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कस्बों में बस नहीं ले गए तो नपेंगे चालक-परिचालक
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रोडवेज के चालक बसें कस्बों में तय किए गए बस स्टैंड पर ले जाने के बजाए हाईवे से निकाल लेते थे, लेकिन अब ऐसा करने वाले चालक परिचालक पर कार्रवाई की जाएगी। जुर्माना लगाने के साथ 15 दिन तक अवैतनिक अवकाश भी दिया जा सकता है बसें कस्बों के अंदर जाएं इसकी निगरानी के लिए अधिकारियों को लगाया गया है।
कानपुर रूट पर बकेवर, महेवा, औरैया, अजीतमल कस्बों के अंदर और जसवंतनगर व सैफई बस स्टैंड तक बसें ले जाने के निर्देश रोडवेज चालकों को हैं। इसके बाद भी चालक हाईवे से सीधे बसें निकाल ले जाते हैं।
इससे यात्रियों को परेशानी के साथ उनकी सुरक्षा को भी खतरा बना रहता है। बुधवार को बसरेहर कस्बे में बस न ले जाने पर भरथना विधायक सावित्री कठेरिया ने चालक और परिचालक से जवाब तलब करने के साथ रोडवेज अधिकारियों से शिकायत भी की थी। कुछ अन्य शिकायतें भी पहले मिल चुकी थीं।
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शिकायतों पर क्षेत्रीय प्रबंधक एके झा ने सख्त तेवर दिखाए हैं। उन्होंने निर्धारित कस्बों के अंदर बस न ले जाने वाले चालक और परिचालकों को दंडित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि इसकी निगरानी टीआई को सौंपी गई है।
औरैया के अजीतमल कस्बा में दो टीआई रवि चौहान और अभय यादव को तैनात किया गया है, जो कि चालक परिचालकों पर निगरानी रखेंगे। इसके साथ ही उन्हें निर्देशित किया गया है कि यदि कोई बस अंदर नहीं जाती है और अपने कागजों पर मुहर नहीं लगवाकर आती है तो उन चालकों व परिचालकों पर एक हजार का जुर्माना लगाया जाएगा।
प्रभारी एआरएम एमसी शर्मा ने बताया कि इस पर कानपुर के आरएम अतुल चौधरी ने आपत्ति जताते हुए मुख्यालय को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने बताया कि कानपुर डिपो की बसों को अंदर जाने के लिए बाध्य न किया जाए क्योंकि इससे समय खराब होता है और यात्रियों को परेशानी भी होती है। उन्होंने कहा कि करीब आधा घंटा का समय खराब हो जाता है । बस को अंदर ले जाने के बाद चालक परिचालक कुछ देर के लिए बस को रोक देते हैं। इससे यात्री शिकायत करते हैं।
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कानपुर रूट पर बकेवर, महेवा, औरैया, अजीतमल कस्बों के अंदर और जसवंतनगर व सैफई बस स्टैंड तक बसें ले जाने के निर्देश रोडवेज चालकों को हैं। इसके बाद भी चालक हाईवे से सीधे बसें निकाल ले जाते हैं।
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इससे यात्रियों को परेशानी के साथ उनकी सुरक्षा को भी खतरा बना रहता है। बुधवार को बसरेहर कस्बे में बस न ले जाने पर भरथना विधायक सावित्री कठेरिया ने चालक और परिचालक से जवाब तलब करने के साथ रोडवेज अधिकारियों से शिकायत भी की थी। कुछ अन्य शिकायतें भी पहले मिल चुकी थीं।
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शिकायतों पर क्षेत्रीय प्रबंधक एके झा ने सख्त तेवर दिखाए हैं। उन्होंने निर्धारित कस्बों के अंदर बस न ले जाने वाले चालक और परिचालकों को दंडित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि इसकी निगरानी टीआई को सौंपी गई है।
औरैया के अजीतमल कस्बा में दो टीआई रवि चौहान और अभय यादव को तैनात किया गया है, जो कि चालक परिचालकों पर निगरानी रखेंगे। इसके साथ ही उन्हें निर्देशित किया गया है कि यदि कोई बस अंदर नहीं जाती है और अपने कागजों पर मुहर नहीं लगवाकर आती है तो उन चालकों व परिचालकों पर एक हजार का जुर्माना लगाया जाएगा।
प्रभारी एआरएम एमसी शर्मा ने बताया कि इस पर कानपुर के आरएम अतुल चौधरी ने आपत्ति जताते हुए मुख्यालय को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने बताया कि कानपुर डिपो की बसों को अंदर जाने के लिए बाध्य न किया जाए क्योंकि इससे समय खराब होता है और यात्रियों को परेशानी भी होती है। उन्होंने कहा कि करीब आधा घंटा का समय खराब हो जाता है । बस को अंदर ले जाने के बाद चालक परिचालक कुछ देर के लिए बस को रोक देते हैं। इससे यात्री शिकायत करते हैं।