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पेट में पट्टी छोड़ने के मामले में चार डॉक्टर दोषी

Wed, 17 Mar 2021 11:44 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Mar 2021 11:44 PM IST
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Four doctors convicted for leaving a bandage in the stomach
इटावा। ऑपरेशन के दौरान रिंकी के पेट में पट्टी छूटने के मामले की जांच कर रही डॉक्टरों की तीन सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट सीएमओ डॉ. एनएस तोमर को सौंप दी है। सीएमओ के मुताबिक जांच में समिति ने चार डॉक्टरों को प्रथम दृष्टया दोषी पाया है। सीएमओ गुरुवार को लखनऊ जाकर महिला बाल समिति को पूरे मामले की जानकारी देंगे। साथ ही जांच रिपोर्ट भी सौंपेंगे। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच एडीएम जयप्रकाश कर रहे हैं।
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जसवंत नगर कोतवाली क्षेत्र के भगवानपुरा निवासी नरेश की गर्भवती पत्नी रिंकी का 7 अप्रैल 2020 को इटावा के सिविल लाइंस स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। बेटे को जन्म देने के बाद रिंकी के पेट में दर्द बना रहता था। सितंबर में असहनीय दर्द होने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में दिखाया। यहां सीटी स्कैन से पेट में पट्टी होने का पता चला।
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यह ऑपरेशन के दौरान छूट गई थी। इसके बाद नरेश फिर पत्नी को लेकर उसी अस्पताल गए तो भगा दिया गया। जिला अस्पताल और सैफई मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने के बाद नरेश पत्नी को अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां रिंकी के पेट से पट्टी निकलवाई। डीएम के आदेश पर मामले की एडीएम व सीएमओ की टीम ने जांच शुरू की। इसी दौरान रिंकी की मौत हो गई।
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यह खबर अमर उजाला में 24 जनवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी। इसके बाद सीएमओ ने मामले को संज्ञान में लेकर डाक्टरों तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। इसमें शामिल डिप्टी सीएमओ डॉ. अवधेश यादव, सर्जन डॉ. पीयूष तिवारी व रेडियोलॉजिस्ट डॉ. परितोष ने मामले की गहनता से जांच की।
बुधवार को सीएमओ ने बताया कि डॉक्टरों ने अपनी जांच रिपोर्ट पिछले दिनों उन्हें सौंप दी है। रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया बलराम चौराहा स्थित डॉ. ममता गुप्ता हॉस्पिटल सर्जरी करने के लिए अवैध माना गया। अस्पताल प्रबंधन ने ऑपरेशन थियेटर चलाने की अनुमति सीएमओ कार्यालय से नहीं ली थी। रिंकी के ऑपरेशन करने वाले डॉ. मनोज ने पूर्ण या अंशकालिक इस हास्पिटल में मरीजों के देखने की अनुमति सीएमओ से नहीं ली थी।
इतना ही नहीं मामले में अलीगढ़ के डॉ. मलखान ने अपनी रिपोर्ट में रिंकी के पेट में पट्टी छोड़े जाने का जिक्र नहीं किया। जबकि जिला अस्पताल में हुए सीटी स्कैन की रिपोर्ट में रिंकी के पेट में पट्टी होने का बात सामने आई है।

सीएमओ के मुताबिक मामले में प्रथम दृष्टया डॉ. ममता गुप्ता हॉस्पिटल के संचालक वीके गुप्ता, डॉ. अदिति गुप्ता, डॉ. मनोज कुमार व अलीगढ़ के डॉ. मलखान दोषी पाए गए हैं। वहीं, मामले को संज्ञान में लेकर महिला बाल समिति ने रिपोर्ट मांगी है। इसे लेकर वह गुरुवार को लखनऊ जाएंगे।
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