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Etawah News: फसल बचाने के लिए ठंडी रातों में जाग रहे किसान
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निवाड़ीकला (इटावा)। कड़ाके की ठंड में किसान मवेशियों से फसलें बचाने के लिए खेतों में रतजगा कर रहे हैं। नजर चूकते ही मवेशी खेत में घुसकर फसल चर जाते हैं।
ब्लॉक महेवा क्षेत्र में गेहूं की फसल बढ़ोत्तरी पर है और सरसों में फूल आ चुके हैं। किसान धर्मेंद्र सिंह, राहुल कुमार, संजय कुमार, अंकुर दीक्षित ने बताया कि फसलें बचाने के लिए खेतों में रहता पड़ता है।
किसान , शिवस्वरूप, ब्रजपाल सिंह ने बताया कि कईं गोशालाएं संचालित होने के बावजूद सैकड़ों मवेशी छुट्टा घूम रहे हैं। ये गोवंश निवाड़ीकला प्राचीन मंदिर के आसपास, इंद्रावखी झाबर बगिया में, अहेरीपुर-बकेवर मार्ग के किनारे और गांव के मुख्य मार्ग पर डेरा जमाए रहते हैं। इससे सड़क से गुजरना मुश्किल हो जाता है।
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राधाकृष्ण, सुभाषचंद, शिवकुमार, जयवीर, शनि, महावीर, योगेश कुमार ने जिलाधिकारी से छुट्टा मवेशी गोशालाओं में भिजवाने की मांग की है।
इनसेट...
बोल किसान.....
फोटो:29- किसान राजीव दीक्षित।
निवाड़ीकला के किसान राजीव दीक्षित ने बताया कि प्रदेश सरकार ने छुट्टा पशुओं के लिए कई योजना बनाई हैं। जगह-जगह गोशालाएं खुली हैं। लेकिन छुट्टा पशुओं से किसानों को निजात नहीं मिल रही। ये मवेशी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
फोटो:30- किसान रामवरन।
किसान रामवरन ने बताया कि गेहूं की बुआई की है। पहले एक बीघा में पांच से छह क्विंटल गेहूं होता था। अब दो से ढाई क्विंटल ही हो पा रहा है। अगर छुट्टा गोवंश की यही स्थिति रही तो किसानों को फसलों की लागत भी निकलनी मुश्किल हो जाएगी।
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ब्लॉक महेवा क्षेत्र में गेहूं की फसल बढ़ोत्तरी पर है और सरसों में फूल आ चुके हैं। किसान धर्मेंद्र सिंह, राहुल कुमार, संजय कुमार, अंकुर दीक्षित ने बताया कि फसलें बचाने के लिए खेतों में रहता पड़ता है।
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किसान , शिवस्वरूप, ब्रजपाल सिंह ने बताया कि कईं गोशालाएं संचालित होने के बावजूद सैकड़ों मवेशी छुट्टा घूम रहे हैं। ये गोवंश निवाड़ीकला प्राचीन मंदिर के आसपास, इंद्रावखी झाबर बगिया में, अहेरीपुर-बकेवर मार्ग के किनारे और गांव के मुख्य मार्ग पर डेरा जमाए रहते हैं। इससे सड़क से गुजरना मुश्किल हो जाता है।
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राधाकृष्ण, सुभाषचंद, शिवकुमार, जयवीर, शनि, महावीर, योगेश कुमार ने जिलाधिकारी से छुट्टा मवेशी गोशालाओं में भिजवाने की मांग की है।
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बोल किसान.....
फोटो:29- किसान राजीव दीक्षित।
निवाड़ीकला के किसान राजीव दीक्षित ने बताया कि प्रदेश सरकार ने छुट्टा पशुओं के लिए कई योजना बनाई हैं। जगह-जगह गोशालाएं खुली हैं। लेकिन छुट्टा पशुओं से किसानों को निजात नहीं मिल रही। ये मवेशी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
फोटो:30- किसान रामवरन।
किसान रामवरन ने बताया कि गेहूं की बुआई की है। पहले एक बीघा में पांच से छह क्विंटल गेहूं होता था। अब दो से ढाई क्विंटल ही हो पा रहा है। अगर छुट्टा गोवंश की यही स्थिति रही तो किसानों को फसलों की लागत भी निकलनी मुश्किल हो जाएगी।