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इटावाः वन विभाग घर-घर पहुंचाएगा गिलोय के पौधे
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इटावा। कोरोना महामारी के दौरान गिलोय की बढ़ती डिमांड को देखते हुए वन विभाग गिलोय के पौधों की नर्सरी तैयार करा रहा है। विभाग की इन पौधों को घर-घर पहुंचाने की योजना है। इसके लिए लोगों में प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। विभाग ऐसे तमाम औषधीय पौधों की नर्सरी तैयार कर रहा है जो कोरोना जैसी महामारियों से बचाने में मददगार हो सकते हैं।
जिला वन अधिकारी राजेश सिंह वर्मा ने बताया कि कोरोना से बचने के लिए डॉक्टरों और अयुर्वेदाचार्यों ने गिलोय का काढ़ा पीने का सुझाव दिया। इसके बाद से इस जंगली बेल की खूब डिमांड बढ़ी। लोग बाग-बगीचों से गिलोय लाकर उपयोग कर रहे हैं। लोगों तक इसे सुलभता से पहुंचाने के लिए इसकी नर्सरी तैयार की जा रही है। इसके साथ ही नीम के पौधे भी तैयार किए जा रहे हैं।
बड़े किसानों को नीम की बागवानी के साथ गिलोय लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। शहरी क्षेत्र के लोगों को गमले में लगाने के लिए गिलोय के पौधे दिए जाएंगे। डीएफओ ने बताया कि इस साल वन महोत्सव में जिले भर में 4145780 पौधे लगाने का लक्ष्य था। इसमें 2650900 पौधे वन विभाग और 1549098 पेड़ अन्य विभागों को लगाना था। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में 4199998 पौधे लगाए गए। इनमें मुख्य रुप से नीम, बबूल, पीपल, अर्जुन, बालमखीरा और सहजन जैसे गुणकारी पौधे शामिल हैं।
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हर पौधे का महत्व समझाएगा वन विभाग
डीएफओ का कहना है कि कोरोना महामारी में आयुर्वेदिक औषधीय पौधों को लगाने और उसके बारे में जानने के प्रति लोगों की रुचि बढ़ी है। इसे देखते हुए दुर्लभ औषधीय पौधों को विकसित किया जा रहा है। इन पौधों के लिए शहरी क्षेत्र के आसपास खाली पड़ी जमीनों पर हर्बल गार्डन बनाने की योजना है। इनमें पौधों के साथ उनकी गुणवत्ता और उपयोगिता की जानकारी लिखी जाएगी। गार्डन से जानकारी लेने के बाद लोग अपनी रुचि के अनुसार पौधे का चयन करके उसे घरों में लगा सकेंगे।
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जिला वन अधिकारी राजेश सिंह वर्मा ने बताया कि कोरोना से बचने के लिए डॉक्टरों और अयुर्वेदाचार्यों ने गिलोय का काढ़ा पीने का सुझाव दिया। इसके बाद से इस जंगली बेल की खूब डिमांड बढ़ी। लोग बाग-बगीचों से गिलोय लाकर उपयोग कर रहे हैं। लोगों तक इसे सुलभता से पहुंचाने के लिए इसकी नर्सरी तैयार की जा रही है। इसके साथ ही नीम के पौधे भी तैयार किए जा रहे हैं।
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बड़े किसानों को नीम की बागवानी के साथ गिलोय लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। शहरी क्षेत्र के लोगों को गमले में लगाने के लिए गिलोय के पौधे दिए जाएंगे। डीएफओ ने बताया कि इस साल वन महोत्सव में जिले भर में 4145780 पौधे लगाने का लक्ष्य था। इसमें 2650900 पौधे वन विभाग और 1549098 पेड़ अन्य विभागों को लगाना था। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में 4199998 पौधे लगाए गए। इनमें मुख्य रुप से नीम, बबूल, पीपल, अर्जुन, बालमखीरा और सहजन जैसे गुणकारी पौधे शामिल हैं।
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हर पौधे का महत्व समझाएगा वन विभाग
डीएफओ का कहना है कि कोरोना महामारी में आयुर्वेदिक औषधीय पौधों को लगाने और उसके बारे में जानने के प्रति लोगों की रुचि बढ़ी है। इसे देखते हुए दुर्लभ औषधीय पौधों को विकसित किया जा रहा है। इन पौधों के लिए शहरी क्षेत्र के आसपास खाली पड़ी जमीनों पर हर्बल गार्डन बनाने की योजना है। इनमें पौधों के साथ उनकी गुणवत्ता और उपयोगिता की जानकारी लिखी जाएगी। गार्डन से जानकारी लेने के बाद लोग अपनी रुचि के अनुसार पौधे का चयन करके उसे घरों में लगा सकेंगे।