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फायर स्टेशन बन गया होता तो न जातीं इतनी जानें : अखिलेश
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सैफई (इटावा)। सपा सरकार के कार्यकाल में शुरू कराए गए फायर स्टेशन का निर्माण अगर भाजपा सरकार ने न रुकवाया होता तो शायद छिबरामऊ हादसे में इतनी जानें न जातीं। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने सैफई आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने मृतकों के परिवार के लोगों को कम से कम 10 लाख मुआवजा देने की सरकार से मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे रात में जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, तुरंत पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं को मौके पर भेजा। हादसा इतना भयंकर था कि टकराने के तुरंत बाद भयंकर आग लग गई। बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है, अभी तक प्रशासन संख्या स्पष्ट नहीं कर पाया। मुझे जानकारी मिली है कि लगभग पचास लोगों की मौत हुई है। जिनकी मौत हुई है उनके परिवार के लोगों को सरकार कम से कम 10 लाख रुपये मुआवजा दे। साथ ही ऐसे हादसे रोकने के कदम भी सरकार उठाए। कहा कि बस के परमिट था या नहीं, जांच होनी चाहिए। कहा कि ज्यादा सवारियां भराने के लिए बस को मॉडिफाई करवाना दुर्भाग्यपूर्ण है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गैरकानूनी तरीके से काम हो रहे हैं, इसीलिए हादसे होते रहते हैं।
जेएनयू मामले में भी उन्होंने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़े किया। कहा कि भाजपा के लोगों के इशारे पर जाति की जानकारी लेकर मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। जेएनयू में आए नकाबपोश भाजपा समर्थक थे लेकिन मुकदमा पीड़ितों पर दर्ज कर लिया गया। ऐसा उत्तर प्रदेश में भी हुआ। आरोप लगाया कि पढ़ने वाले बच्चों को पीटा जा रहा है। सीएए और एनआरसी मुद्दे पर अखिलेश ने कहा कि कागज ढूंढते रह जाओगे फॉर्म नहीं भर पाओगे। मिलने आए सपेरों की ओर इशारा करते हुए कहा कि इनके पास न जन्म प्रमाणपत्र है और ना ही घर, ये अपना कागज ढूंढते रह जाएंगे। कहा कि एनआरसीसी पूरे देश के खिलाफ है।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे रात में जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, तुरंत पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं को मौके पर भेजा। हादसा इतना भयंकर था कि टकराने के तुरंत बाद भयंकर आग लग गई। बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है, अभी तक प्रशासन संख्या स्पष्ट नहीं कर पाया। मुझे जानकारी मिली है कि लगभग पचास लोगों की मौत हुई है। जिनकी मौत हुई है उनके परिवार के लोगों को सरकार कम से कम 10 लाख रुपये मुआवजा दे। साथ ही ऐसे हादसे रोकने के कदम भी सरकार उठाए। कहा कि बस के परमिट था या नहीं, जांच होनी चाहिए। कहा कि ज्यादा सवारियां भराने के लिए बस को मॉडिफाई करवाना दुर्भाग्यपूर्ण है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में गैरकानूनी तरीके से काम हो रहे हैं, इसीलिए हादसे होते रहते हैं।
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जेएनयू मामले में भी उन्होंने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़े किया। कहा कि भाजपा के लोगों के इशारे पर जाति की जानकारी लेकर मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। जेएनयू में आए नकाबपोश भाजपा समर्थक थे लेकिन मुकदमा पीड़ितों पर दर्ज कर लिया गया। ऐसा उत्तर प्रदेश में भी हुआ। आरोप लगाया कि पढ़ने वाले बच्चों को पीटा जा रहा है। सीएए और एनआरसी मुद्दे पर अखिलेश ने कहा कि कागज ढूंढते रह जाओगे फॉर्म नहीं भर पाओगे। मिलने आए सपेरों की ओर इशारा करते हुए कहा कि इनके पास न जन्म प्रमाणपत्र है और ना ही घर, ये अपना कागज ढूंढते रह जाएंगे। कहा कि एनआरसीसी पूरे देश के खिलाफ है।
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