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तेज रफ्तार ट्रक ने बालक को कुचला, हंगामा
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लखना सिंडौस मार्ग पर लकड़ी डालकर लगाया गया जाम
- फोटो : ETAWHA
चकरनगर। सहसों थानाक्षेत्र के लखना-सिंडौस मार्ग पर शुक्रवार सुबह सड़क पार कर रहे बालक को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में बालक की मौके पर ही मौत हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने परिजनों को मुआवजा व ट्रक चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया। साथ ही सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने आक्रोशित लोगों को समझाकर शांत कराया और जाम खुलवाया। करीब चार घंटे बाद यातायात व्यवस्था सुचारु हो सकी।
बकेवर थानाक्षेत्र के अंदावा मड़ैया निवासी रेशमा देवी गुरुवार को बेटे किशन (10) के साथ सिरसा गांव स्थित भाई के बेटे की जन्मदिन पार्टी में शामिल होने आई थी। शुक्रवार सुबह किशन मां के साथ टेंपो से सहसों गांव स्थित मौसी के घर जा रहा था। लखना-सिंडौस मार्ग पर दोनों टेंपो से उतर गए। मां-बेटे सड़क पार कर रहे थे, तभी लखना की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने किशन को कुचल दिया। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई और रेशमा बेसुध होकर सड़क पर गिर गई।
हादसे की सूचना पाकर परिवार और गांव के कई लोग मौके पर पहुंच गए। हादसे को अंजाम देने वाले ट्रक चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोशित लोगों ने लखना-सिंडौस मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। इससेे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। एसडीएम सत्यप्रकाश मिश्रा व सीओ चंद्रपाल सिंह ने मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की।
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अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देर जाम खुलवाया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। थाना प्रभारी मदन लाल गुप्ता ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शक के आधार पर एक ट्रक व चालक को पकड़ा गया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।
छिन गया रेशमा का इकलौता सहारा
किशन अपनी मां का इकलौता सहारा था। उसके पिता रामकेश की करीब एक साल पहले मौत हो गई थी। बेटे की मौत से गमजदा रेशमा ने रोते हुए कहा कि वह अपने जिगर के टुकड़े को कभी भी खुद से अलग नहीं करती थी। किशन के जिद करने पर ही वह उसे लेकर बहन के घर जा रही थी। बहन के घर के पास स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर में शिवरात्रि के अवसर पर मेला व दंगल का आयोजन था, जिसे किशन देखना चाहता था।
उसे नहीं पता था कि बेटे की जिद उसे हमेशा के लिए उससे दूर कर देगी। किशन के मौसा उपेंद्र कुमार यादव ने बताया कि लखना-सिंडौस मार्ग पर खनन से जुड़े भारी वाहन 24 घंटे तेज गति से गुजरते हैं। इनकी वजह से अक्सर इस मार्ग पर हादसे होते हैं। इसके बाद भी प्रशासनिक अफसर इन पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सड़क पर फैलाईं झाड़ियां
हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने जाम लगाने के लिए सड़क के दोनों तरफ कटीली झाड़ियां फैला दीं थी। ताकि कोई भी वाहन इधर से उधर न जा सके।
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बकेवर थानाक्षेत्र के अंदावा मड़ैया निवासी रेशमा देवी गुरुवार को बेटे किशन (10) के साथ सिरसा गांव स्थित भाई के बेटे की जन्मदिन पार्टी में शामिल होने आई थी। शुक्रवार सुबह किशन मां के साथ टेंपो से सहसों गांव स्थित मौसी के घर जा रहा था। लखना-सिंडौस मार्ग पर दोनों टेंपो से उतर गए। मां-बेटे सड़क पार कर रहे थे, तभी लखना की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने किशन को कुचल दिया। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई और रेशमा बेसुध होकर सड़क पर गिर गई।
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हादसे की सूचना पाकर परिवार और गांव के कई लोग मौके पर पहुंच गए। हादसे को अंजाम देने वाले ट्रक चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोशित लोगों ने लखना-सिंडौस मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। इससेे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। एसडीएम सत्यप्रकाश मिश्रा व सीओ चंद्रपाल सिंह ने मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की।
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अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देर जाम खुलवाया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। थाना प्रभारी मदन लाल गुप्ता ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शक के आधार पर एक ट्रक व चालक को पकड़ा गया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।
छिन गया रेशमा का इकलौता सहारा
किशन अपनी मां का इकलौता सहारा था। उसके पिता रामकेश की करीब एक साल पहले मौत हो गई थी। बेटे की मौत से गमजदा रेशमा ने रोते हुए कहा कि वह अपने जिगर के टुकड़े को कभी भी खुद से अलग नहीं करती थी। किशन के जिद करने पर ही वह उसे लेकर बहन के घर जा रही थी। बहन के घर के पास स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर में शिवरात्रि के अवसर पर मेला व दंगल का आयोजन था, जिसे किशन देखना चाहता था।
उसे नहीं पता था कि बेटे की जिद उसे हमेशा के लिए उससे दूर कर देगी। किशन के मौसा उपेंद्र कुमार यादव ने बताया कि लखना-सिंडौस मार्ग पर खनन से जुड़े भारी वाहन 24 घंटे तेज गति से गुजरते हैं। इनकी वजह से अक्सर इस मार्ग पर हादसे होते हैं। इसके बाद भी प्रशासनिक अफसर इन पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सड़क पर फैलाईं झाड़ियां
हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने जाम लगाने के लिए सड़क के दोनों तरफ कटीली झाड़ियां फैला दीं थी। ताकि कोई भी वाहन इधर से उधर न जा सके।