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इटावा: फरवरी में 32 पारा, किसानों को फसलाें की चिंता
Sat, 18 Feb 2023 11:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Sat, 18 Feb 2023 11:54 PM IST
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बकेवर। फरवरी के मध्य में ही तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसके कारण गेहूं और सरसों की फसल करने वाले किसान चिंतित हैं। सिंचाई करके फसलों को बचाने में जुटे हैं।
इस साल गेहूं की फसल के साथ ही सरसों की पैदावार अच्छी होने की संभावना है लेकिन दो दिनों से तापमान में हो रही वृद्धि ने किसानों के सामने परेशानी खड़ी कर दी है। फरवरी के मध्य में ही दिन का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जबकि न्यूनतम तापमान भी 14 डिग्री सेल्सियस हो गया है। जो गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक है।
किसानों का कहना है कि जो तापमान मार्च के अंतिम दिनों में होता था, वह फरवरी में ही है। ज्यादा तापमान गेहूं की पैदावार पर विपरीत असर डालेगा।। गेहूं की फसल में अभी बालियां भी नहीं निकली हैं। किसान संतोष कुमार, राम लाल, सुरेश चंद्र, सुबोध कुमार ,मनोज कुमार ने कहा कि जिन किसानों के पास सिंचाई की व्यवस्था नहीं है, उनके लिए ज्यादा परेशानी है।
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इस साल गेहूं की फसल के साथ ही सरसों की पैदावार अच्छी होने की संभावना है लेकिन दो दिनों से तापमान में हो रही वृद्धि ने किसानों के सामने परेशानी खड़ी कर दी है। फरवरी के मध्य में ही दिन का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जबकि न्यूनतम तापमान भी 14 डिग्री सेल्सियस हो गया है। जो गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक है।
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किसानों का कहना है कि जो तापमान मार्च के अंतिम दिनों में होता था, वह फरवरी में ही है। ज्यादा तापमान गेहूं की पैदावार पर विपरीत असर डालेगा।। गेहूं की फसल में अभी बालियां भी नहीं निकली हैं। किसान संतोष कुमार, राम लाल, सुरेश चंद्र, सुबोध कुमार ,मनोज कुमार ने कहा कि जिन किसानों के पास सिंचाई की व्यवस्था नहीं है, उनके लिए ज्यादा परेशानी है।
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