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कानपुर मंडल में गेहूं खरीद में इटावा अव्वल
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इटावा। कोरोना संक्रमण के बावजूद इटावा जिले में गेहूं की बंपर खरीद हो रही है। विगत वर्ष की तुलना में सोमवार तक जिले में 7274 मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद हो चुकी है। दो जून तक कानपुर मंडल के छह जिलों मेें इटावा गेहूं खरीद में पहले स्थान पर है। अभी 15 जून तक क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद होनी है।
सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के लिए गेहूं की सरकारी खरीद कराती है। रबी विपणन वर्ष 2021-2022 में गेहूं खरीद के लिए जिले में खाद्य विभाग, पीसीयू, पीसीएफ व मंडी समिति समेत पांच एजेंसियों के 62 केंद्र बनाए हैं। इनमें शासन के निर्देश पर एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई है। कानपुर मंडल के छह जिलों में अभी तक सबसे अधिक गेहूं की खरीद इटावा में हुई है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक औरैया में 7401 किसानों से 31504 मीट्रिक टन, कन्नौज में 3749 किसानों से 17262 मीट्रिक टन, कानपुर देहात में 7023 किसानों से 34110 मीट्रिक टन, कानपुर नगर में 7210 किसानों से 3562 मीट्रिक टन, फर्रुखाबाद में 4866 किसानों से 22916 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। जबकि इटावा में जिले 11160 किसानों से 48174 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है, जो कानपुर मंडल के जिलों में सबसे अधिक है।
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जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि क्रय केंद्रों पर निरतंर किसानों के गेहूं की खरीद की जा रही है। गेहूं की खरीद 15 जून तक होगी। विगत वर्ष की तुलना में अभी तक 7274 मीट्रिक टन अधिक गेहूं की खरीद अभी तक हो चुकी है। विगत वर्ष 8700 किसानों से 40900 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी।
पंजीकृत हैं 15808 किसान
जिले में कुल 15808 किसान पंजीकृत हैं। इन्हीं किसानों से गेहूं की खरीद की जाएगी। अभी तक 11160 किसान अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर न्यूनतम मूल्य पर बेच चुके हैं।
ई-पॉस मशीन के माध्यम से हो रही खरीद
गेहूं खरीद में किसी तरह का खेल न हो सके, साथ ही पूरी पारदर्शिता हो, इसलिए वर्ष 2021-2022 में पहली बार गेहूं खरीद में ई-पॉस मशीन का प्रयोग हो रहा है। पंजीकृत किसान या उसके परिवार के किसी एक अन्य सदस्य जिसका फिंगर प्रिंट रजिस्ट्रेशन के समय लिया गया होगा, उसके केंद्र पर आकर ई-पॉस मशीन में अंगूठा लगाने पर ही गेहूं की खरीद की जा रही है।
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अधिकारी बोले
इटावा जिले में कुल 675 राजस्व गांव हैं। मंडल के दूसरे जिलों के अपेक्षा यह जिला काफी छोटा है। इसके बावजूद गेहूं खरीद में पूरे मंडल में यह जिला अव्वल नंबर पर है। क्रय केंद्रों पर पंजीकृत किसानों के गेहूं की खरीद पूरी पारदर्शिता से की जा रही है। सभी केंद्रों पर शासन की तरफ से तय मात्रा में गेहूं खरीदा जा रहा है। अगर कहीं गड़बड़ी की शिकायत मिलेगी, तो जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-जय प्रकाश, एडीएम
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बिना टोकन के किसान केंद्र पर खुले में छोड़ जा रहे गेहूं
-भरथना मंडी परिसर सैकड़ों क्विंटल गेहूं लावारिस हालत में पड़ा मिला
-जांच को पहुंचे एसडीएम ने कब्जे में लेकर गेहूं को सुरक्षित रखवाया
-किसानों को जाल में फंसा बिचौलिए व दलाल करा रहे खेल
अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। सरकारी न्यूनतम मूल्य पर अपना गेहूं बेचने के लिए बिचौलियों व दलालों ने कुछ किसानों को अपने जाल में फंसा लिया है। यह किसान बिना टोकन के ही केंद्र पर गेहूं को लावारिस हालत में छोड़ जा रहे हैं। इसके पीछे दलालों व बिचौलियों की मंशा प्रशासन पर दबाव बनाकर गेहूं की न्यूनतम मूल्य पर खरीद करना है। इसका खुलासा प्रशासन की जांच में हुआ।
सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है। ताकि किसानों को क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए लाइन न लगाना पड़े। वह तय तारीख व समय पर गेहूं को केंद्र पर आकर बेच सके। इस नियम के विपरीत तमाम किसान क्रय केंद्रों पर सरकारी न्यूनतम मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए बिना टोकन के ही गेहूं लेकर क्रय केंद्र पर पहुंच रहे हैं। गेहूं की खरीद न होने पर वह क्रय केंद्र पर खुले में गेहूं छोड़कर ले जाते हैं। भरथना मंडी में ऐसा ही मामला सामने आया। एडीएम जय प्रकाश ने मंडी जाकर जांच की। इसके बाद एसडीएम नम्रता सिंह को जांच के लिए भेजा, वहां सैकड़ों क्विंटल गेहूं लावारिस हालत में पड़ा मिला। अफसरों ने गेहूं के मालिक का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इस पर बुधवार को तहसीलदार ने मंडी परिसर में लावारिस हालत मिले गेहूं को कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया है।
बताया जा रहा है कि बाजार में गेहूं का मूल्य सरकारी समर्थन मूल्य से कम है। इसलिए बिचौलिए और दलाल क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेचने के लिए किसानों को अपने जाल में फंसाकर बिना टोकन के गेहूं क्रय केंद्रों पर भिजवा दे रहे हैं। ताकि क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद न होने व गेहूं खुले में पड़ा होने का मामला उछाल कर खाद्य विभाग के अफसरों पर दबाव बनाकर अपने गेहूं की खरीद करा सकें। वहीं, प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि गेहूं की खरीद पंजीकृत किसानों से नियमानुसार की जाएगी। अगर इस व्यवस्था पर कोई गड़बड़ी करने का प्रयास करेगा, तो उस पर कार्रवाई तय है।
बयान
भरथना मंडी में बने क्रय केंद्र पर सैकड़ों क्विंटल गेहूं लावारिस हालत में खुले में पड़ा मिला है। इस गेहूं का कोई मालिक नहीं मिला है। इसलिए गेहूं को प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया है। इस गेहूं का अगर कोई मालिक सामने आता है, तो जांच कर उसे गेहूं वापस कर दिया जाएगा।
-जयप्रकाश, एडीएम
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सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के लिए गेहूं की सरकारी खरीद कराती है। रबी विपणन वर्ष 2021-2022 में गेहूं खरीद के लिए जिले में खाद्य विभाग, पीसीयू, पीसीएफ व मंडी समिति समेत पांच एजेंसियों के 62 केंद्र बनाए हैं। इनमें शासन के निर्देश पर एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई है। कानपुर मंडल के छह जिलों में अभी तक सबसे अधिक गेहूं की खरीद इटावा में हुई है।
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ताजा आंकड़ों के मुताबिक औरैया में 7401 किसानों से 31504 मीट्रिक टन, कन्नौज में 3749 किसानों से 17262 मीट्रिक टन, कानपुर देहात में 7023 किसानों से 34110 मीट्रिक टन, कानपुर नगर में 7210 किसानों से 3562 मीट्रिक टन, फर्रुखाबाद में 4866 किसानों से 22916 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। जबकि इटावा में जिले 11160 किसानों से 48174 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है, जो कानपुर मंडल के जिलों में सबसे अधिक है।
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जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि क्रय केंद्रों पर निरतंर किसानों के गेहूं की खरीद की जा रही है। गेहूं की खरीद 15 जून तक होगी। विगत वर्ष की तुलना में अभी तक 7274 मीट्रिक टन अधिक गेहूं की खरीद अभी तक हो चुकी है। विगत वर्ष 8700 किसानों से 40900 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी।
पंजीकृत हैं 15808 किसान
जिले में कुल 15808 किसान पंजीकृत हैं। इन्हीं किसानों से गेहूं की खरीद की जाएगी। अभी तक 11160 किसान अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर न्यूनतम मूल्य पर बेच चुके हैं।
ई-पॉस मशीन के माध्यम से हो रही खरीद
गेहूं खरीद में किसी तरह का खेल न हो सके, साथ ही पूरी पारदर्शिता हो, इसलिए वर्ष 2021-2022 में पहली बार गेहूं खरीद में ई-पॉस मशीन का प्रयोग हो रहा है। पंजीकृत किसान या उसके परिवार के किसी एक अन्य सदस्य जिसका फिंगर प्रिंट रजिस्ट्रेशन के समय लिया गया होगा, उसके केंद्र पर आकर ई-पॉस मशीन में अंगूठा लगाने पर ही गेहूं की खरीद की जा रही है।
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अधिकारी बोले
इटावा जिले में कुल 675 राजस्व गांव हैं। मंडल के दूसरे जिलों के अपेक्षा यह जिला काफी छोटा है। इसके बावजूद गेहूं खरीद में पूरे मंडल में यह जिला अव्वल नंबर पर है। क्रय केंद्रों पर पंजीकृत किसानों के गेहूं की खरीद पूरी पारदर्शिता से की जा रही है। सभी केंद्रों पर शासन की तरफ से तय मात्रा में गेहूं खरीदा जा रहा है। अगर कहीं गड़बड़ी की शिकायत मिलेगी, तो जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-जय प्रकाश, एडीएम
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बिना टोकन के किसान केंद्र पर खुले में छोड़ जा रहे गेहूं
-भरथना मंडी परिसर सैकड़ों क्विंटल गेहूं लावारिस हालत में पड़ा मिला
-जांच को पहुंचे एसडीएम ने कब्जे में लेकर गेहूं को सुरक्षित रखवाया
-किसानों को जाल में फंसा बिचौलिए व दलाल करा रहे खेल
अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। सरकारी न्यूनतम मूल्य पर अपना गेहूं बेचने के लिए बिचौलियों व दलालों ने कुछ किसानों को अपने जाल में फंसा लिया है। यह किसान बिना टोकन के ही केंद्र पर गेहूं को लावारिस हालत में छोड़ जा रहे हैं। इसके पीछे दलालों व बिचौलियों की मंशा प्रशासन पर दबाव बनाकर गेहूं की न्यूनतम मूल्य पर खरीद करना है। इसका खुलासा प्रशासन की जांच में हुआ।
सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है। ताकि किसानों को क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए लाइन न लगाना पड़े। वह तय तारीख व समय पर गेहूं को केंद्र पर आकर बेच सके। इस नियम के विपरीत तमाम किसान क्रय केंद्रों पर सरकारी न्यूनतम मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए बिना टोकन के ही गेहूं लेकर क्रय केंद्र पर पहुंच रहे हैं। गेहूं की खरीद न होने पर वह क्रय केंद्र पर खुले में गेहूं छोड़कर ले जाते हैं। भरथना मंडी में ऐसा ही मामला सामने आया। एडीएम जय प्रकाश ने मंडी जाकर जांच की। इसके बाद एसडीएम नम्रता सिंह को जांच के लिए भेजा, वहां सैकड़ों क्विंटल गेहूं लावारिस हालत में पड़ा मिला। अफसरों ने गेहूं के मालिक का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इस पर बुधवार को तहसीलदार ने मंडी परिसर में लावारिस हालत मिले गेहूं को कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया है।
बताया जा रहा है कि बाजार में गेहूं का मूल्य सरकारी समर्थन मूल्य से कम है। इसलिए बिचौलिए और दलाल क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेचने के लिए किसानों को अपने जाल में फंसाकर बिना टोकन के गेहूं क्रय केंद्रों पर भिजवा दे रहे हैं। ताकि क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद न होने व गेहूं खुले में पड़ा होने का मामला उछाल कर खाद्य विभाग के अफसरों पर दबाव बनाकर अपने गेहूं की खरीद करा सकें। वहीं, प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि गेहूं की खरीद पंजीकृत किसानों से नियमानुसार की जाएगी। अगर इस व्यवस्था पर कोई गड़बड़ी करने का प्रयास करेगा, तो उस पर कार्रवाई तय है।
बयान
भरथना मंडी में बने क्रय केंद्र पर सैकड़ों क्विंटल गेहूं लावारिस हालत में खुले में पड़ा मिला है। इस गेहूं का कोई मालिक नहीं मिला है। इसलिए गेहूं को प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया है। इस गेहूं का अगर कोई मालिक सामने आता है, तो जांच कर उसे गेहूं वापस कर दिया जाएगा।
-जयप्रकाश, एडीएम