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Etawah News: बिना डॉक्टर घुटनों पर स्वास्थ्य सेवाएं

Sat, 11 Jul 2026 11:28 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2026 11:28 PM IST
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Healthcare services for knees without a doctor
फोटो 1: जिला अस्पताल में मरीजों को देखते डॉ. सौरभ यादव। संवाद
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फोटो 2: जिला अस्पताल की इमरजेंसी से रेफर होता मरीज। संवाद
प्वाइंटर
- 15 लाख की आबादी
- जिला अस्पताल समेत आठ सीएचसी व 28 पीएचसी संचालित
- 212 डाक्टरों में 117 तैनात, 95 पद खाली पड़े

कई सालों से फिजीशियन व विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा स्वास्थ्य विभाग
संविदा डॉक्टरों के भरोसे चल रही ओपीडी, जिला अस्पताल में हर रोज रेफर होते 20-22 मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। सरकारी अस्पतालों में दावों से इतर धरातल पर स्वास्थ्य सेवाएं घुटनों पर हैं। वजह डॉक्टरों की कमी। जिले की 15 लाख आबादी है। वहीं, जिला अस्पताल, आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में डॉक्टरों के स्वीकृत 212 पदों में से 95 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। जिला अस्पताल में स्थिति और भी गंभीर है, जहां रोजाना 20 से 22 गंभीर मरीजों को देखते ही डॉक्टर हाथ खड़े कर लेते हैं और उन्हें सीधे सैफई आयुर्विज्ञान विवि के लिए रेफर कर दिया जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक के अनुसार 30-50 हजार की आबादी के बीच एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और 80 हजार से 1.20 लाख की आबादी के बीच एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनाया जाता है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इसी मानक पर जिले में कुल 36 पीएचसी और सीएचसी का संचालन किया जा रहा है।
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वहीं, एक हजार की आबादी में एक डॉक्टर तैनात करने का नियम है। जिला अस्पताल समेत आठ सीएचसी व 28 पीएचसी केंद्रों पर 212 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। इसमें एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ से लेकर फिजीशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ, अधीक्षक व एमबीबीएस समेत संविदा डॉक्टर सम्मिलित हैं।
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स्वीकृत पद में से सिर्फ 117 डॉक्टरों की तैनाती है, जबकि अभी तक 95 डॉक्टरों के पद रिक्त चल रहे हैं। इससे शहर समेत ग्रामीण अंचलों से आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। डॉक्टरों के अभाव में उन्हें निजी डॉक्टर या झोलाछाप से महंगा इलाज करवाना पड़ रहा है। इसमें कई दफा मरीजों की जान तक चली जाती है।


केस 1: सड़क हादसे में घायल युवक को नहीं मिला इलाज

जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर खड़े सैफई जाने की तैयारी कर रहे जसवंतनगर के रहने वाले राम प्रकाश ने बताया उसके भाई का हाईवे पर एक्सीडेंट हो गया था। सिर में गंभीर चोट आई है। हम तुरंत जिला अस्पताल लेकर भागे कि जल्दी इलाज मिल जाएगा। लेकिन यहां डॉक्टरों ने देखते ही कह दिया कि सिर की चोट का कोई बड़ा डॉक्टर (न्यूरोसर्जन) नहीं है। पट्टी बांध दी और सैफई ले जाने का पर्चा हाथ में थमा दिया।


केस 2: सीने में दर्द से तड़पती रही महिला, रेफर

ओपीडी ब्लॉक के पास व्हीलचेयर पर बैठीं बुलाकीपुर्वा की 65 वर्षीय रामबेटी के बेटे अखिलेश कुमार ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा, कि अम्मा को सुबह से सीने में तेज दर्द और घबराहट हो रही थी। हम इन्हें सरकारी अस्पताल लेकर आए ताकि हृदय रोग विशेषज्ञ को दिखा सकें। यहां पता चला कि दिल का कोई डॉक्टर ही नहीं है। ड्यूटी पर मौजूद संविदा डॉक्टर ने थोड़ी देर देखा और फिर सैफई रेफर कर दिया। जब हर गंभीर बीमारी में मरीज को सैफई ही भेजना है, तो जिला अस्पताल का आने का क्या मतलब है।


जिला अस्पताल में सर्जन, फिजीशियन व हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं

संयुक्त जिला अस्पताल में लंबे अर्से से सर्जन, वरिष्ठ फिजीशियन, हृदय रोग व त्वचा रोग विशेषज्ञ की कमी है। इसको लेकर कई बार उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया गया, लेकिन अभी तक इन चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी है। इन रोगों के आने वाले मरीजों की गंभीर हालत देख उन्हें सैफई रेफर कर दिया जाता है।


तीन डॉक्टरों की जानी है तैनाती

अफसरों के लगातार पत्राचार कर एमबीबीएस, फिजीशियन व विशेषज्ञ चिकित्सकों की मांग की थी। अभी हाल में तीन डॉक्टरों की तैनाती जिले में की गई है। इसमें बकेवर के 50 शैया अस्पताल में ईएमओ के पद पर डॉ. शक्ति कुमार यादव को जिम्मेदारी दी है। इसके अलावा 100 शैया अस्पताल महिला विंग में डॉ. रुचि पटेल व जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज गुप्ता को तैनात किया गया है।


अधिकतर घायल व हृदय रोगी किए जाते रेफर

जिला अस्पताल में शहर समेत आसपास क्षेत्रों के नेशनल हाईवे व सड़क हादसों में घायल पहुंचते हैं। इसमें मामूली रूप से घायल को उपचार मिल जाता है। वहीं, सिर अन्य गंभीर चोट होने पर उन्हें तुरंत सैफई आयुर्विज्ञान विवि रेफर कर दिया जाता है। इसी तरह गंभीर हृदय रोगी आने पर विशेषज्ञ डॉक्टर न होने की बात कहकर रेफर कर देते हैं।



पांच दिनों में सैफई रेफर हुए मरीज

तिथि रेफर
सात जुलाई 19
आठ जुलाई 22
नौ जुलाई 21
10 जुलाई 18

11 जुलाई 19
वर्जन--
डॉक्टरों की काफी समय में कमी चल रही है। इसके लिए पिछले छह माह में तीन बार पत्राचार किया जा चुका है। अभी तक एक हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मिले हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की अभी तक तैनाती नहीं हो सकी है। जल्द ही इन विशेषज्ञों के मिलने पर यह दिक्कत दूर हो जाएगी।-डॉ. पारितोष शुक्ला, सीएमएस पुरुष जिला अस्पताल।
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