{"_id":"5fdba4648ebc3e433b757aa6","slug":"etawah-news-etawha-news-knp600541438","type":"story","status":"publish","title_hn":"धूप के साथ गलन बढ़ी, ऊनी कपड़ों का बाजार गरमाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धूप के साथ गलन बढ़ी, ऊनी कपड़ों का बाजार गरमाया
विज्ञापन
बाजार में ऊन की दुकान पर लगी महिला खरीदारों की भीड़।
- फोटो : ETAWHA
इटावा। बृहस्पतिवार को तेज धूप निकलने के बावजूद सर्द हवाएं चलने से लोग परेशान रहे। शाम ढलने के साथ ही गलन और ज्यादा बढ़ गई। हवाएं जरूर हल्की चल रहीं थीं, लेकिन धूप के बावजूद गलन का अहसास पूरे दिन कराती रहीं। ऐसे में यदि बदली होती तो लोगों की दिक्कतें और ज्यादा बढ़ जातीं। यही वजह थी कि बृहस्पतिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में 4 डिग्री व न्यूनतम में 2 डिग्री सेल्सियस की कमी देखने को मिली। उधर, ऊनी कपड़ों का बाजार गरमा गया है।
नौरंगाबाद चौराहा स्थित ऊन की दुकान के बड़े कारोबारी भारत सिंह राठौर का कहना है कि महिला खरीदार अच्छी संख्या में ऊन खरीदने आ रही हैं। इस बार ऊन की फेदर क्वालिटी का ऊन महिलाएं ज्यादा पसंद कर रही हैं। इसकी क्वालिटी इसका अन्य ऊनों की अन्य क्वालिटी की अपेक्षा काफी मुलायम होने के अलावा कुछ सस्ता भी है। 100 ग्राम ऊन की कीमत 100 तक रुपये हैं। जबकि बेहतर क्वालिटी के 100 ग्राम ऊन की कीमत 110 रुपये तक है। कुल मिलाकर ऊन आज भी महिलाओं की पहली पसंद बना हुआ है।
मालगोदाम रोड शक्ति नगर निवासी रीता त्रिपाठी ने कहा कि सुबह से लेकर दोपहर तक घर के अंदर काम करने के बाद आराम मिलने के स्वेटर बुनने के लिए छत पर पहुंच जाते हैं। खाली धूप सेकने के लिए अच्छा नहीं लगता इसलिए बुनाई शुरु कर देती हैं। बचपन से आदत पड़ी है इसलिए सर्दियों में ऊन की कैप, दस्ताने इत्यादि बना रहे हैं।
विज्ञापन
बलराम सिंह चौराहा चौगुर्जी निवासी कल्पना ने कहा कि भले अभी सर्दी का असर ज्यादा नहीं है, लेकिन तैयारी पहले से कर लेना ही समझदारी है। बच्चा अभी छोटा है उसके लिए
स्वेटर, मंकी कैप और मोजे बना रहीं है। कुछ बनकर तैयार हो गए हैं। अन्य बच्चों को देने के लिए भी कुछ न कुछ बना रहे हैं।
विज्ञापन
नौरंगाबाद चौराहा स्थित ऊन की दुकान के बड़े कारोबारी भारत सिंह राठौर का कहना है कि महिला खरीदार अच्छी संख्या में ऊन खरीदने आ रही हैं। इस बार ऊन की फेदर क्वालिटी का ऊन महिलाएं ज्यादा पसंद कर रही हैं। इसकी क्वालिटी इसका अन्य ऊनों की अन्य क्वालिटी की अपेक्षा काफी मुलायम होने के अलावा कुछ सस्ता भी है। 100 ग्राम ऊन की कीमत 100 तक रुपये हैं। जबकि बेहतर क्वालिटी के 100 ग्राम ऊन की कीमत 110 रुपये तक है। कुल मिलाकर ऊन आज भी महिलाओं की पहली पसंद बना हुआ है।
विज्ञापन
मालगोदाम रोड शक्ति नगर निवासी रीता त्रिपाठी ने कहा कि सुबह से लेकर दोपहर तक घर के अंदर काम करने के बाद आराम मिलने के स्वेटर बुनने के लिए छत पर पहुंच जाते हैं। खाली धूप सेकने के लिए अच्छा नहीं लगता इसलिए बुनाई शुरु कर देती हैं। बचपन से आदत पड़ी है इसलिए सर्दियों में ऊन की कैप, दस्ताने इत्यादि बना रहे हैं।
विज्ञापन
बलराम सिंह चौराहा चौगुर्जी निवासी कल्पना ने कहा कि भले अभी सर्दी का असर ज्यादा नहीं है, लेकिन तैयारी पहले से कर लेना ही समझदारी है। बच्चा अभी छोटा है उसके लिए
स्वेटर, मंकी कैप और मोजे बना रहीं है। कुछ बनकर तैयार हो गए हैं। अन्य बच्चों को देने के लिए भी कुछ न कुछ बना रहे हैं।