। इटावा सफारी पार्क के निदेशक पीपी सिंह ने बताया कि शेरनी जेसिका ने दोपहर करीब 2:55 बजे एक शावक को जन्म दिया है। अभी एक या दो और भी शावक के जन्म देने की उम्मीद है। क्योंकि करीब छह घंटे तक शावकों के जन्म की उम्मीद होती है। शेरनी जेसिका की सारी गतिविधि को सीसीटीवी कैमरे से देखा जा रहा है ।
फिलहाल सफारी में शेरनी जेसिका के शावक शिम्बा व सुल्तान हैं । जो 16 माह के हो रहे हैं । शेरनी जेसिका ने छह अक्तूबर 2016 को शिम्बा व सुल्तान दो नर शावकों को जन्म देकर खुशियों की शुरूआत की थी। दोनो शावक इस समय लाइन सफारी की रौनक बने हुए है। वैसे इससे पहले जुलाई और अगस्त 2015 में शेरनी हीर व ग्रीष्मा ने पांच शावकों को जन्म दिया था । इनमें से दो की मौत तो जन्म के साथ ही हो गई जबकि कुछ दिनों बाद शेष तीन शावकों की भी मौत हो गई । शेरनी हीर के दो शावक 18 जुलाई 2015 को पैदा हुए है जिनकी जन्म के साथ ही मौत हो गई। इसी तरह से शेरनी ग्रीष्मा के पैदा हुए तीन शावकों मे दो की 21 जुलाई 2015 को एक शावक की 14 अगस्त 2015 को मौत हो गई ।
दस शावक हों तो दर्शकों के लिए खुले सफारी
सीजेडए के नियमों के मुताबिक लायन सफारी को जनता के लिए तभी खोला जा सकता है जब वहां कम से कम दस शावक हों। दरअसल लायन सफारी को खोलने के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने कम से कम 10 बच्चों की अनिवार्यता लगाई है।
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उन्होंने बताया कि शेरनी जेसिका की मैटिंग शेर गीगो से कराई गई थी। उसकी देखभाल करने में इन दिनों सफारी प्रशासन जुटा हुआ है।
पूर्व सीएम ने किया था नामकरण
शेरनी जेसिका के जन्मे दोनो शावकों का नामकरण खुद उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल ने किया था । एक शावक का नाम अखिलेश ने सुल्तान और डिंपल ने शिम्बा रखा । अखिलेश ने लायन सफारी के बहाने की तस्वीर बदलने की बेहतर कोशिश की है । शेरनी जेसिका के शावक जन्मने की सबसे अधिक खुशी अखिलेश यादव को हुई है । उन्होंने कहा कि हमने जिस उम्मीद से ये सफारी बनाई थी वो कामयाब हो रही है अब यह जिम्मेदारी वर्तमान सरकार की है कि वो इन नन्हें मेहमानों को बिना खौफ के बढ़ने और खुलकर के दहाड़ने का भी मौका दे ।
रामगोपाल ने भी दी बधाई
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो रामगोपाल यादव ने भी सफारी में शावक के जन्म लेने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने इसके लिए सफारी प्रशासन को बधाई दी है।
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फिलहाल सफारी में शेरनी जेसिका के शावक शिम्बा व सुल्तान हैं । जो 16 माह के हो रहे हैं । शेरनी जेसिका ने छह अक्तूबर 2016 को शिम्बा व सुल्तान दो नर शावकों को जन्म देकर खुशियों की शुरूआत की थी। दोनो शावक इस समय लाइन सफारी की रौनक बने हुए है। वैसे इससे पहले जुलाई और अगस्त 2015 में शेरनी हीर व ग्रीष्मा ने पांच शावकों को जन्म दिया था । इनमें से दो की मौत तो जन्म के साथ ही हो गई जबकि कुछ दिनों बाद शेष तीन शावकों की भी मौत हो गई । शेरनी हीर के दो शावक 18 जुलाई 2015 को पैदा हुए है जिनकी जन्म के साथ ही मौत हो गई। इसी तरह से शेरनी ग्रीष्मा के पैदा हुए तीन शावकों मे दो की 21 जुलाई 2015 को एक शावक की 14 अगस्त 2015 को मौत हो गई ।
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दस शावक हों तो दर्शकों के लिए खुले सफारी
सीजेडए के नियमों के मुताबिक लायन सफारी को जनता के लिए तभी खोला जा सकता है जब वहां कम से कम दस शावक हों। दरअसल लायन सफारी को खोलने के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने कम से कम 10 बच्चों की अनिवार्यता लगाई है।
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उन्होंने बताया कि शेरनी जेसिका की मैटिंग शेर गीगो से कराई गई थी। उसकी देखभाल करने में इन दिनों सफारी प्रशासन जुटा हुआ है।
पूर्व सीएम ने किया था नामकरण
शेरनी जेसिका के जन्मे दोनो शावकों का नामकरण खुद उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल ने किया था । एक शावक का नाम अखिलेश ने सुल्तान और डिंपल ने शिम्बा रखा । अखिलेश ने लायन सफारी के बहाने की तस्वीर बदलने की बेहतर कोशिश की है । शेरनी जेसिका के शावक जन्मने की सबसे अधिक खुशी अखिलेश यादव को हुई है । उन्होंने कहा कि हमने जिस उम्मीद से ये सफारी बनाई थी वो कामयाब हो रही है अब यह जिम्मेदारी वर्तमान सरकार की है कि वो इन नन्हें मेहमानों को बिना खौफ के बढ़ने और खुलकर के दहाड़ने का भी मौका दे ।
रामगोपाल ने भी दी बधाई
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो रामगोपाल यादव ने भी सफारी में शावक के जन्म लेने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने इसके लिए सफारी प्रशासन को बधाई दी है।