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पिता की भावुक अपील, बच्चों को बिना हेलमेट न जाने दें

Sat, 12 Mar 2022 12:02 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Mar 2022 12:02 AM IST
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Father's sentimental appeal, don't let children go without helmet
चकरनगर। यातायात नियमों की अनदेखी कभी-कभी एक साथ कई परिवारों को जिंदगी भर दर्द दे जाती है। पिछले साल 22 नवंबर को डिभौली यमुना पुल पर कुछ ऐसा ही हादसा हुआ। वैन चालक की गलती से तीन घरों के चिराग बुझ गए थे। लापरवाही बाइक सवार युवकों की भी थी। एक तो बाइक पर तीन लोग सवार थे, दूसरा किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। इन जान गंवाने वाले इन युवकों में से एक के पिता ने लोगों से भावक अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चे को बाइक से भेजें तो उन्हें हेलमेट जरूर पहनाएं।
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लगभग चार महीने पहले डिभौली यमुना सेतु पर नगला जोर गांव के तीन युवक बाइक से बकेवर कोचिंग पढ़ने जा रहे थे। लखना रोड पर भिंड की तरफ से तेज रफ्तार वैन आ रही थी।
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वैन ने यमुना पुल पर इनकी बाइक को टक्कर मार दी थी। हादसे में इन तीनों की मौत हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि युवकों ने हेलमेट लगाया होता तो शायद बच भी जाते।
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इनके घरों में सब कुछ बेरंग सा हो गया। मृतकों के दोस्त भी दुखी हैं। पिछली बार होली में सभी ने मिलकर मौज मस्ती की थी जो अब दुनिया में नहीं है।
हादसे में जान गंवाने वाले विवेक के दिव्यांग पिता छोटेलाल बेटे को याद करके रोने लगते हैं। कहते हैं कि बेटे को मारुति वैन की ठोकर ने छीन लिया।
बकौल छोटेलाल पैरालिसिस से हौसला नहीं टूटा था, लेकिन बेटे की मौत से वह जीते जी मर गए। मृतक अभिषेक के पिता संतोष राठौर सिसकते हुए कहते हैं कि उन्होंने बेटा खोया है।
अब लोगों से बस यही प्रार्थना है कि अपने बच्चे को बिना हेलमेट के कभी भी बाइक लेकर न जाने दें। सड़कों पर दौड़ते अंधाधुंध वाहन मौत बनकर चल रहे हैं।
मृतक अनिकेत के पिता अनिल यादव बेटे की मौत से गहरे सदमे में हैं। मजदूरी करके बेटे को उच्च शिक्षा दिलाकर सरकारी नौकरी में भेजना चाहते थे।
हादसे ने बेटे को छीन कर उनकी जिंदगी बेरंग कर दी है। अनिल कहते हैं कि तेज रफ्तार गाड़ी चलाने वालों पर पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं करती। जिससे लोगों की जान बचाई जा सके।

पुलिस क्षेत्राधिकारी राकेश वशिष्ठ कहते हैं कि यातायात नियमों का पालन करते हुए निर्धारित स्पीड पर वाहन चलाने वाले कभी भी हादसे का शिकार नहीं होते हैं।
छोटे-बड़े वाहनों के सभी चालकों को सोचना चाहिए कि वाहन सुविधा के लिए होता है, तेज रफ्तार चलाकर जिंदगी खोने व छीनने के लिए नहीं है।
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