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Etawah News: सरकारी दफ्तरों में आग से बचाव के इंतजाम धुआं
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इटावा। सरकारी तंत्र ही जब नियमों को ठेंगा दिखाने लगे, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे ही रह जाती है। जिले में सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय को छोड़ दिया जाए, तो जिले का शायद ही कोई ऐसा सरकारी महकमा होगा जिसके पास फायर ब्रिगेड की एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) हो। हालात इस कदर बदतर हैं कि विकास भवन, जिला अस्पताल समेत अन्य बड़े सरकारी दफ्तरों में अग्निशमन के खाली डिब्बे किसी बड़े हादसे को खुली दावत दे रहे हैं। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि प्रदेश या अन्य राज्य में आग लगने की सूरत में अग्निशमन विभाग जांच के बाद सालभर सिर्फ नोटिस भेजने और कागजी लिखापढ़ी की रस्म अदायगी करने में ही मशगूल रहता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि अगर कल को कोई बड़ा हादसा हो गया, तो कार्रवाई की गाज किस पर गिरेगी? लखनऊ में कोचिंग सेंटर में आग की घटना के बाद अग्निशमन विभाग ने कुछ निजी प्रतिष्ठान तो चेक किए, लेकिन सरकारी दफ्तरों पर ध्यान नहीं दिया। जिले के अधिकांश सरकारी दफ्तरों में आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल करते हुए खबर-- -
संयुक्त जिला अस्पताल में फरवरी 2025 में फायर सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए तीन करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। इसमें अभी तक 50 फीसदी की काम पूरा हो सका है। बाकी का काम बजट के अभाव में कई माह तक अधूरा पड़ा है। पुरुष जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. पारितोष शुक्ला ने बताया कि मार्च में बजट मिल गया था। इसको यूपीपीसीएल कंपनी को स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके बाद भी काम में तेजी नहीं आ पा रही है। कंपनी के दो-तीन की कर्मी काम कर हैं, जिसकी वजह से कछुआ गति से काम हो रहा है। कंपनी के अधिकारियों को पत्राचार कर काम में तेजी लाने का प्रयास किया जाएगा। इससे जल्द से जल्द फायर सिस्टम का काम पूरा हो सके।
एआरटीओ कार्यालय
कलक्ट्रेट परिसर में बने एआरटीओ कार्यालय में हर रोज लोगों की भीड़भाड़ रहती है। परिसर में पुराने अभिलेख भी रखे रहते हैं। कार्यालय में जाने के लिए पतली गली ही रास्ता है। परिसर में आग बुझाने के लिए कोई उपकरण नहीं लगे हैं। एआरटीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि अग्निशमन यंत्र व पानी व बालू की बाल्टी रखवाने के लिए निजी ठेकेदार से बातचीत हुई है। जल्द ही कार्यालय में अग्निशमन यंत्र लगवा दिए जाएंगे।
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जिला पूर्ति कार्यालय
कलक्ट्रेट परिसर स्थित जिला पूर्ति कार्यालय है। कार्यालय में जिले भर से नए राशन कार्ड बनवाने, राशन कार्ड में यूनिट कटवाने, शामिल कराने, राशन डीलर की शिकायत करने लोग पहुंचते हैं। कार्यालय के कमरों में लोगों की भीड़ मौजूद रहती है। अग्निशमन विभाग के अनुसार, आग लगने की स्थित में कार्यालय परिसर में बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में किसी बड़ी घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
विकास भवन के पास नहीं एनओसी
अग्निशमन विभाग के अनुसार, विकास भवन के पास एनओसी नहीं है। इसके लिए कई बार विभागीय अफसरों को पत्राचार दिया जा चुका है लेकिन उन्होंने अभी तक एनओसी नहीं ली है। विकास भवन में ग्राउंड व प्रथम तल पर 20 से अधिक विभाग संचालित हैं। ऐसे में हर रोज यहां 100 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी के अलावा इतने से अधिक फरियादियों का आना जाना लगा रहता है। इसके अलावा प्रेरणा सभागार में लगाए अग्निशमन यंत्रों को सालों से नहीं चलाया गया है। ऐसे में उनमें काफी धूल जमी हुई है।
कोट--
सरकारी कार्यालयों में अग्निशमन यंत्र लगाना जरूरी है। इस संबंध में शासन के निर्देश भी हैं। सैफई आयुर्विज्ञान विवि छोड़कर किसी सरकारी विभाग की एनओसी नहीं है। अगर किसी कार्यालय में अग्निशमन यंत्र नहीं लगे हैं तो जानकारी कराई जाएगी। संबंधित विभाग अथवा कार्यालय अध्यक्ष को पत्र भी लिखा जाएगा।
-सत्येंद्र पांडे, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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संयुक्त जिला अस्पताल में फरवरी 2025 में फायर सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए तीन करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। इसमें अभी तक 50 फीसदी की काम पूरा हो सका है। बाकी का काम बजट के अभाव में कई माह तक अधूरा पड़ा है। पुरुष जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. पारितोष शुक्ला ने बताया कि मार्च में बजट मिल गया था। इसको यूपीपीसीएल कंपनी को स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके बाद भी काम में तेजी नहीं आ पा रही है। कंपनी के दो-तीन की कर्मी काम कर हैं, जिसकी वजह से कछुआ गति से काम हो रहा है। कंपनी के अधिकारियों को पत्राचार कर काम में तेजी लाने का प्रयास किया जाएगा। इससे जल्द से जल्द फायर सिस्टम का काम पूरा हो सके।
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एआरटीओ कार्यालय
कलक्ट्रेट परिसर में बने एआरटीओ कार्यालय में हर रोज लोगों की भीड़भाड़ रहती है। परिसर में पुराने अभिलेख भी रखे रहते हैं। कार्यालय में जाने के लिए पतली गली ही रास्ता है। परिसर में आग बुझाने के लिए कोई उपकरण नहीं लगे हैं। एआरटीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि अग्निशमन यंत्र व पानी व बालू की बाल्टी रखवाने के लिए निजी ठेकेदार से बातचीत हुई है। जल्द ही कार्यालय में अग्निशमन यंत्र लगवा दिए जाएंगे।
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जिला पूर्ति कार्यालय
कलक्ट्रेट परिसर स्थित जिला पूर्ति कार्यालय है। कार्यालय में जिले भर से नए राशन कार्ड बनवाने, राशन कार्ड में यूनिट कटवाने, शामिल कराने, राशन डीलर की शिकायत करने लोग पहुंचते हैं। कार्यालय के कमरों में लोगों की भीड़ मौजूद रहती है। अग्निशमन विभाग के अनुसार, आग लगने की स्थित में कार्यालय परिसर में बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में किसी बड़ी घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
विकास भवन के पास नहीं एनओसी
अग्निशमन विभाग के अनुसार, विकास भवन के पास एनओसी नहीं है। इसके लिए कई बार विभागीय अफसरों को पत्राचार दिया जा चुका है लेकिन उन्होंने अभी तक एनओसी नहीं ली है। विकास भवन में ग्राउंड व प्रथम तल पर 20 से अधिक विभाग संचालित हैं। ऐसे में हर रोज यहां 100 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी के अलावा इतने से अधिक फरियादियों का आना जाना लगा रहता है। इसके अलावा प्रेरणा सभागार में लगाए अग्निशमन यंत्रों को सालों से नहीं चलाया गया है। ऐसे में उनमें काफी धूल जमी हुई है।
कोट
सरकारी कार्यालयों में अग्निशमन यंत्र लगाना जरूरी है। इस संबंध में शासन के निर्देश भी हैं। सैफई आयुर्विज्ञान विवि छोड़कर किसी सरकारी विभाग की एनओसी नहीं है। अगर किसी कार्यालय में अग्निशमन यंत्र नहीं लगे हैं तो जानकारी कराई जाएगी। संबंधित विभाग अथवा कार्यालय अध्यक्ष को पत्र भी लिखा जाएगा।
-सत्येंद्र पांडे, मुख्य अग्निशमन अधिकारी