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लोगों के मुखर होने पर ही खत्म होगी दहेज रूपी कुरीति: राज्यपाल
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इटावा। प्रदेश की जेलों में महिला बंदी बड़ी संख्या में कैद हैं। जानकारी करने पर पता चला कि ज्यादातर महिला बंदी दहेज उत्पीड़न के मामलों में सजा काट रही हैं। इसलिए अब दहेज की कुरीति को पूरी तरीके से खत्म करने की जरूरत है।
इसके खिलाफ लोगों को मुखर होने की जरूरत है, तभी समाज से दहेज रूपी कुरीति का अंत संभव है। यह बात प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने शुक्रवार को जिला कारागार के निरीक्षण के बाद महिला बंदियों को संबोधित करते हुए कही।
तीन दिवसीय दौरे पर आईं राज्यपाल सुबह नौ बजे सुमेर सिंह किला गेस्ट हाउस से जिला कारागार पहुंची। उन्होंने कारागार अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। यहां कुछ बंदियों से भी बात की।
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इसके बाद जेल में ही आयोजित महिला बंदियों के कल्याण कार्यक्रम में दहेज कुरीति के खिलाफ लोगों से मुखर होने का आह्वान किया। जेल में निरुद्ध महिला बंदियों से कहा कि ज्यादा उग्रता के कारण अधिक घटनाएं घटित होती है।
उन्होंने इटावा में गुरुवार को घटित हुई एक घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर इसका पहले समाधान हो जाता है, तो यह घटना नहीं होती। घटना का समाधान न होने से इस घटना को अंजाम दिया गया है।
महिला बंदियों से संवाद में उन्होंने कहा कि संकल्प लें कि सजा की अवधि पूरी होने के बाद जब अपने घर जाए, तो अपराध की तरफ न आए। बल्कि गांव में दूत बनकर यह संदेश दें कि न तो दहेज लेंगे और न ही दहेज देंगे।
राज्यपाल ने जेल में निरूद्ध महिला बंदियों को उपयोग के लिए सेनेटरी पैड, बैंडिंग मशीन, सेनिटरी पैड इंसीरेटर भेंट किया। इसके साथ ही महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों को फल, पढ़ने के लिए लेखन सामग्री दी।
इस मौके पर विधायक सरिता भदौरिया, सावित्री कठेरिया, डीएम श्रुति सिंह, एसएसपी बृजेश कुमार सिंह, एडीएम जय प्रकाश, डीआईजी जेल व जिला कारागार अधीक्षक राज किशोर सिंह समेत तमाम अफसर मौजूद रहे।
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मैनपुरी को रवाना हुई राज्यपाल
जिला कारागार का मुआयना करने के बाद राज्यपाल का काफिला सीधे पुलिस लाइन पहुंचा। इसके बाद राज्यपाल हैलीकॉप्टर पर बैठकर मैनपुरी के लिए रवाना हो गईं।
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इसके खिलाफ लोगों को मुखर होने की जरूरत है, तभी समाज से दहेज रूपी कुरीति का अंत संभव है। यह बात प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने शुक्रवार को जिला कारागार के निरीक्षण के बाद महिला बंदियों को संबोधित करते हुए कही।
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तीन दिवसीय दौरे पर आईं राज्यपाल सुबह नौ बजे सुमेर सिंह किला गेस्ट हाउस से जिला कारागार पहुंची। उन्होंने कारागार अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। यहां कुछ बंदियों से भी बात की।
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इसके बाद जेल में ही आयोजित महिला बंदियों के कल्याण कार्यक्रम में दहेज कुरीति के खिलाफ लोगों से मुखर होने का आह्वान किया। जेल में निरुद्ध महिला बंदियों से कहा कि ज्यादा उग्रता के कारण अधिक घटनाएं घटित होती है।
उन्होंने इटावा में गुरुवार को घटित हुई एक घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर इसका पहले समाधान हो जाता है, तो यह घटना नहीं होती। घटना का समाधान न होने से इस घटना को अंजाम दिया गया है।
महिला बंदियों से संवाद में उन्होंने कहा कि संकल्प लें कि सजा की अवधि पूरी होने के बाद जब अपने घर जाए, तो अपराध की तरफ न आए। बल्कि गांव में दूत बनकर यह संदेश दें कि न तो दहेज लेंगे और न ही दहेज देंगे।
राज्यपाल ने जेल में निरूद्ध महिला बंदियों को उपयोग के लिए सेनेटरी पैड, बैंडिंग मशीन, सेनिटरी पैड इंसीरेटर भेंट किया। इसके साथ ही महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों को फल, पढ़ने के लिए लेखन सामग्री दी।
इस मौके पर विधायक सरिता भदौरिया, सावित्री कठेरिया, डीएम श्रुति सिंह, एसएसपी बृजेश कुमार सिंह, एडीएम जय प्रकाश, डीआईजी जेल व जिला कारागार अधीक्षक राज किशोर सिंह समेत तमाम अफसर मौजूद रहे।
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मैनपुरी को रवाना हुई राज्यपाल
जिला कारागार का मुआयना करने के बाद राज्यपाल का काफिला सीधे पुलिस लाइन पहुंचा। इसके बाद राज्यपाल हैलीकॉप्टर पर बैठकर मैनपुरी के लिए रवाना हो गईं।