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Etawah News: अब डेढ़ घंटे में पहुंचेंगे ग्वालियर, इटावा-ग्वालियर हाईवे होगा फोरलेन
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इटावा। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच सफर अब पहले से कहीं अधिक तेज और सुगम होने जा रहा है। इटावा से ग्वालियर तक चार लेन का 117 किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जाएगा। करीब 5,400 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भेजी जा चुकी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि इस साल के अंत तक हाईवे के चौड़ीकरण का काम शुरू हो जाएगा।
फोरलेन बनने के बाद इटावा से ग्वालियर तक का सफर करीब डेढ़ घंटे में पूरा हो सकेगा। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में लगभग तीन घंटे का समय लगता है। नई सड़क बनने से ग्वालियर, भिंड और इटावा के लाखों लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने के साथ ही व्यापार, परिवहन और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी । एनएचएआई ने पूरे प्रोजेक्ट को दो हिस्सों में बांटा है। पहले चरण में ग्वालियर के पुरानी छावनी स्थित अटल द्वार से पृथ्वीपुर गांव तक लगभग 77 किलोमीटर फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। दूसरे चरण में पृथ्वीपुर गांव से उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित बरही गांव तक शेष मार्ग का चौड़ीकरण होगा। सड़क की कुल चौड़ाई डिवाइडर सहित लगभग 45 मीटर होगी।
परियोजना के तहत मप्र के मालनपुर, भिंड, फूप और मेहगांव में नए बाईपास बनाए जाएंगे। इन बाईपास के बनने से भारी वाहनों को शहरों के अंदर से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे जाम कम लगेगा, दुर्घटनाओं की आशंका घटेगी और स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी। लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों के लिए भी यात्रा अधिक सुगम और तेज हो जाएगी।
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इटावा जिले में चंबल नदी तक पहले से फोरलेन पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। ग्वालियर की ओर से बनने वाला नया फोरलेन इसी पुल से जोड़ा जाएगा। इससे दोनों राज्यों के बीच निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगा। सड़क संपर्क बेहतर होने से औद्योगिक क्षेत्रों तक माल ढुलाई भी कम समय में हो सकेगी। इटावा-ग्वालियर मार्ग उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस हाईवे से प्रतिदिन करीब सात हजार वाहन गुजरते हैं। मौजूदा समय में सड़क संकरी होने और कई स्थानों पर अधिक ट्रैफिक के कारण जाम की समस्या बनी रहती है। इसके चलते कई बार बड़ी दुर्घटनाएं भी हो जाती है। फोरलेन बनने के बाद यातायात क्षमता बढ़ेगी और यात्रा अधिक सुरक्षित होगी।
इस परियोजना के पूरा होने से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच सड़क संपर्क मजबूत होगा। इटावा, भिंड और ग्वालियर के बीच आवागमन आसान होने से व्यापार, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही किसानों, व्यापारियों और आम यात्रियों को समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। अधिकारियों का मानना है कि फोरलेन हाईवे क्षेत्रीय विकास के लिए एक महत्वपूर्ण आधार साबित होगा।
वर्जन
ग्वालियर-इटावा नेशनल हाईवे के फोरलेन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए डीपीआर बनाकर भेज दी गई है। नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण होने से यात्रा सुगम होने के साथ ही दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। प्रयास यही है कि अगले दो माह में हाईवे पर काम शुरू हो जाएगा।
भरत सिंह जोइया, पीडी, एनएचएआई ग्वालियर
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फोरलेन बनने के बाद इटावा से ग्वालियर तक का सफर करीब डेढ़ घंटे में पूरा हो सकेगा। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में लगभग तीन घंटे का समय लगता है। नई सड़क बनने से ग्वालियर, भिंड और इटावा के लाखों लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने के साथ ही व्यापार, परिवहन और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी । एनएचएआई ने पूरे प्रोजेक्ट को दो हिस्सों में बांटा है। पहले चरण में ग्वालियर के पुरानी छावनी स्थित अटल द्वार से पृथ्वीपुर गांव तक लगभग 77 किलोमीटर फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। दूसरे चरण में पृथ्वीपुर गांव से उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित बरही गांव तक शेष मार्ग का चौड़ीकरण होगा। सड़क की कुल चौड़ाई डिवाइडर सहित लगभग 45 मीटर होगी।
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परियोजना के तहत मप्र के मालनपुर, भिंड, फूप और मेहगांव में नए बाईपास बनाए जाएंगे। इन बाईपास के बनने से भारी वाहनों को शहरों के अंदर से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे जाम कम लगेगा, दुर्घटनाओं की आशंका घटेगी और स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी। लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों के लिए भी यात्रा अधिक सुगम और तेज हो जाएगी।
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इटावा जिले में चंबल नदी तक पहले से फोरलेन पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। ग्वालियर की ओर से बनने वाला नया फोरलेन इसी पुल से जोड़ा जाएगा। इससे दोनों राज्यों के बीच निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगा। सड़क संपर्क बेहतर होने से औद्योगिक क्षेत्रों तक माल ढुलाई भी कम समय में हो सकेगी। इटावा-ग्वालियर मार्ग उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस हाईवे से प्रतिदिन करीब सात हजार वाहन गुजरते हैं। मौजूदा समय में सड़क संकरी होने और कई स्थानों पर अधिक ट्रैफिक के कारण जाम की समस्या बनी रहती है। इसके चलते कई बार बड़ी दुर्घटनाएं भी हो जाती है। फोरलेन बनने के बाद यातायात क्षमता बढ़ेगी और यात्रा अधिक सुरक्षित होगी।
इस परियोजना के पूरा होने से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच सड़क संपर्क मजबूत होगा। इटावा, भिंड और ग्वालियर के बीच आवागमन आसान होने से व्यापार, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही किसानों, व्यापारियों और आम यात्रियों को समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। अधिकारियों का मानना है कि फोरलेन हाईवे क्षेत्रीय विकास के लिए एक महत्वपूर्ण आधार साबित होगा।
वर्जन
ग्वालियर-इटावा नेशनल हाईवे के फोरलेन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए डीपीआर बनाकर भेज दी गई है। नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण होने से यात्रा सुगम होने के साथ ही दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। प्रयास यही है कि अगले दो माह में हाईवे पर काम शुरू हो जाएगा।
भरत सिंह जोइया, पीडी, एनएचएआई ग्वालियर