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षडयंत्र के तहत हरवाया चुनाव, हाईकोर्ट में देंगे चुनौती
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इटावा। बढ़पुरा ब्लाक प्रमुख के सपा प्रत्याशी आनंद यादव ऊर्फ टंटी ने कहा है कि उन्हें एक षड्यंत्र के तहत चुनाव हरवाया गया है। पुलिस का सहयोग मिला, लेकिन कुछ प्रशासनिक अधिकारियों और भाजपा नेताओं की बदौलत मतदान कार्य प्रभावित कराया गया।
वह इस अन्याय के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने सपा के ही दो तीन नेताओं पर भी भितरघात करने का आरोप लगाया है।
आनंद यादव ने रविवार को अपने आवास विकास स्थित निवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें 44 बीडीसी सदस्यों का समर्थन हासिल था। दो दिन पहले 6 बीडीसी सदस्यों को घर से उठा लिया गया था।
74 बीडीसी में दो निरक्षर थे। मतदान करने से पूर्व हेल्पर के रूप में भाजपा कार्यकर्ता दस्तखत कर रहे थे। यह देख कर उन्होंने एसडीएम सदर और रिटर्निंग अधिकारी से आपत्ति दर्ज कराई थी।
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आरोप लगाया कि 52 वोट पड़ने के बाद मतदान की गति धीमी कर दी गई। हमारे बीडीसी को चेकिंग के नाम पर लगभग दो किलोमीटर दूर बैरीकेडिंग पर रोके रखा गया। जबकि भाजपा के बीडीसी को 10 मीटर दूर रोका गया।
आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की जीत की पटकथा अंदर लिखी जा चुकी थी। 37-37 वोट मिलने के बाद लाटरी सिस्टम के तहत उन्हें हरा दिया गया।
यह जांच का विषय है कि चुनाव के दौरान एसडीएम सदर मोबाइल फोन पर हर दो मिनट बाद आखिर किससे बात कर रहे थे। वार्ता के दौरान पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया, कमलेश कठेरिया, अमित सोनी, सतेंद्र यादव व मनोज शाक्य उपस्थित रहे।
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वह इस अन्याय के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने सपा के ही दो तीन नेताओं पर भी भितरघात करने का आरोप लगाया है।
आनंद यादव ने रविवार को अपने आवास विकास स्थित निवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें 44 बीडीसी सदस्यों का समर्थन हासिल था। दो दिन पहले 6 बीडीसी सदस्यों को घर से उठा लिया गया था।
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74 बीडीसी में दो निरक्षर थे। मतदान करने से पूर्व हेल्पर के रूप में भाजपा कार्यकर्ता दस्तखत कर रहे थे। यह देख कर उन्होंने एसडीएम सदर और रिटर्निंग अधिकारी से आपत्ति दर्ज कराई थी।
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आरोप लगाया कि 52 वोट पड़ने के बाद मतदान की गति धीमी कर दी गई। हमारे बीडीसी को चेकिंग के नाम पर लगभग दो किलोमीटर दूर बैरीकेडिंग पर रोके रखा गया। जबकि भाजपा के बीडीसी को 10 मीटर दूर रोका गया।
आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की जीत की पटकथा अंदर लिखी जा चुकी थी। 37-37 वोट मिलने के बाद लाटरी सिस्टम के तहत उन्हें हरा दिया गया।
यह जांच का विषय है कि चुनाव के दौरान एसडीएम सदर मोबाइल फोन पर हर दो मिनट बाद आखिर किससे बात कर रहे थे। वार्ता के दौरान पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया, कमलेश कठेरिया, अमित सोनी, सतेंद्र यादव व मनोज शाक्य उपस्थित रहे।