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Etawah News: बढ़ने लगा आई फ्लू, जिला अस्पताल में रोजाना आ रहे 35 मरीज
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संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा/निवाड़ीकला। आंखों का संक्रमण बढ़ने की वजह से लोग एक दूसरे से नजरें मिलाने में डर रहे हैं। बावजूद इसके परिवार के किसी एक सदस्य के आंखों का संक्रमण होते ही अन्य सदस्य भी इस समस्या से ग्रसित हो रहे हैं। इसमें सभी उम्र के लोग हैं, बच्चे, युवा व महिलाएं सभी शामिल हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ.गौरव द्विवेदी ने बताया कि रोजाना करीब 100 मरीजों की ओपीडी में 30 से 35 मरीज आई फ्लू (आंखों के संक्रमण) से ग्रसित आ रहे हैं। आई फ्लू बारिश से पहले और बारिश के दौरान अपने पांव पसारता है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतनें की जरूरत है। बचाव के लिए तौलिया अलग रखें, बार-बार आंख को न छुएं, दिन में तीन-चार बार साफ पानी के छीटें मारते रहें। आई फ्लू से ग्रसित व्यक्तियों से आंख मिलाकर बात करने से बचें और चश्मा लगाकर रखें।
डॉ.गौरव द्विवेदी ने लोगों को सलाह दी कि आंखों में लालिमा होने पर देर न करें, तत्काल नेत्र चिकित्सक को दिखाएं। जिससे राहत मिल सके। आंख को हाथों से मसलने से बचें। अपनी ओर से कोई भी ऐसा काम न करें, बिना किसी चिकित्सक को दिखाएं खुद से दवा न लें, जिससे आंखों की समस्या बढ़े, इसके लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर नेत्र रोग चिकित्सक से परीक्षण अवश्य कराएं।
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महेवा सीएचसी में रोजाना आ रहे 15 मरीज
निवाड़ीकला प्रतिनिधि। महेवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रोजाना 100 से अधिक मरीज अन्य बीमारियों के आ रहे हैं, जिनमें लगभग 15 मरीज आंखों की समस्या वाले ही हैं। सीएचसी में नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं हैं, लेकिन फिर भी अन्य डॉक्टर मरीजों को दवाएं और बीमारी से बचाव के परामर्श दे रहे हैं।
अधीक्षक डाॅ. गौरव त्रिपाठी ने बताया कि बदलते मौसम की वजह से आंखों में वायरल कंजंक्टिवाइटिस नामक बीमारी फैल रही है। इसका मुख्य लक्षण आंखों में गीलापन और कीचड़ रहता है। इसके अलावा एलर्जी कंजंक्टिवाइटिस में मरीज को आंखों में खुजली, लालपन, सुबह नींद से उठने पर दोनों पलकें चिपकी मिलती हैं। ज्यादा समय तक कॉन्टेक्ट लेंस लगाये रखने से भी आंखों पर असर पड़ सकता है। आंखों की इस बीमारी से बचाव के लिए दवा के साथ-साथ एहतियात बरतनी जरूरी है।
इन बातों का रखें ध्यान
बारिश से बचें, आंखों को रगड़े नहीं। तेज धूप में चश्मा लगाकर ही निकलें। इस तरह के लक्षणों वाले मरीजों के संपर्क से बचें। तौलिया आदि की शेयरिंग न करें। स्विमिंग पूल में न जाएं। आंखों को बार-बार न छुएं। डॉक्टरों की सलाह पर ही आई ड्रॉप डालें। आंखों को सही रखने के लिए हरी सब्जियों का सेवन करें। कम से कम सात से आठ घंटे की नींद जरूर लें।
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इटावा/निवाड़ीकला। आंखों का संक्रमण बढ़ने की वजह से लोग एक दूसरे से नजरें मिलाने में डर रहे हैं। बावजूद इसके परिवार के किसी एक सदस्य के आंखों का संक्रमण होते ही अन्य सदस्य भी इस समस्या से ग्रसित हो रहे हैं। इसमें सभी उम्र के लोग हैं, बच्चे, युवा व महिलाएं सभी शामिल हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ.गौरव द्विवेदी ने बताया कि रोजाना करीब 100 मरीजों की ओपीडी में 30 से 35 मरीज आई फ्लू (आंखों के संक्रमण) से ग्रसित आ रहे हैं। आई फ्लू बारिश से पहले और बारिश के दौरान अपने पांव पसारता है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतनें की जरूरत है। बचाव के लिए तौलिया अलग रखें, बार-बार आंख को न छुएं, दिन में तीन-चार बार साफ पानी के छीटें मारते रहें। आई फ्लू से ग्रसित व्यक्तियों से आंख मिलाकर बात करने से बचें और चश्मा लगाकर रखें।
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डॉ.गौरव द्विवेदी ने लोगों को सलाह दी कि आंखों में लालिमा होने पर देर न करें, तत्काल नेत्र चिकित्सक को दिखाएं। जिससे राहत मिल सके। आंख को हाथों से मसलने से बचें। अपनी ओर से कोई भी ऐसा काम न करें, बिना किसी चिकित्सक को दिखाएं खुद से दवा न लें, जिससे आंखों की समस्या बढ़े, इसके लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर नेत्र रोग चिकित्सक से परीक्षण अवश्य कराएं।
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महेवा सीएचसी में रोजाना आ रहे 15 मरीज
निवाड़ीकला प्रतिनिधि। महेवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रोजाना 100 से अधिक मरीज अन्य बीमारियों के आ रहे हैं, जिनमें लगभग 15 मरीज आंखों की समस्या वाले ही हैं। सीएचसी में नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं हैं, लेकिन फिर भी अन्य डॉक्टर मरीजों को दवाएं और बीमारी से बचाव के परामर्श दे रहे हैं।
अधीक्षक डाॅ. गौरव त्रिपाठी ने बताया कि बदलते मौसम की वजह से आंखों में वायरल कंजंक्टिवाइटिस नामक बीमारी फैल रही है। इसका मुख्य लक्षण आंखों में गीलापन और कीचड़ रहता है। इसके अलावा एलर्जी कंजंक्टिवाइटिस में मरीज को आंखों में खुजली, लालपन, सुबह नींद से उठने पर दोनों पलकें चिपकी मिलती हैं। ज्यादा समय तक कॉन्टेक्ट लेंस लगाये रखने से भी आंखों पर असर पड़ सकता है। आंखों की इस बीमारी से बचाव के लिए दवा के साथ-साथ एहतियात बरतनी जरूरी है।
इन बातों का रखें ध्यान
बारिश से बचें, आंखों को रगड़े नहीं। तेज धूप में चश्मा लगाकर ही निकलें। इस तरह के लक्षणों वाले मरीजों के संपर्क से बचें। तौलिया आदि की शेयरिंग न करें। स्विमिंग पूल में न जाएं। आंखों को बार-बार न छुएं। डॉक्टरों की सलाह पर ही आई ड्रॉप डालें। आंखों को सही रखने के लिए हरी सब्जियों का सेवन करें। कम से कम सात से आठ घंटे की नींद जरूर लें।