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...इसीलिए है सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा

Sat, 06 Jun 2015 11:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Sat, 06 Jun 2015 11:10 PM IST
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... Hence, Sare jhan se achca hindosta nhmara

‘हजरत आदम अलैहिस्सलाम के कदम भारत में पड़े थे। उन्होेंने यहां धर्म का प्रचार किया। इसीलिए तो है सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तां हमारा।’ यह बात किछौछा शरीफ के हजरत सैयद मुहम्मद हाशमी ने अजमत-ए-फतेह खैबर कांफ्रेंस में कही। उनकी तकरीर पर पूरा मैदान नारा-ए-तकबीर अल्लाह हु अकबर से गूंजता रहा।

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शुक्रवार की रात शहर के जीआईसी ग्राउंड पर कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इस मौके पर किछौछा शरीफ के हजरत सैयद मुहम्मद हाशमी की तकरीर सुनने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।
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तकरीर में उन्होंने कहा कि अल्लाह ने दुनिया में सवा लाख अंबियाओं (दूतों) को भेजा लेकिन मेराज में सिर्फ आखिरी नबी हजरत मुहम्मद (सअ) से ही अल्लाह से मुलाकात हुई। इससे पहले जिनते भी नबी हुए सभी ने अल्लाह की तरफ से मोअजजा दिखाया।
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उन्होंने कहा कि जिस तरह हजरत अली रजि अल्लाह ताला सभी के हैं उसी तरह आला हजरत भी सभी के हैं। उनको किसी एक फिरके में नहीं बांधा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि मुसलमानों को सुन्नत पर अमल करते हुए एकजुट होकर रहना चाहिए। मुसलमानों को एक दूसरे से लड़ना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि आपस में किसी तरह का भेदभाव नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुसलमान जो भी काम करें सबसे पहले बिस्मिल्लाह पढ़ें। इससे उनके काम में बरकत आएगी। उन्होंने कहा कि अगर हम बिस्मिल्लाह पढ़कर खाना खाएंगे तो शैतान भूख प्यास से तड़पता रहेगा। उन्होंने कहा कि शेर-ए-खुदा हजरत अली जब काबा शरीफ में पैदा हुए तो उन्होंने सबसे पहले चेहरा पैगंबर-ए-इस्लाम का देखा।

जलसे का आगाज तिलावते कुरान से किया गया। जलसे में भीड़ को देखते हुए तकरीर सुनने के लिए जगह-जगह एलसीडी लगाए गए थे। ख्वातीन के लिए अलग इंतजाम किया गया था। मौलाना हाशमी मियां को सुनने के लिए शहर ही नहीं आसपास के जिलों से भी हजारों लोग आए थे।

जलसे का एहतेमाम अंजुमन-ए-हुसैनिया के पदाधिकारियों ने किया था। इस मौके पर अंजुमन के सदर मुईनुद्दीन उर्फ गुड्डू मंसूरी ने सभी का शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर सैयद मुहम्मद अख्तर मियां, मौैलाना अबरार हुसैन, अब्दुर्रहमान, बब्लू मियां, सुलेमान हबीबी, अयूब अली आदि मौजूद रहे।

ऐसा लगा जैसे ईद हो
शुक्रवार को इशा की नमाज के बाद टोपी लगाए लोग जीआईसी मैदान की तरफ चल दिए। रास्तों में तो लग रहा था कि जैसे लोग टोपियों में ईद की नमाज पढ़ने के लिए ईदगाह जा रहे हों। भीड़ देखकर मौलाना ने भी कहा कि सैलाब आ गया। उन्होंने डी पर खाली जगह देख सभी को आगे बुला लिया।


कमेटियों ने लगाई सबील
जलसे में लोगों को शर्बत और पानी पिलाने के लिए स्टूडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी, दावत-ए-इस्लामी ने शर्बत और पानी की सबील लगाई।

तगड़ी रही सुरक्षा व्यवस्था
जलसे के दौरान भीड़ को देखते हुए काफी पुलिस फोर्स तैनात किया गया था। इसमें पुलिस के अलावा पीएसी व क्यूआरटी के जवान भी तैनात थे। सिटी मजिस्ट्रेट ईश्वरचंद्र, सीओ सिटी सिद्धार्थ वर्मा आदि भी मौजूद रहे। 

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