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जिंदगी और व्यापार... सब पर फिरा पानी

Fri, 28 Jan 2022 11:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jan 2022 11:48 PM IST
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jindagee aur vyaapaar... sab par phira paanee
इटावा। अड्डा श्यामलाल की मुख्य सड़क पर पिछले तीन साल से टखनों तक गंदा पानी भरा है। इस पानी की वजह से यहां का जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
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इटावा-कन्नौज रोड पर बसा मोहल्ले के लोगों की रोजी-रोटी चौपट हो गई है। कई लोगों ने अपने मकान औने-पौने दामों में बेचकर दूसरे स्थान की ओर रुख कर गए हैं।
कई लोगों के मकान बिके नहीं, तो उन लोगों ने घरों में ताल डालकर दूसरे स्थान पर किराये से मकान ले लिया है। जलभराव की समस्या से एक पूरा मोहल्ला उजड़ने की कगार पर है, लेकिन शासन, विधायक, प्रशासन और नगरपालिका ने इस ओर से पूरी तरह से आंखें मूंद लीं हैं।
सड़क पर जलभराव की समस्या यूं तो सुनने में मामूली लग सकती है, लेकिन यहां ऐसा जलभराव है, जिसने जीवन दूभर कर दिया है। किसी जनसमस्या की अनदेखी की ऐसी नजीर कहीं और मिलना बेहद मुश्किल है।
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जलभराव की समस्या को सुलझाने के बजाय पूरे एक मोहल्ले को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। इटावा शहर से चंद कदमों की दूरी पर स्थित अड्डा श्याम लाल के मुख्य मार्ग पर पिछले तीन साल से टखनों तक गंदा पानी भरा हुआ है।
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यह सड़क इटावा को कन्नौज और बिधूना से जोड़ती है। दिनभर में यहां आठ से दस हजार गाड़ियां गुजरती हैं। मोहल्ले में लगभग तीन हजार अधिक लोग रहते हैं, लेकिन अब धीरे-धीरे लोग पलायन कर रहे हैं।
अपने सामर्थ्य के अनुसार लोग घरों को बेचकर दूसरे स्थान पर घर खरीद रहे हैं, अथवा घरों में ताला डालकर दूसरे स्थानों पर किराये से मकान लेकर रहने लगे हैं। जलभराव की समस्या के कारण लोगों ने अपने मकान पर मकान बिकाऊ है के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं।
सड़क पर भरे गंदे पानी के कारण कोई इनका मकान खरीद भी नहीं रहा है। कन्नौज हाइवे के लिए लिंक रोड होने से यहां पर कुछ साल पहले तक व्यापार खूब फल-फूल रहा था।
लोगों ने यहां पर घर बनाने के लिए प्लाट भी खरीदे, घर भी बनाए और अपना व्यवसाय भी शुरू किया। इस रोड पर अलमारी और लोहे का अन्य सामान बनाने का अच्छा कारोबार था।
बिल्डिंग मैटेरियल का व्यवसाय था ठीकठाक
चूंकि अभी यहां पर नया आबादी क्षेत्र विकसित हो रहा था, इसलिए बिल्डिंग मैटेरियल का व्यवसाय भी खूब फल-फूल रहा था। जलभराव की समस्या लंबा खिंचने से यहां का व्यवसाय चौपट हो गया है।
कॉस्मेटिक और रोजमर्रा की जरूरत वाली वस्तुओं की दुकान चलाने वाले सुदीश कुमार ने बताया कि जलभराव से रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। किराना और जनरल स्टोर आदि चलाने वाले कई लोग यहां से पलायन कर गए हैं।
सीमेंट आदि का कारोबार भी ठप पड़ गया है। नए लोग यहां आ नहीं रहे। नए मकानों का निर्माण हो नहीं रहा, तो बिल्डिंग मैटेरियल का व्यवसाय भी चौपट हो गया है।
लोहा और अलमारी आदि का व्यापार करने वाले लोगों का संपर्क के आधार पर थोड़ा-बहुत व्यवसाय हो रहा है। लोग फोन पर जितना आर्डर कर देते हैं, उतना ही उनका व्यापार हो जाता है।
रिश्तेदारों ने छोड़ दिया यहां आना
मोहल्ला अड्डा श्यामलाल में लोगों के घरों में रिश्तेदारों ने तक आना छोड़ दिया है। जलभराव की वजह से कई बार लोगों को परेशानी उठानी पड़ी, जिसके चलते लोगों ने आना ही बंद कर दिया।
इसके अलावा यहां रह रहे लोग भी अपने घरों में आयोजन नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें यदि कोई कार्यक्रम करना होता है तो शहर में दूसरी जगह ही कार्यक्रम करना पड़ता है, जिससे आयोजन में रिश्तेदार भी शामिल हो सकें।
जलभराव के कारण फैली बीमारी
तीन साल से भरे गंदे पानी के कारण अड्डा श्याम लाल मौहल्ले में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारी फैली हुई है। मोहल्ले के बच्चे बीमार रहने लगे हैं। बीमारी के डर से लोगों ने अपने बच्चों को घरों से निकलना तक बंद करवा दिया है।
डेंगू और मलेरिया फैलने के बाद भी यहां दवा का छिड़काव तक नहीं किया जाता है। खुद की ओर से अपने बच्चों की जिंदगी दांव पर रखकर लोग यहां रहने को मजबूर हैं।
लाखों रुपये टैक्स वसूलता पालिका
मोहल्ले में करीबन तीन सौ घर हैं, जिनसे नगर पालिका वाटर टैक्स, सीवर टैक्स और हाउस टैक्स के रूप में साल में लाखों रुपये वसूलता है, लेकिन सुविधा देने के नाम पर नगर पालिका अपना मुंह फेर लेता है।

लोग जब नगर पालिका के पास अपनी समस्या लेकर जाते हैं तो अधिकारी यह कह कर टरका देते है कि यह सड़क पीडब्लूडी के अंदर आती है।
उतार चढ़ाव के कारण वहां कार्य करने में परेशानी आ रही है। मैहरा फाटक मार्ग एनएचआई के अंतर्गत आता है। वहां नाला निर्माण के लिए एनएचआई अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है। आचार संहिता खत्म होने के बाद कार्य शुरू किया जाएगा।
-विनय मणि त्रिपाठी, ईओ, पालिका इटावा।
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