{"_id":"600db7028ebc3e32e764f555","slug":"etawah-news-etawha-news-knp607967214","type":"story","status":"publish","title_hn":"शरीर में संक्रमण फैलने से हुई थी रिंकी मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शरीर में संक्रमण फैलने से हुई थी रिंकी मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। जसवंतनगर कोतवाली क्षेत्र के भगवानपुरा निवासी रिंकी की मौत शरीर में इंफैक्शन फैलने से हुई। इसका खुलासा रविवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट हुआ। सिविल लाइन स्थित एक हॉस्पिटल में रिंकी ने अप्रैल में ऑपेशन के दौरान बेटे को जन्म दिया था और डाक्टर ने पट्टी पेट में छोड़ दी थी। इससे उसके शरीर में इंफैक्शन फैल गया था। इससे महिला के पेट में दर्द बना रहता था।
जसवंतनगर कोतवाली क्षेत्र के भगवानपुरा निवासी नरेश ने पत्नी रिंकी की शुक्रवार तड़के मौत हो गई थी। शनिवार को पुलिस ने महिला का पोस्टमार्टम कराया था। रविवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक रिंकी की मौत शरीर में इंफैक्शन से हुई है, जो पेट में पट़्टी छुटने की वजह से हुआ। पट्टी की वजह से उसके पेट में पस पड़ गया था। इस वजह उसके पेट में अधिकतर दर्द बना रहता था। जसवंतनगर कोतवाल रमेश चंद्र ने बताया कि परिजनों ने अभी तहरीर नहीं दी है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। ज्ञात हो कि नरेश ने पत्नी रिंकी को प्रसव पीड़ा होने पर सात अप्रैल को सिविल लाइन स्थित एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। महिला ने ऑपरेशन के दौरान बेटे को जन्म दिया।
नरेश का आरोप है कि पत्नी के पेट में दर्द होने पर हॉस्पिटल की महिला डाक्टर को दिखाया तो उसने टरका दिया था। सितंबर माह में महिला का सिटी स्कैन जिला अस्पताल में हुआ, जहां डाक्टरों ने पेट में पट्टी छूटने की बात कही थी। नरेश ने बताया कि कार्रवाई नहीं होने पर जिलाधिकारी से शिकायत की। डीएम के निर्देश पर जिला अस्पताल में पत्नी का तीन दिन इलाज चला था। इसके बाद डाक्टरों ने सैफई रेफर कर दिया। सैफई में इलाज न होने पर अलीगढ़ स्थित दूसरे हॉस्पिटल ले गए, जहां डाक्टरों ने ऑपरेशन कर पट्टी निकाली थी।
विज्ञापन
आरोप है कि जानकारी होने पर सिविल लाइन स्थित हॉस्पिटल का डाक्टर अलीगढ़ पहुंच गया था और डाक्टरों से सांठगांठ कर ली थी। अस्पताल से छुट्टी होने पर उसने पत्नी के साथ फिर से डीएम से शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर सीएमओ एनएस तोमर ने चार डाक्टरों की टीम गठित की थी। सीएमओ एनएस तोमर ने बताया कि रविवार व कार्यक्रम में व्यस्त होने की वजह से रिपोर्ट की जानकारी नहीं है। मामले की रिपोर्ट पहले ही भेजी जा चुकी है।
विज्ञापन
जसवंतनगर कोतवाली क्षेत्र के भगवानपुरा निवासी नरेश ने पत्नी रिंकी की शुक्रवार तड़के मौत हो गई थी। शनिवार को पुलिस ने महिला का पोस्टमार्टम कराया था। रविवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक रिंकी की मौत शरीर में इंफैक्शन से हुई है, जो पेट में पट़्टी छुटने की वजह से हुआ। पट्टी की वजह से उसके पेट में पस पड़ गया था। इस वजह उसके पेट में अधिकतर दर्द बना रहता था। जसवंतनगर कोतवाल रमेश चंद्र ने बताया कि परिजनों ने अभी तहरीर नहीं दी है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। ज्ञात हो कि नरेश ने पत्नी रिंकी को प्रसव पीड़ा होने पर सात अप्रैल को सिविल लाइन स्थित एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। महिला ने ऑपरेशन के दौरान बेटे को जन्म दिया।
विज्ञापन
नरेश का आरोप है कि पत्नी के पेट में दर्द होने पर हॉस्पिटल की महिला डाक्टर को दिखाया तो उसने टरका दिया था। सितंबर माह में महिला का सिटी स्कैन जिला अस्पताल में हुआ, जहां डाक्टरों ने पेट में पट्टी छूटने की बात कही थी। नरेश ने बताया कि कार्रवाई नहीं होने पर जिलाधिकारी से शिकायत की। डीएम के निर्देश पर जिला अस्पताल में पत्नी का तीन दिन इलाज चला था। इसके बाद डाक्टरों ने सैफई रेफर कर दिया। सैफई में इलाज न होने पर अलीगढ़ स्थित दूसरे हॉस्पिटल ले गए, जहां डाक्टरों ने ऑपरेशन कर पट्टी निकाली थी।
विज्ञापन
आरोप है कि जानकारी होने पर सिविल लाइन स्थित हॉस्पिटल का डाक्टर अलीगढ़ पहुंच गया था और डाक्टरों से सांठगांठ कर ली थी। अस्पताल से छुट्टी होने पर उसने पत्नी के साथ फिर से डीएम से शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर सीएमओ एनएस तोमर ने चार डाक्टरों की टीम गठित की थी। सीएमओ एनएस तोमर ने बताया कि रविवार व कार्यक्रम में व्यस्त होने की वजह से रिपोर्ट की जानकारी नहीं है। मामले की रिपोर्ट पहले ही भेजी जा चुकी है।