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इटावा: चंबल नदी में बढ़े मगरमच्छ, घड़ियाल और डाल्फिन
Mon, 20 Feb 2023 12:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Mon, 20 Feb 2023 12:31 AM IST
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चकरनगर। चंबल क्षेत्र में जलीय जीवों की गणना हो गई है। खास बात यह दिखी कि साइबेरिया के फ्लैगोन पक्षी ने यहां आकर अंडे दिए। गणना की रिपोर्ट फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। डीएफओ का कहना है कि मगरमच्छ, घड़ियाल और डाल्फिन आदि की संख्या में करीब 15 फीसदी का इजाफा हुआ है।
जलीय जीवों की यह गणना चंबल नदी में करीब 80 किलोमीटर के फासले पर राजस्थान के सोढ़ सेंटर से पंचनद संगम तक हुई। इसके लिए तीन टीमें लगाई गई थीं। जिन्होंने एक ही दिन बुधवार को गणना पूरी की। राष्ट्रीय चंबल वन क्षेत्र में जलीय जीवों के अलावा कछुए भी बहुतायत में हैं। नदी में मौजूद सभी संरक्षित जलीय जीवों की संख्या में करीब 15 प्रतिशत का इजाफा बताया जा रहा है।
फ्लैगोन के साथ इंडियन स्कीमर व कार्बोनेट नाम के विदेशी पक्षियों की संख्या भी बढ़ी है। इंडियन स्कीमर पंछी पिछले कई वर्षों से चंबल नदी में बहुत कम संख्या में आ रहे थे। हरि किशोर शुक्ला ने बताया कि मौसम में गर्माहट आते ही जलीय जीव पानी से निकलकर नदी के तट पर अठखेलियां करते देखे जा सकते हैं। लिहाजा अनुकूल मौसम को देखते हुए जलीय जीवों की गणना कराई गई है। इस गणना के लिए तीन टीमों को नदी में उतारा गया था।
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चंबल डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव ने बताया कि गणना का काम एक ही दिन बुधवार को कराया गया। गणना की रिपोर्ट फिलहाल सार्वजनिक नहीं की जा सकती। मार्च के प्रथम सप्ताह में इसका खुलासा होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इस समय नदी में प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन व जलीय जीवों के लिए पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध है। अनुकूल मौसम की वजह से विदेशी पक्षियों की संख्या भी बढ़ी है।
गत वर्ष के आंकड़े
गत वर्ष चंबल नदी में 3600 से अधिक घड़ियाल, 5000 से अधिक मगरमच्छ, 200 से अधिक डॉल्फिन पाई गई थीं। जलीय जीवों की गणना की यह रिपोर्ट डीएफओ आगरा डिवीजन सेंटर से वन मंत्रालय को भेजी जाएगी। तब तक इसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। टीमों ने गणना के वीडियो भी तैयार किए हैं। जिन्हें डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव को सौंपा गया है।
इन टीमों ने की गणना
जलीय जीवों की गणना के लिए तीन टीमें बनी थीं। पहली टीम में ओम प्रकाश वन दरोगा, टीम इंचार्ज अंकित कुमार, फॉरेस्ट गार्ड गोविंद सिंह लक्ष्मी नारायण और दूसरी टीम में चंद्रभान सिंह सेंगर वन दरोगा, धर्मेंद्र कुमार फॉर रिसेप्शन राजेश कुमार, फॉरेस्टर महेंद्र कुमार शामिल रहे। तीसरी टीम में विष्णु पाल सिंह चौहान वन दरोगा, भरेहसे पचंनद संगम तक रोहित कुमार यादव, सिद्धार्थ कुमार रणवीर सिंह रावत ने इटावा चंबल क्षेत्र में गणना की।
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जलीय जीवों की यह गणना चंबल नदी में करीब 80 किलोमीटर के फासले पर राजस्थान के सोढ़ सेंटर से पंचनद संगम तक हुई। इसके लिए तीन टीमें लगाई गई थीं। जिन्होंने एक ही दिन बुधवार को गणना पूरी की। राष्ट्रीय चंबल वन क्षेत्र में जलीय जीवों के अलावा कछुए भी बहुतायत में हैं। नदी में मौजूद सभी संरक्षित जलीय जीवों की संख्या में करीब 15 प्रतिशत का इजाफा बताया जा रहा है।
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फ्लैगोन के साथ इंडियन स्कीमर व कार्बोनेट नाम के विदेशी पक्षियों की संख्या भी बढ़ी है। इंडियन स्कीमर पंछी पिछले कई वर्षों से चंबल नदी में बहुत कम संख्या में आ रहे थे। हरि किशोर शुक्ला ने बताया कि मौसम में गर्माहट आते ही जलीय जीव पानी से निकलकर नदी के तट पर अठखेलियां करते देखे जा सकते हैं। लिहाजा अनुकूल मौसम को देखते हुए जलीय जीवों की गणना कराई गई है। इस गणना के लिए तीन टीमों को नदी में उतारा गया था।
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चंबल डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव ने बताया कि गणना का काम एक ही दिन बुधवार को कराया गया। गणना की रिपोर्ट फिलहाल सार्वजनिक नहीं की जा सकती। मार्च के प्रथम सप्ताह में इसका खुलासा होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इस समय नदी में प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन व जलीय जीवों के लिए पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध है। अनुकूल मौसम की वजह से विदेशी पक्षियों की संख्या भी बढ़ी है।
गत वर्ष के आंकड़े
गत वर्ष चंबल नदी में 3600 से अधिक घड़ियाल, 5000 से अधिक मगरमच्छ, 200 से अधिक डॉल्फिन पाई गई थीं। जलीय जीवों की गणना की यह रिपोर्ट डीएफओ आगरा डिवीजन सेंटर से वन मंत्रालय को भेजी जाएगी। तब तक इसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। टीमों ने गणना के वीडियो भी तैयार किए हैं। जिन्हें डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव को सौंपा गया है।
इन टीमों ने की गणना
जलीय जीवों की गणना के लिए तीन टीमें बनी थीं। पहली टीम में ओम प्रकाश वन दरोगा, टीम इंचार्ज अंकित कुमार, फॉरेस्ट गार्ड गोविंद सिंह लक्ष्मी नारायण और दूसरी टीम में चंद्रभान सिंह सेंगर वन दरोगा, धर्मेंद्र कुमार फॉर रिसेप्शन राजेश कुमार, फॉरेस्टर महेंद्र कुमार शामिल रहे। तीसरी टीम में विष्णु पाल सिंह चौहान वन दरोगा, भरेहसे पचंनद संगम तक रोहित कुमार यादव, सिद्धार्थ कुमार रणवीर सिंह रावत ने इटावा चंबल क्षेत्र में गणना की।