इटावा। लॉकडाउन के बीच जिस तरह बसों में ठूंस कर लोग दिल्ली से जिले के शहर और गांवों में लौट रहे हैं, उससे घर-घर कोरोना फैलने की आशंका बढ़ गई है। घरों में पहुंचने की जल्दी में लोग महामारी को बढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं। करीब 34 घंटे में पांच हजार से अधिक लोग दिल्ली से जिले में आ चुके हैं। इसमें से 4742 लोग रोडवेज की बसों से आए हैं। इन लोगों को बिना किसी जांच के उनके गांव, मोहल्लों में जाने दिया गया है।
दुनिया में तबाही मचा रही महामारी कोरोना से केवल सोशल डिस्टेंसिंग (एक दूसरे से दूरी बनाकर) ही बचा जा सकता है। इसी सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने के लिए प्रधानमंत्री ने 24 मार्च की रात से पूरे देश में लॉकडाउन कर दिया। बस, ट्रेन और हवाई जहाज सब बंद कर दिए गए, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे। इसके बावजूद हजारों लोग दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, मध्यप्रदेश से पैदल घरों के लिए चल दिए। शुक्रवार रात दो बजे दिल्ली से लोगों को लाने के लिए पहली बस चली। कुल 74 बसें चलाई गईं। इन बसों में से 53 बसें रविवार दोपहर तक आ चुकी हैं। इसमें दिल्ली से 4742 लोग जिले में आ चुके हैं। बस स्टैंड में यात्रियों की किसी तरह की जांच नहीं हुई। बस से उतरकर आटो-टेंपो से ये यात्री अपने गांव व मोहल्लों को चले गए। जिस आटो में दिल्ली से आए लोग सवार हुए उसमें इटावा से गांवों को जाने वाले यात्री भी सवार हो गए। बसों के अलावा सैकड़ों लोग पैदल आए हैं।