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स्पोर्टस स्टेडियम में नहीं हैं कई खेलों के प्रशिक्षक
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इटावा। कहते हैं कि बिना गुरू के ज्ञान नहीं होता है। यदि गुरू नहीं है, तो आपका मार्गदर्शन करके सहीं रास्ता कौन बताएगा। कुछ ऐसी ही स्थितियां जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम की है। यहां कई खेलों के प्रशिक्षक तैनात नहीं है। ऐसे में इन खेलों के प्रतिभागी बिना द्रोणाचार्य के ही अर्जुन बनने की कला सीख रहे हैं।
जिले में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन उन्हें तैयार करने वाले प्रशिक्षक ही नहीं है। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम से विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण पाने वाले कई खिलाड़ी प्रदेश व देश स्तर पर जिले का नाम रोशन कर चुके हैं।
तब यहां लगभग हर खेल के प्रशिक्षक थे। पहले यहां प्रशिक्षकों की स्थायी नियुक्ति थी। इनके सेवानिवृत्ति या ट्रांसफर होने के बाद अंशकालिक मानदेय पर खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई।
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वर्ष 2020 में कोरोना की प्रथम लहर के दौरान लॉकडाउन हुआ, तो स्टेडियम बंद हो गया। इसी दौरान अंशकालिक मानदेय पर तैनात प्रशिक्षकों का अप्रैल 2020 में अनुबंध भी खत्म हो गया।
इसके बाद से बॉक्सिंग, जिमनास्टिक, बैटमिंटन, वेट लिफ्टिंग, फुटबाल और जूडो कराटे जैसे कई खेलों के प्रशिक्षकों के पद खाली हैं। स्टेडियम में केवल हॉकी व क्रिकेट के प्रशिक्षक हैं।
सोमवार से खुल जाएगा स्टेडियम
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम तीन महीने बाद सोमवार से खुल जाएगा, लेकिन कई खेलों के कोच न होने से खेल गतिविधियां गति नहीं पकड़ सकेंगी।
फुटबाल कोच की हुई है तैनाती
खेल प्रशिक्षण शिविरों को चलाने के लिए अंशकालिक मानदेय पर खेल निदेशालय ने 125 प्रशिक्षकों की नियुक्ति की है। इनमें फुटबाल कोच के रुप में कानपुर की श्रद्धा सोनकर की तैनाती इटावा स्पोर्ट्स स्टेडियम में की गई है। अभी तक उन्होंने यहां ज्वाइन नहीं किया है।
जिला क्रीड़ा अधिकारी का बयान
वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान आंशिक मानदेय पर तैनात प्रशिक्षकों का कार्यकाल खत्म हो गया था। तब से किसी भी खेल के प्रशिक्षक की तैनाती नहीं हुई है। अब फुटबाल कोच के रूप में श्रद्धा सोनकर की तैनाती हुई है, लेकिन उन्होंने अभी ज्वाइन नहीं किया है।
बॉक्सिंग, जिमनास्टिक, बैटमिंटन, जूडो कराटे के साथ ही कई खेलों के प्रशिक्षकों के पद खाली हैं। इस बार एथलेटिक्स वेट लिफ्टिंग के प्रशिक्षकों की तैनाती किए जाने का प्रस्ताव खेल निदेशालय को भेजा गया है। - एसके लहरी, जिला क्रीड़ा अधिकारी, इटावा
जिमनेजियम में नहीं है प्रशिक्षक
स्पोर्ट्स स्टेडियम में सपा सरकार के दौरान जिमनेजियम का निर्माण कराया गया, लेकिन वहां प्रशिक्षक के रूप में वेटलिफ्टर की तैनाती अभी तक नहीं की गई है। इसकी वजह से जिमनेजियम का संचालन शुरू नहीं हो सका है। इस बार जिला क्रीड़ा अधिकारी ने जिमनेजियम के लिए प्रशिक्षक के रूप में वेट लिफ्टर की तैनाती करने का प्रस्ताव खेल निदेशालय को भेजा है।
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जिले में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन उन्हें तैयार करने वाले प्रशिक्षक ही नहीं है। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम से विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण पाने वाले कई खिलाड़ी प्रदेश व देश स्तर पर जिले का नाम रोशन कर चुके हैं।
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तब यहां लगभग हर खेल के प्रशिक्षक थे। पहले यहां प्रशिक्षकों की स्थायी नियुक्ति थी। इनके सेवानिवृत्ति या ट्रांसफर होने के बाद अंशकालिक मानदेय पर खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई।
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वर्ष 2020 में कोरोना की प्रथम लहर के दौरान लॉकडाउन हुआ, तो स्टेडियम बंद हो गया। इसी दौरान अंशकालिक मानदेय पर तैनात प्रशिक्षकों का अप्रैल 2020 में अनुबंध भी खत्म हो गया।
इसके बाद से बॉक्सिंग, जिमनास्टिक, बैटमिंटन, वेट लिफ्टिंग, फुटबाल और जूडो कराटे जैसे कई खेलों के प्रशिक्षकों के पद खाली हैं। स्टेडियम में केवल हॉकी व क्रिकेट के प्रशिक्षक हैं।
सोमवार से खुल जाएगा स्टेडियम
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम तीन महीने बाद सोमवार से खुल जाएगा, लेकिन कई खेलों के कोच न होने से खेल गतिविधियां गति नहीं पकड़ सकेंगी।
फुटबाल कोच की हुई है तैनाती
खेल प्रशिक्षण शिविरों को चलाने के लिए अंशकालिक मानदेय पर खेल निदेशालय ने 125 प्रशिक्षकों की नियुक्ति की है। इनमें फुटबाल कोच के रुप में कानपुर की श्रद्धा सोनकर की तैनाती इटावा स्पोर्ट्स स्टेडियम में की गई है। अभी तक उन्होंने यहां ज्वाइन नहीं किया है।
जिला क्रीड़ा अधिकारी का बयान
वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान आंशिक मानदेय पर तैनात प्रशिक्षकों का कार्यकाल खत्म हो गया था। तब से किसी भी खेल के प्रशिक्षक की तैनाती नहीं हुई है। अब फुटबाल कोच के रूप में श्रद्धा सोनकर की तैनाती हुई है, लेकिन उन्होंने अभी ज्वाइन नहीं किया है।
बॉक्सिंग, जिमनास्टिक, बैटमिंटन, जूडो कराटे के साथ ही कई खेलों के प्रशिक्षकों के पद खाली हैं। इस बार एथलेटिक्स वेट लिफ्टिंग के प्रशिक्षकों की तैनाती किए जाने का प्रस्ताव खेल निदेशालय को भेजा गया है। - एसके लहरी, जिला क्रीड़ा अधिकारी, इटावा
जिमनेजियम में नहीं है प्रशिक्षक
स्पोर्ट्स स्टेडियम में सपा सरकार के दौरान जिमनेजियम का निर्माण कराया गया, लेकिन वहां प्रशिक्षक के रूप में वेटलिफ्टर की तैनाती अभी तक नहीं की गई है। इसकी वजह से जिमनेजियम का संचालन शुरू नहीं हो सका है। इस बार जिला क्रीड़ा अधिकारी ने जिमनेजियम के लिए प्रशिक्षक के रूप में वेट लिफ्टर की तैनाती करने का प्रस्ताव खेल निदेशालय को भेजा है।