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बुखार से तीन महिलाओं समेत पांच की मौत
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इटावा/लवेदी/बकेवर/जसवंतनगर/चकरनगर। जिले में डेंगू व वायरल बुखार से लोगों की मौतों का सिलसिला जारी है। बकेवर, जसवंतनगर, लवेदी और चकरनगर इलाके में तीन महिलाओं समेत पांच लोगों की बुखार से मौत हो गई, जबकि कई लोग बीमार हैं, जिनका सरकारी व निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है। तमाम लोग घरों में चारपाई पर पड़े हैं।
खास बात यह है कि जिले में अब तक न जाने कितने लोगों की बुखार और डेंगू से मौत हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में एक भी मौत बुखार या डेंगू ने होना नहीं दर्शाया गया है।
लवेदी क्षेत्र के ग्राम पंचायत ईकरी के मजरा उग्गरपुरा गांव में डेंगू व वायरल बुखार फैला है। गांव में घर-घर लोग बीमार हैं। बुखार से गांव के हरगोविंद कुशवाहा उर्फ पप्पू दूधिया की पत्नी गीता देवी (40) की इटावा के एक निजी अस्पताल में बुधवार की देर रात बुखार से मौत हो गई।
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उन्हें कई दिनों से तेज बुखार आ रहा था। स्थानीय निजी डॉक्टरों के इलाज के फायदा न होने पर उन्हें नर्सिग होम में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक जांच में गीता को डेंगू की पुष्टि हुई थी।
गीता की बेटी सोनम व बेटा अंकित डेंगू की चपेट में है। दोनों का इटावा शहर के डॉ. मनोज यादव के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। गांव के चिंटू भदौरिया के बेटे रिषभ व अभिषेक भदौरिया डेंगू से पीड़ित हैं।
दोनों का इटावा शहर में डॉ. बंसल क्लीनिक पर उपचार चल रहा है। डेंगू से पीड़ित प्रहलाद सिंह कुशवाहा, मुलायम सिंह, उनकी पत्नी सुधा देवी व बेटी गुनगुन इटावा शहर के शाक्या हास्पिटल में भर्ती हैं।
इसके अलावा रजनी देवी, उनका बेटा दीपांशु, शिवनाथ का बेटा कन्हैया, जोगेश, उसका भाई बबलू का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। गांव के संजय, उनके बेटे अर्पित, गोल्डी समृद्ध हास्पिटल इटावा में भर्ती हैं।
इसी तरह डेंगू से पीड़ित गांव के ही हिमांशु, राकेश, धर्म सिंह, सीमा, उनकी बेटी रिया का बकेवर स्थित व्यासपुरा के पास एक डॉक्टर से इलाज चल रहा है।
गांव की मालती देवी, सुखबासी , रामकली भी इटावा के निजी अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। इन सभी को डेंगू की पुष्टि हुई है। बकेवर क्षेत्र के बिजौली गांव निवासी आशाराम शर्मा की पत्नी सियादुलारी (68) को तीन दिनों से तेज बुखार आ रहा था।
परिजनों ने उन्हें निजी क्लीनिक में दिखाया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। बुधवार को सियादुलारी की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, सियादुलारी को जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी।
इसी बिजौली गांव में अब तक 9 लोगों की मौत डेंगू व वायरल बुखार से हो चुकी हैं। इसमें तीन बच्चे शामिल हैं, जबकि 100 से ज्यादा लोग बीमार हैं। मासूम की बुखार से तीन घंटे में मौत
चकरनगर कस्बे के तलैया बस्ती में एक साल के हर्ष की तेज बुखार के चलते तीन घंटे के भीतर मौत हो गई। गांव के इरफान अली ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह वह बेटे हर्ष को घर पर खेलता हुआ छोड़ कर गए थे।
दोपहर में उसकी तबीयत बिगड़ गई। तेज बुखार आया। पत्नी के सूचना देने पर वह फौरन घर पहुंचे और बेटे को इलाज के लिए लखना सीएचसी ले जा रहे थे। उसी दौरान टकरूपुर गांव के सामने हर्ष की सांसें थम गईं।
उधर, जसवंतनगर क्षेत्र के नगला हुलासी गांव निवासी गौरव शाक्य की गर्भवती पत्नी राधा देवी (28) की सैफई यूनिवर्सिटी में बुखार से मौत हो गई। राधा के पेट में पल रहे आठ माह के शिशु की भी मौत हो गई। गांव में 100 से ज्यादा लोग बीमार बताए जा रहे हैं।
उधर, भूमि संरक्षण अधिकारी राष्ट्रीय जलागम कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ सहायक अश्वनी कुमार की डेंगू से मौत हो गई। उनका कानपुर के रीजेंसी हॉस्पिटल में उपचार चल रहा था। अश्वनी का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को देर शाम उनके निवास विजय नगर लाया गया।
उनकी मौत की सूचना पर विभाग के कर्मचारियों, रिश्तेदारों व परिचितों को घर में सांत्वना देने के लिए पहुंचने का सिलसिला रात तक चलता रहा। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को सुबह 10 बजे जमुना घाट पर किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग को और मौतों का इंतजार
बिजौली निवासी कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष मनोज दीक्षित ने बताया कि उनके गांव में बीमारी फैली हुई है। स्वास्थ्य विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। पिछले दो सप्ताह में नौ लोगों की मौत हो चुकी है।
100 से ज्यादा लोग बीमार है। करीब हर घर में एक न एक व्यक्ति बीमार है। स्वास्थ्य विभाग और मौत होने का इंतजार कर रहा है।
गंदगी का अंबार, बजबजा रहीं नालियां
ग्रामीण का कहना है कि नालियों की साफ-सफाई काफी समय से नहीं हुई है। इससे मच्छर जनित बीमारियों ने पांव पसारे हैं। गांव में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
बारिश का पानी भरा है, जबकि संचारी रोग अभियान स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चलाया जा रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग एंटी लार्वा दवा का छिड़काव नहीं कराया है।
मौसम में बदलाव से बीमारियां भी बढ़ीं
बकेवर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव चलते बीमारियों में इजाफा हो गया है। लखना पीएचसी, रामाधीन शर्मा हॉस्पिटल पर आम दिनों की अपेक्षा ओपीडी में 25 से 50 फीसदी मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं।
50 शैय्या अस्पताल बकेवर में हर रोज एक सैकड़ा से अधिक नए मरीज आ रहे हैं। 50 शैय्या अस्पताल के चिकित्सक डॉ. संजय आनंद ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 100 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए आ रहे हैं।
सुबह से ही मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। लखना पीएचसी प्रभारी डॉ. विनोद झा ने बताया कि इन दिनों ओपीडी में करीब 30 फीसदी से ज्यादा मरीज वायरल बुखार से आ रहे हैं। मरीजों की ब्लड व स्वास्थ्य की जांच करने के बाद ही उन्हें दवाएं दी जा रही है।
सावधानी बरतते हुए करें बचाव
बकेवर। पीएचसी प्रभारी डॉ. विनोद झा ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ बीमारियां बढ़ रही है। सावधानी बरत कर इनसे खुद को बचाया जा सकता है। गुनगुने पानी का पीने में प्रयोग करें। पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
घरों के आसपास पानी एकत्र न होने दें। मच्छरों को आसपास के क्षेत्र में न पनपने दें। बुखार, नजला या जुकाम समेत अन्य समस्याएं हैं, तो घबराने के बजाय डाक्टर से संपर्क करना चाहिए।
एक सप्ताह से अधिक खांसी होने पर डाक्टरों के निर्देश पर एक्सरे व बुखार होने पर ब्लड आदि की जांच करा लेनी चाहिए।
सैफई में डेंगू के 28 मरीज भर्ती
सैफई। मेडिकल यूनिवर्सिटी की ओपीडी में बृहस्पतिवार को बुखार के 69 मरीज देखे गए, जबकि डेंगू के 28 नए मरीज भर्ती किए गए। चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को अस्पताल से डेंगू के 24 मरीजों की छुट्टी की गई।
वर्तमान में 58 डेंगू के मरीज भर्ती हैं। इटावा के डेंगू के 14 नए मरीज भर्ती हुए, जबकि 13 डेंगू मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इटावा के वर्तमान में 37 डेंगू मरीज भर्ती हैं। इसके अलावा औरैया, फिरोजाबाद, मैनपुरी व एटा समेत आसपास के जिलों के मरीज यहां भर्ती हैं।
डेंगू संदिग्ध 48 मरीज मिले
जिला अस्पताल की ओपीडी उपचार के लिए 967 मरीज आए। इनमें बुखार से 165 मरीजों की किट से जांच की गई, जबकि, 48 मरीजों के ब्लड सैंपल जांच के लिए मेडिकल यूनिवर्सिटी सैफई भेजे गए हैं।
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खास बात यह है कि जिले में अब तक न जाने कितने लोगों की बुखार और डेंगू से मौत हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में एक भी मौत बुखार या डेंगू ने होना नहीं दर्शाया गया है।
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लवेदी क्षेत्र के ग्राम पंचायत ईकरी के मजरा उग्गरपुरा गांव में डेंगू व वायरल बुखार फैला है। गांव में घर-घर लोग बीमार हैं। बुखार से गांव के हरगोविंद कुशवाहा उर्फ पप्पू दूधिया की पत्नी गीता देवी (40) की इटावा के एक निजी अस्पताल में बुधवार की देर रात बुखार से मौत हो गई।
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उन्हें कई दिनों से तेज बुखार आ रहा था। स्थानीय निजी डॉक्टरों के इलाज के फायदा न होने पर उन्हें नर्सिग होम में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक जांच में गीता को डेंगू की पुष्टि हुई थी।
गीता की बेटी सोनम व बेटा अंकित डेंगू की चपेट में है। दोनों का इटावा शहर के डॉ. मनोज यादव के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। गांव के चिंटू भदौरिया के बेटे रिषभ व अभिषेक भदौरिया डेंगू से पीड़ित हैं।
दोनों का इटावा शहर में डॉ. बंसल क्लीनिक पर उपचार चल रहा है। डेंगू से पीड़ित प्रहलाद सिंह कुशवाहा, मुलायम सिंह, उनकी पत्नी सुधा देवी व बेटी गुनगुन इटावा शहर के शाक्या हास्पिटल में भर्ती हैं।
इसके अलावा रजनी देवी, उनका बेटा दीपांशु, शिवनाथ का बेटा कन्हैया, जोगेश, उसका भाई बबलू का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। गांव के संजय, उनके बेटे अर्पित, गोल्डी समृद्ध हास्पिटल इटावा में भर्ती हैं।
इसी तरह डेंगू से पीड़ित गांव के ही हिमांशु, राकेश, धर्म सिंह, सीमा, उनकी बेटी रिया का बकेवर स्थित व्यासपुरा के पास एक डॉक्टर से इलाज चल रहा है।
गांव की मालती देवी, सुखबासी , रामकली भी इटावा के निजी अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। इन सभी को डेंगू की पुष्टि हुई है। बकेवर क्षेत्र के बिजौली गांव निवासी आशाराम शर्मा की पत्नी सियादुलारी (68) को तीन दिनों से तेज बुखार आ रहा था।
परिजनों ने उन्हें निजी क्लीनिक में दिखाया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। बुधवार को सियादुलारी की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, सियादुलारी को जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी।
इसी बिजौली गांव में अब तक 9 लोगों की मौत डेंगू व वायरल बुखार से हो चुकी हैं। इसमें तीन बच्चे शामिल हैं, जबकि 100 से ज्यादा लोग बीमार हैं। मासूम की बुखार से तीन घंटे में मौत
चकरनगर कस्बे के तलैया बस्ती में एक साल के हर्ष की तेज बुखार के चलते तीन घंटे के भीतर मौत हो गई। गांव के इरफान अली ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह वह बेटे हर्ष को घर पर खेलता हुआ छोड़ कर गए थे।
दोपहर में उसकी तबीयत बिगड़ गई। तेज बुखार आया। पत्नी के सूचना देने पर वह फौरन घर पहुंचे और बेटे को इलाज के लिए लखना सीएचसी ले जा रहे थे। उसी दौरान टकरूपुर गांव के सामने हर्ष की सांसें थम गईं।
उधर, जसवंतनगर क्षेत्र के नगला हुलासी गांव निवासी गौरव शाक्य की गर्भवती पत्नी राधा देवी (28) की सैफई यूनिवर्सिटी में बुखार से मौत हो गई। राधा के पेट में पल रहे आठ माह के शिशु की भी मौत हो गई। गांव में 100 से ज्यादा लोग बीमार बताए जा रहे हैं।
उधर, भूमि संरक्षण अधिकारी राष्ट्रीय जलागम कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ सहायक अश्वनी कुमार की डेंगू से मौत हो गई। उनका कानपुर के रीजेंसी हॉस्पिटल में उपचार चल रहा था। अश्वनी का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को देर शाम उनके निवास विजय नगर लाया गया।
उनकी मौत की सूचना पर विभाग के कर्मचारियों, रिश्तेदारों व परिचितों को घर में सांत्वना देने के लिए पहुंचने का सिलसिला रात तक चलता रहा। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को सुबह 10 बजे जमुना घाट पर किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग को और मौतों का इंतजार
बिजौली निवासी कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष मनोज दीक्षित ने बताया कि उनके गांव में बीमारी फैली हुई है। स्वास्थ्य विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। पिछले दो सप्ताह में नौ लोगों की मौत हो चुकी है।
100 से ज्यादा लोग बीमार है। करीब हर घर में एक न एक व्यक्ति बीमार है। स्वास्थ्य विभाग और मौत होने का इंतजार कर रहा है।
गंदगी का अंबार, बजबजा रहीं नालियां
ग्रामीण का कहना है कि नालियों की साफ-सफाई काफी समय से नहीं हुई है। इससे मच्छर जनित बीमारियों ने पांव पसारे हैं। गांव में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
बारिश का पानी भरा है, जबकि संचारी रोग अभियान स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चलाया जा रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग एंटी लार्वा दवा का छिड़काव नहीं कराया है।
मौसम में बदलाव से बीमारियां भी बढ़ीं
बकेवर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव चलते बीमारियों में इजाफा हो गया है। लखना पीएचसी, रामाधीन शर्मा हॉस्पिटल पर आम दिनों की अपेक्षा ओपीडी में 25 से 50 फीसदी मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं।
50 शैय्या अस्पताल बकेवर में हर रोज एक सैकड़ा से अधिक नए मरीज आ रहे हैं। 50 शैय्या अस्पताल के चिकित्सक डॉ. संजय आनंद ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 100 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए आ रहे हैं।
सुबह से ही मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। लखना पीएचसी प्रभारी डॉ. विनोद झा ने बताया कि इन दिनों ओपीडी में करीब 30 फीसदी से ज्यादा मरीज वायरल बुखार से आ रहे हैं। मरीजों की ब्लड व स्वास्थ्य की जांच करने के बाद ही उन्हें दवाएं दी जा रही है।
सावधानी बरतते हुए करें बचाव
बकेवर। पीएचसी प्रभारी डॉ. विनोद झा ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ बीमारियां बढ़ रही है। सावधानी बरत कर इनसे खुद को बचाया जा सकता है। गुनगुने पानी का पीने में प्रयोग करें। पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
घरों के आसपास पानी एकत्र न होने दें। मच्छरों को आसपास के क्षेत्र में न पनपने दें। बुखार, नजला या जुकाम समेत अन्य समस्याएं हैं, तो घबराने के बजाय डाक्टर से संपर्क करना चाहिए।
एक सप्ताह से अधिक खांसी होने पर डाक्टरों के निर्देश पर एक्सरे व बुखार होने पर ब्लड आदि की जांच करा लेनी चाहिए।
सैफई में डेंगू के 28 मरीज भर्ती
सैफई। मेडिकल यूनिवर्सिटी की ओपीडी में बृहस्पतिवार को बुखार के 69 मरीज देखे गए, जबकि डेंगू के 28 नए मरीज भर्ती किए गए। चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को अस्पताल से डेंगू के 24 मरीजों की छुट्टी की गई।
वर्तमान में 58 डेंगू के मरीज भर्ती हैं। इटावा के डेंगू के 14 नए मरीज भर्ती हुए, जबकि 13 डेंगू मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इटावा के वर्तमान में 37 डेंगू मरीज भर्ती हैं। इसके अलावा औरैया, फिरोजाबाद, मैनपुरी व एटा समेत आसपास के जिलों के मरीज यहां भर्ती हैं।
डेंगू संदिग्ध 48 मरीज मिले
जिला अस्पताल की ओपीडी उपचार के लिए 967 मरीज आए। इनमें बुखार से 165 मरीजों की किट से जांच की गई, जबकि, 48 मरीजों के ब्लड सैंपल जांच के लिए मेडिकल यूनिवर्सिटी सैफई भेजे गए हैं।