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बढ़पुरा थानाध्यक्ष और सिपाही को डेंगू
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इटावा। जिला अस्पताल में हुई जांच में शुक्रवार को चार और मरीज सामने आए हैं। बढ़पुरा थानाध्यक्ष और एक सिपाही भी डेंगू की चपेट में हैं। डेंगू के मरीजों की संख्या 27 पहुंच गई है।
जिला अस्पताल की पैथालॉजी के वरिष्ठ टेक्नीशियन एके दुबे ने बताया कि शुक्रवार को शिव कालोनी रामनगर निवासी प्रिया, अजीतनगर निवासी सौम्या, राधावल्लभ, शिवम, मोहिनी और अर्चना की जांच की गई।
इन मरीजों में डेंगू के प्रारंभिक लक्षण पाए गए हैं। प्रिया और मोहिनी दो दिन से अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती थीं। जांच के बाद दोनों को डेंगू वार्ड में भर्ती कराया दिया गया है। चार मरीज दूसरे अस्पतालों में चले गए हैं।
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डेंगू वार्ड में भर्ती मोहिनी ने बताया कि तीन दिन से बुखार आ रहा है, कमर के पास दर्द रहता है। 23 अक्तूबर को इमरजेंसी में भर्ती हुई थीं। गुरुवार को डेंगू वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
प्रिया को भी गुरुवार को ही डेंगू वार्ड में शिफ्ट किया गया। प्लेटलेंट्स काफी कम हैं। डेंगू वार्ड में कई दिन से भर्ती अनुज और भूमि को शुक्रवार सुबह चिकित्सा विवि सैफई रेफर कर दिया गया। रोहिणी और शैलू अभी भर्ती हैं।
उधर, बढ़पुरा थानाध्यक्ष अंजन कुमार सिंह भी डेंगू की चपेट में आ गए हैं। उन्होंने बताया कि 21 तारीख को तेज बुखार आया। इटावा में निजी अस्पताल में जांच कराने पर डेंगू की पुष्टि हुई। वहीं इलाज करा रहे हैं। प्लेटसलेट्स काफी कम हो गई हैं। डॉक्टर ने आराम की सलाह दी है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि थाने का सिपाही अशोक कुमार भी डेंगू की चपेट में है। वह पंद्रह दिन पहले बुखार की चपेट में आया था। उसका भी निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ.अजय शर्मा ने मरीजों को सलाह दी है कि बुखार आने पर, सिरदर्द जुकाम होने पर चिकित्सक को दिखाएं। डेंगू के मच्छर साफ पानी में पनपतें हैं। इनसे बचने के लिए पूरे बांह के कपड़े और पैरों में जूते पहनें।
जिला मलेरिया विभाग के प्रभारी नीरज दुबे ने बताया कि शुक्रवार की सुबह प्रभु का अड्डा व रामनगर मे टीम भेजकर एंटी लार्वा का छिड़काव करवाया है। बताया नालियों में गंदगी भरी हुई है खाली स्थानों पर गोबर के ढेर लगे हैं।
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जिला अस्पताल की पैथालॉजी के वरिष्ठ टेक्नीशियन एके दुबे ने बताया कि शुक्रवार को शिव कालोनी रामनगर निवासी प्रिया, अजीतनगर निवासी सौम्या, राधावल्लभ, शिवम, मोहिनी और अर्चना की जांच की गई।
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इन मरीजों में डेंगू के प्रारंभिक लक्षण पाए गए हैं। प्रिया और मोहिनी दो दिन से अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती थीं। जांच के बाद दोनों को डेंगू वार्ड में भर्ती कराया दिया गया है। चार मरीज दूसरे अस्पतालों में चले गए हैं।
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डेंगू वार्ड में भर्ती मोहिनी ने बताया कि तीन दिन से बुखार आ रहा है, कमर के पास दर्द रहता है। 23 अक्तूबर को इमरजेंसी में भर्ती हुई थीं। गुरुवार को डेंगू वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
प्रिया को भी गुरुवार को ही डेंगू वार्ड में शिफ्ट किया गया। प्लेटलेंट्स काफी कम हैं। डेंगू वार्ड में कई दिन से भर्ती अनुज और भूमि को शुक्रवार सुबह चिकित्सा विवि सैफई रेफर कर दिया गया। रोहिणी और शैलू अभी भर्ती हैं।
उधर, बढ़पुरा थानाध्यक्ष अंजन कुमार सिंह भी डेंगू की चपेट में आ गए हैं। उन्होंने बताया कि 21 तारीख को तेज बुखार आया। इटावा में निजी अस्पताल में जांच कराने पर डेंगू की पुष्टि हुई। वहीं इलाज करा रहे हैं। प्लेटसलेट्स काफी कम हो गई हैं। डॉक्टर ने आराम की सलाह दी है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि थाने का सिपाही अशोक कुमार भी डेंगू की चपेट में है। वह पंद्रह दिन पहले बुखार की चपेट में आया था। उसका भी निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ.अजय शर्मा ने मरीजों को सलाह दी है कि बुखार आने पर, सिरदर्द जुकाम होने पर चिकित्सक को दिखाएं। डेंगू के मच्छर साफ पानी में पनपतें हैं। इनसे बचने के लिए पूरे बांह के कपड़े और पैरों में जूते पहनें।
जिला मलेरिया विभाग के प्रभारी नीरज दुबे ने बताया कि शुक्रवार की सुबह प्रभु का अड्डा व रामनगर मे टीम भेजकर एंटी लार्वा का छिड़काव करवाया है। बताया नालियों में गंदगी भरी हुई है खाली स्थानों पर गोबर के ढेर लगे हैं।