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दहेज हत्या में पति व ननद को 10 साल की कैद
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इटावा। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम शीरीन जैदी ने दहेज हत्या के मामले में दोषी पति और ननद को 10 साल की सजा सुनाई है। दोनों पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है। मामले के आरोपी जेठ और जेठानी को कोर्ट ने बरी कर दिया है।
अपर शासकीय अधिवक्ता तरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज कस्बा निवासी अशोक कुमार ने अपनी बहन साधना की शादी दस जून 1998 को अनिल कुमार गौर निवासी पहाड़ीपुर थाना रसूलाबाद कानपुर देहात हाल पता आवास विकास कालोनी इटावा के साथ की थी।
शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने 14 अक्टूबर 1998 को साधना की हत्या कर दी।
इस पर अशोक ने थाना सिविल लाइन थाने में मृतका के पति, जेठ विनय गौर, जेठानी पूनम देवी, सास शांति देवी और ननद गीता के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच कर आरोप पत्र सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश कर दिए।
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इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट प्रथम शीरीन जैदी ने की। सुनवाई की अवधि में सास शांति देवी की मौत हो गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने पति अनिल गौर व ननद गीता को दोषी पाया।
कोर्ट ने उन्हें 10-10 साल की सजा और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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अपर शासकीय अधिवक्ता तरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज कस्बा निवासी अशोक कुमार ने अपनी बहन साधना की शादी दस जून 1998 को अनिल कुमार गौर निवासी पहाड़ीपुर थाना रसूलाबाद कानपुर देहात हाल पता आवास विकास कालोनी इटावा के साथ की थी।
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शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने 14 अक्टूबर 1998 को साधना की हत्या कर दी।
इस पर अशोक ने थाना सिविल लाइन थाने में मृतका के पति, जेठ विनय गौर, जेठानी पूनम देवी, सास शांति देवी और ननद गीता के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच कर आरोप पत्र सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश कर दिए।
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इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट प्रथम शीरीन जैदी ने की। सुनवाई की अवधि में सास शांति देवी की मौत हो गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने पति अनिल गौर व ननद गीता को दोषी पाया।
कोर्ट ने उन्हें 10-10 साल की सजा और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।