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कब्रिस्तान बनी गोशाला: जेसीबी से दफनाए जा रहे गोवंश, भूख की वजह से रोज तोड़ रहे दम, दो दिन में 16 मौतें

Sat, 04 Sep 2021 02:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Sat, 04 Sep 2021 02:44 PM IST
सार

इटावा में गोवंशों को जेसीबी से दफनाया जा रहा है। पिछले 2 दिनों में 16 गोवंशों की मौत हो चुकी है। गोशाला में 12 गोवंश अभी भी बीमार हैं। दो दिन में इतनी अधिक संख्या में गोवंशों की मौत की खबर पाकर अफसरों ने गोशाला पहुंचकर शुक्रवार को मौका मुआयना किया। 

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graveyard of cows: 16 cows Buried In Parauli Ramayan Gaushala Of Etawah
इटावा की गोशाला में जेसीबी से दफनाए जा रहे गोवंश - फोटो : amar ujala

विस्तार

एक ओर जहां गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की कवायद चल रही है, वहीं दूसरी ओर गोशालाओं की स्थिति दयनीय है। जिले में आए दिन गोशाला में गोवंशों की मौत के मामले सामने आते रहते हैं। इसके बाद भी गोशालाओं की हालत नहीं सुधर रही है। जिले की सबसे बड़ी गोशाला बसरेहर ब्लॉक की परौली रामायन में दो दिन के भीतर 18 गोवंशों मौत हो चुकी है।
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गोवंशों का कब्रिस्तान बनी गोशाला
गोशाला में कई गोवंश अभी भी बीमार हैं। दो दिन में इतनी अधिक संख्या में गोवंशों की मौत की खबर पाकर अफसरों ने गोशाला पहुंचकर मौका मुआयना किया। डॉक्टरों की टीम ने बीमार गोवंशों का इलाज किया। बसरेहर ब्लॉक की ग्राम पंचायत परौली रमायन के गांव नगला हरी में बनी है जिले की सबसे बड़ी गोशाला। इन दिनों गोवंशों का कब्रिस्तान बन गया है। गोशाला में गोवंशों की मौत की खबर पाकर मीडिया कर्मी गुरुवार को वहां गए तो आठ गोवंश परिसर में मृत पड़े दिखाई दिए। इसके बाद भी पंचायत के अफसर गोवंशों की मौत पर पर्दा डालने की कोशिश करते रहे।
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कई दिनों से बीमार पड़े हैं गोवंश
शुक्रवार को मीडियाकर्मी गोशाला पहुंचे, तो वहां 10 गोवंश और मृत मिले। लगभग 12 गोवंश गोशाला में बीमार पड़े हैं। दो दिन में 18 गोवंशों की मौत का मामला मीडिया में आया तो बसरेहर ब्लॉक के अफसर टीम के साथ गोशाला पहुंच गए। गोशाला की व्यवस्थाओं को देखा। कर्मचारियों से बातचीत की। पशु चिकित्सक ने टीम के साथ गोवंशों के शवों को पोस्टमार्टम किया। इसके गोवंशों के शवों को परिसर में ही दफना दिया गया।
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दलदल में फंस जाते हैं गोवंश
गोशाला में बने तालाब की मिट्टी का कटाव हो गया है। गोवंश उसी में फंस जाते हैं। इससे गोवंशों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। गोशाला में पीछे की तरफ लगे टिन शेड के नीचे भी दलदल है। शुक्रवार की सुबह ताखा ब्लॉक से गोशाला पहुंचे पशु चिकित्सक डॉ. विजय कुमार बीमार गोवंशों का इलाज किया। उन्होंने बताया गोवंश पर्याप्त मात्रा में हरा चारा न मिल पाने से बीमार हो रहे हैं। गोशाला परिसर दलदल हो जाने से गोवंश उसमें फंस जाते हैं और बीमार पड़ जाते हैं।

गोवंशों की उम्रदराज होने की वजह से मौत हुई है। कुछ गोवंशों को ग्रामीणों ने छोड़ दिया था। उन्हें कमजोर अवस्था में गोशाला पहुंचा दिया गया। उनको हरा चारा दिया जा रहा है। इसके बाद भी उनका स्वास्थ्य नहीं सुधरता है, जिससे उनकी मौत हो रही है।
डॉ. विनीत पांडे, सीवीओ

गोशाला में गुरुवार को छह और शुक्रवार को नौ गोवंशों की मौत हुई है। कुछ गोवंश बीमार हैं। जिन गोवंशों की मौत हुई है, वह उम्रदराज थीं। गोशाला में गोवंशों के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा, दाना सब कुछ मौजूद है।
दुर्विजय, पंचायत सचिव ग्राम पंचायत परौली रमायन

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