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Etawah News: गेम आईडी खरीदने के नाम पर 2.60 लाख की ठगी, पिता-पुत्र समेत तीन गिरफ्तार
Sun, 18 Oct 2026 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Sun, 18 Oct 2026 12:34 AM IST
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फोटो 18:: पुलिस गिरफ्त में आरोपी। संवाद
इटावा। फ्री फायर गेम की लोकप्रिय आईडी हासिल कर उससे लाखों रुपये कमाने की साजिश रचने वाले पिता-पुत्र समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बिहार के युवकों को गेम आईडी खरीदने के बहाने इटावा बुलाया और 2.60 लाख रुपये का भुगतान किए बिना उनकी आईडी अपने कब्जे में ले ली थी। सिविल लाइन व बढ़पुरा पुलिस ने शुक्रवार रात लायन सफारी रोड पर ठंडी पुलिया के पास से तीनों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से दो तमंचे, एक अधिया, चार कारतूस, दो मोबाइल, 850 रुपये और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद हुई।
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में बढ़पुरा क्षेत्र के धमना निवासी देवेंद्र भदौरिया और उसका बेटा ओपेंद्र भदौरिया व बाहुरी निवासी अभिराम शामिल हैं। अभिराम दिन में करीब आठ घंटे गेम खेलता था। उसने अंशु कुमार की गेम आईडी देखी थी, जिसके काफी फॉलोअर्स हैं। इस आईडी से विज्ञापन प्रचार के जरिये भी कमाई होती थी। आरोपी आईडी अपने कब्जे में लेकर उससे लाखों रुपये कमाना चाहते थे।
अभिराम ने ओपेंद्र और देवेंद्र के साथ मिलकर साजिश रची थी। बिहार के बक्सर के पुराना भोजपुर निवासी अंशु कुमार ने 15 अक्तूबर को सिविल लाइन थाने में तहरीर दी थी। उसने बताया कि आरोपियों ने फ्री फायर गेम आईडी खरीदने के लिए फोन कर उसे इटावा बुलाया था। आरोपियों ने अपना नाम आर्यन और साथी का नाम अंकित बताया व भरोसा जीतने के लिए ट्रेन का टिकट भी बुक कराया। अंशु अपने दो साथियों के साथ इटावा रेलवे स्टेशन पहुंचा।
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फोन पर भेजी गई लोकेशन के आधार पर वह नगर पालिका जेई आवास के सामने पौधशाला के पास पहुंचा। यहां आरोपियों ने उसकी गेम आईडी अपने मोबाइल में ट्रांसफर करा ली और रुपये दिए बिना भाग गए। इस मामले में पुलिस ने आईटी एक्ट, धोखाधड़ी और साजिश के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी।
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देवेंद्र पर असलहा खरीदने-बेचने का आरोप
एसएसपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि देवेंद्र भदौरिया अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त भी करता है। आरोपी मध्य प्रदेश से असलहे लाते थे। असलहा उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की भी तलाश की जा रही है। देवेंद्र और ओपेंद्र के खिलाफ पहले से धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज और आपराधिक साजिश से जुड़े मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीमों को एसएसपी ने 20 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है।
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एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में बढ़पुरा क्षेत्र के धमना निवासी देवेंद्र भदौरिया और उसका बेटा ओपेंद्र भदौरिया व बाहुरी निवासी अभिराम शामिल हैं। अभिराम दिन में करीब आठ घंटे गेम खेलता था। उसने अंशु कुमार की गेम आईडी देखी थी, जिसके काफी फॉलोअर्स हैं। इस आईडी से विज्ञापन प्रचार के जरिये भी कमाई होती थी। आरोपी आईडी अपने कब्जे में लेकर उससे लाखों रुपये कमाना चाहते थे।
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अभिराम ने ओपेंद्र और देवेंद्र के साथ मिलकर साजिश रची थी। बिहार के बक्सर के पुराना भोजपुर निवासी अंशु कुमार ने 15 अक्तूबर को सिविल लाइन थाने में तहरीर दी थी। उसने बताया कि आरोपियों ने फ्री फायर गेम आईडी खरीदने के लिए फोन कर उसे इटावा बुलाया था। आरोपियों ने अपना नाम आर्यन और साथी का नाम अंकित बताया व भरोसा जीतने के लिए ट्रेन का टिकट भी बुक कराया। अंशु अपने दो साथियों के साथ इटावा रेलवे स्टेशन पहुंचा।
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फोन पर भेजी गई लोकेशन के आधार पर वह नगर पालिका जेई आवास के सामने पौधशाला के पास पहुंचा। यहां आरोपियों ने उसकी गेम आईडी अपने मोबाइल में ट्रांसफर करा ली और रुपये दिए बिना भाग गए। इस मामले में पुलिस ने आईटी एक्ट, धोखाधड़ी और साजिश के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी।
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देवेंद्र पर असलहा खरीदने-बेचने का आरोप
एसएसपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि देवेंद्र भदौरिया अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त भी करता है। आरोपी मध्य प्रदेश से असलहे लाते थे। असलहा उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की भी तलाश की जा रही है। देवेंद्र और ओपेंद्र के खिलाफ पहले से धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज और आपराधिक साजिश से जुड़े मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीमों को एसएसपी ने 20 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है।