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आम चुनाव की मतदाता सूची से होंगे चुनाव

Fri, 06 Feb 2015 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Fri, 06 Feb 2015 11:56 PM IST
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in Panchayat elections voting by common voter lists

आम चुनाव की वोटर लिस्ट के हिसाब से भी पंचायत चुनाव हो सकते हैं। यह संभावना इसलिए दिख रही है, क्योंकि पंचायत निर्वाचन आयोग के स्तर से इसकी पहल शुरू की गई है। जानकाराें की मानें तो प्रधानी के चुनाव में फर्जी वोटिंग रोकने की दिशा में आयोग ने यह प्रयास शुरू किए हैं। इस सिलसिले में मुख्य चुनाव आयुक्त पंचायत ने 12 फरवरी को लखनऊ में बैठक भी बुलाई है। जिसमें जिले से डीपीआरओ और एडीईओ शामिल होंगे।

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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम, क्षेत्र व जिला स्तर पर जनप्रतिनिधि चुने जाते हैं। इसमें सबसे अधिक कांटे की टक्कर प्रधानी के चुनाव में देखने को मिलती है। क्षेत्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा बचाने की खातिर कई बार खूनी संघर्ष तक की नौबत पैदा हो जाती है। इसके लिए प्रत्याशी साम, दाम, दंड, भेद यानि हर हथकंडा अपनाने से भी नहीं चूकता है। फर्जी वोटर बनवाए जाते हैं। जिसकी शिकायतें होती हैं।
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दरअसल यह सब पंचायत चुनाव की अपनी मतदाता सूची के चलते होता है। इस सूची के सत्यापन और वोटर बनाने की तकनीक इतनी अपडेट नहीं है कि इसके फर्जीवाड़े को पूरी तरह से रोका जा सके। इसी के चलते पंचायत निर्वाचन आयोग ने इस बार आम चुनाव में इस्तेमाल होने वाली वोटर लिस्ट का सहारा लेने का मन बनाया है। इसी के चलते 12 फरवरी को लखनऊ में बैठक बुलाई गई है। जिले से डीपीआरओ एमएल यादव और एडीईओ बैजनाथ यादव इस बैठक में शामिल होंगे।
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यह कर रहा है आयोग
चूंकि पंचायत के चुनाव ग्रामीण स्तर पर होते हैं, इसलिए उसकी वोटर लिस्ट में सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों के ही मतदाता शामिल किए जाते हैं। जबकि आम चुनाव की वोटर लिस्ट में शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के वोटर शामिल होते हैं। पंचायत चुनाव कार्यालय के अनुसार आयोग आम चुनाव की वोटर लिस्ट में से ग्राम पंचायतवार मतदाताओं की अतिरिक्त सूची तैयार कर रहा है।

इस सूची से पंचायत चुनाव की प्रचलित सूची का मिलान किया जाएगा। यह स्पष्ट हो जाएगा कि दोनों सूचियों में कितना फर्क है। मतदाताआें की संख्या में मिलने वाले अंतर पर दावे-आपत्तियां मांगकर जांच परख करा ली जाएगी। उसी के आधार पर वोटरों को जोड़ने या हटाने की कार्रवाई होगी।


सूची एक ही होनी चाहिए
आम चुनाव हो या पंचायत का, वोटर लिस्ट एक ही होनी चाहिए। इससे फर्जी कार्य रुकेगा। कई बार शिकायतें मिलती हैं कि प्रधानी के चुनाव में कुछ लोग अपने पक्ष के लोगों के वोट बढ़वा लेते हैं। इस पर रोक लगेगी। वोटर लिस्ट पर विचार करने के लिए ही 12 फरवरी को पंचायत निर्वाचन की बैठक बुलाई गई है।-एमएल यादव, डीपीआरओ, इटावा

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