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सड़क किनारे हैंड ग्रेनेड मिलने से सनसनी
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फोटो संख्या 18 बम की सूचना पर पहुंचे सीओ भरथना चंद्रप्रकाश सिंह, बकेवर थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश ?
- फोटो : ETAWHA
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थाना क्षेत्र के नगला बरी गांव के पास बुधवार को सड़क किनारे झाड़ियों में हैंड ग्रेनेड मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर कई थानों की फोर्स के साथ आसपास के गांवों से भीड़ जुट गई।
पुलिस अफसरों का कहना है कि ग्रेनेड कई साल पुराना है। लंबे समय से जमीन पर पड़े रहने से जंग लग गया है। इस वजह से मार्का पता नहीं चल सका। जांच के लिए उसे कानपुर स्थित बम निरोधक यूनिट को भेजा गया है।
थाना क्षेत्र नगला बरी गांव के पास बुधवार सुबह मनरेगा के मजदूर सिंगौली से गुलाबपुरा गांवों को जाने वाली सड़क पर सफाई कर रहे थे।
मजदूर नाले के किनारे उगी झाड़ियों को साफ करते समय अचानक एक मजदूर के फावड़े से कोई लोहे की चीज टकराई। उसने उसे उठा लिया। उस पर लगी मिट्टी को हटाने के बाद पता चला कि वह हैंड ग्रेनेड है।
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मजदूरों ने सफाई करा रहे ठेकेदार राजेश यादव को इसकी जानकारी दी। ठेकेदार ने पुलिस को सूचना दी। सीओ भरथना चंद्रप्रकाश सिंह, बकेवर थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह, हल्का प्रभारी केपी सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने हैंड ग्रेनेड को अपने कब्जे में ले लिया। तब तक एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह और बम निरोधक दस्ता भी मौके पर पहुंच गया।
पुलिस इस बात की छानबीन कर रही है कि यह हैंड ग्रेनेड झाड़ियों में कैसे पहुंचा और कहां से लाया गया है। एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह ने बताया कि बरामद हैंड ग्रेनेड को जांच के लिए कानपुर की 37 पीएसी बटालियन भेजा जा रहा है। हैंड ग्रेनेड जंग लगा काफी पुराना और मिट्टी में दबा रहा है।
ग्रेनेड मिलने की जानकारी मिलते लोग कानपुर कांड से इसे जोड़कर चर्चाएं करने लगे। स्थानीय लोग कयास लगाने लगे कि आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद अपराधी विकास दुबे और उसके साथी इसी रास्ते भागे और उनका बम गिर गया।
लेकिन पुलिस ने जब बम के कई साल पुराने होने पुष्टि की तो चर्चाओं का रुख बदल गया। अब लोगों का कहना है कि पुराने समय में बीहड़ के डकैतों का बकेवर इलाके में अक्सर आना-जाना रहता था। उसी दौरान किसी गैंग का बम यहां गिरकर पड़ा रह गया होगा।
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पुलिस अफसरों का कहना है कि ग्रेनेड कई साल पुराना है। लंबे समय से जमीन पर पड़े रहने से जंग लग गया है। इस वजह से मार्का पता नहीं चल सका। जांच के लिए उसे कानपुर स्थित बम निरोधक यूनिट को भेजा गया है।
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थाना क्षेत्र नगला बरी गांव के पास बुधवार सुबह मनरेगा के मजदूर सिंगौली से गुलाबपुरा गांवों को जाने वाली सड़क पर सफाई कर रहे थे।
मजदूर नाले के किनारे उगी झाड़ियों को साफ करते समय अचानक एक मजदूर के फावड़े से कोई लोहे की चीज टकराई। उसने उसे उठा लिया। उस पर लगी मिट्टी को हटाने के बाद पता चला कि वह हैंड ग्रेनेड है।
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मजदूरों ने सफाई करा रहे ठेकेदार राजेश यादव को इसकी जानकारी दी। ठेकेदार ने पुलिस को सूचना दी। सीओ भरथना चंद्रप्रकाश सिंह, बकेवर थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह, हल्का प्रभारी केपी सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने हैंड ग्रेनेड को अपने कब्जे में ले लिया। तब तक एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह और बम निरोधक दस्ता भी मौके पर पहुंच गया।
पुलिस इस बात की छानबीन कर रही है कि यह हैंड ग्रेनेड झाड़ियों में कैसे पहुंचा और कहां से लाया गया है। एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह ने बताया कि बरामद हैंड ग्रेनेड को जांच के लिए कानपुर की 37 पीएसी बटालियन भेजा जा रहा है। हैंड ग्रेनेड जंग लगा काफी पुराना और मिट्टी में दबा रहा है।
ग्रेनेड मिलने की जानकारी मिलते लोग कानपुर कांड से इसे जोड़कर चर्चाएं करने लगे। स्थानीय लोग कयास लगाने लगे कि आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद अपराधी विकास दुबे और उसके साथी इसी रास्ते भागे और उनका बम गिर गया।
लेकिन पुलिस ने जब बम के कई साल पुराने होने पुष्टि की तो चर्चाओं का रुख बदल गया। अब लोगों का कहना है कि पुराने समय में बीहड़ के डकैतों का बकेवर इलाके में अक्सर आना-जाना रहता था। उसी दौरान किसी गैंग का बम यहां गिरकर पड़ा रह गया होगा।