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इस्कॉन केंद्र पर धूमधाम से मना श्रीराधाष्टमी महोत्सव
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युगल विग्रहों का महाभिषेक करते सेवा प्रमुख गोविंद गिरिधारी दास
- फोटो : ETAWAH
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इटावा। नुमाइश चौराहा स्थित अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) के अधिकृत केंद्र पर श्रीराधाष्टमी का महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्री राधा- कृष्ण के विग्रहों का पंचामृत से महाभिषेक कर भव्य झांकी सजाई गई व छप्पन भोग लगाया गया।
प्रवचन करते हुए वरिष्ठ वैष्णव संत बलदेव प्रभु ने कहा श्री राधाजी के शरण में आने वाले के सारे दुख दूर हो जाते हैं। श्री कृष्ण सबका मन अपनी ओर खींचते हैं, जबकि श्रीराधाजी कृष्ण का भी मन खींच लेती हैं। इसलिए राधाजी की शरण लेने वाले पर कृष्ण भी कृपा करते ही हैं। उन्होंने राधाजी के पच्चीस गुणों का विस्तार से वर्णन किया।
सुबह केंद्र के सेवा प्रमुख गोविंद गिरिधारी दास ने प्रात: मंगला आरती की। इसके बाद भक्त साधकों ने दिन भर हरे कृष्ण- हरे राम महामंत्र का संकीर्तन किया। शाम को बच्चों ने राधा-कृष्ण की लीलाओं का भव्य नाट्य प्रदर्शन किया। राधाजी एवं श्री कृष्ण के युगल विग्रहों का दूध, दही, घृत, शहद व फलों के रस से महाभिषेक किया गया। सभी भक्तों को अभिषेक करने का सौभाग्य मिला। आरती के बाद महा प्रसाद वितरित किया गया।
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प्रवचन करते हुए वरिष्ठ वैष्णव संत बलदेव प्रभु ने कहा श्री राधाजी के शरण में आने वाले के सारे दुख दूर हो जाते हैं। श्री कृष्ण सबका मन अपनी ओर खींचते हैं, जबकि श्रीराधाजी कृष्ण का भी मन खींच लेती हैं। इसलिए राधाजी की शरण लेने वाले पर कृष्ण भी कृपा करते ही हैं। उन्होंने राधाजी के पच्चीस गुणों का विस्तार से वर्णन किया।
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सुबह केंद्र के सेवा प्रमुख गोविंद गिरिधारी दास ने प्रात: मंगला आरती की। इसके बाद भक्त साधकों ने दिन भर हरे कृष्ण- हरे राम महामंत्र का संकीर्तन किया। शाम को बच्चों ने राधा-कृष्ण की लीलाओं का भव्य नाट्य प्रदर्शन किया। राधाजी एवं श्री कृष्ण के युगल विग्रहों का दूध, दही, घृत, शहद व फलों के रस से महाभिषेक किया गया। सभी भक्तों को अभिषेक करने का सौभाग्य मिला। आरती के बाद महा प्रसाद वितरित किया गया।
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