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दहेज हत्या में पति, सास व ससुर को सात-सात साल कैद
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इटावा। भरथना क्षेत्र के सिरकोरा गांव में करीब साढ़े पांच साल पहले हुई विवाहिता की दहेज हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट (विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट) पारुल श्रीवास्तव ने शुक्रवार को पति, सास व ससुर को सात-सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
दोषियों पर तीन-तीन हजार रुपये का अर्थ दंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र तिवारी ने बताया कि चकरनगर थाना क्षेत्र के ककरईया गांव की पूजा की शादी 6 मई 2013 को रवींद्र कुमार के साथ हुई थी।
रवींद्र भरथना के सिरकोरा गांव में रहता है। 5 जनवरी 2016 को पूजा का शव ससुराल में ही फांसी पर लटका पाया गया था। इस मामले में पूजा के भाई विमलेश कुमार ने बहनोई रवींद्र कुमार, उसके पिता लालता प्रसाद और मां द्रोपदी देवी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या की रिपोर्ट भरथना थाने में दर्ज कराई थी।
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आरोप था कि दहेज में भैंस, बाइक व सोने की जंजीर की मांग पूरी न होने पर आरोपियों ने पूजा की हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया है। पूजा ने भी परिजनों से ससुराल वालों के दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की थी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक, विवेचक ने मामले की विवेचना में आरोपियों पर लगे आरोपों का सही पाए गए। पति, सास व ससुर के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया।
इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट आठ (विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट) पारुल श्रीवास्तव की कोर्ट में चल रही थी। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने वादी व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनीं।
न्यायाधीश ने तीनों को दहेज हत्या का दोषी माना और सभी को सात-सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थ दंड भी लगाया है। दोषियाें की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
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दोषियों पर तीन-तीन हजार रुपये का अर्थ दंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र तिवारी ने बताया कि चकरनगर थाना क्षेत्र के ककरईया गांव की पूजा की शादी 6 मई 2013 को रवींद्र कुमार के साथ हुई थी।
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रवींद्र भरथना के सिरकोरा गांव में रहता है। 5 जनवरी 2016 को पूजा का शव ससुराल में ही फांसी पर लटका पाया गया था। इस मामले में पूजा के भाई विमलेश कुमार ने बहनोई रवींद्र कुमार, उसके पिता लालता प्रसाद और मां द्रोपदी देवी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या की रिपोर्ट भरथना थाने में दर्ज कराई थी।
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आरोप था कि दहेज में भैंस, बाइक व सोने की जंजीर की मांग पूरी न होने पर आरोपियों ने पूजा की हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया है। पूजा ने भी परिजनों से ससुराल वालों के दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की थी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक, विवेचक ने मामले की विवेचना में आरोपियों पर लगे आरोपों का सही पाए गए। पति, सास व ससुर के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया।
इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट आठ (विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट) पारुल श्रीवास्तव की कोर्ट में चल रही थी। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने वादी व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनीं।
न्यायाधीश ने तीनों को दहेज हत्या का दोषी माना और सभी को सात-सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थ दंड भी लगाया है। दोषियाें की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।