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चंबल पुल पर भारी वाहनों की एंट्री बंद
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चंबल पुल पर लगे भीषण जाम की फाइल फोटो
- फोटो : ETAWHA
इटावा। यूपी और एमपी को जोड़ने वाले चंबल नदी पर बने पुल के पिलर नंबर छह की बेयरिंग टूटने से इसपर भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। बाइक, कार समेत हल्के वाहन ही इससे गुजरेंगे। भारी वाहनों को सहसो, चकरनगर होते हुए गुजारा जाएगा। पुल को बनने में काफी वक्त लग सकता है। डीएम श्रुति सिंह ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। बुधवार रात 12 बजे से भारी वाहनों का आवागमन बंद हो गया।
पांच माह पहले अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय मार्ग खंड ने जिला प्रशासन को रिपोर्ट दी थी कि एनएच 92 इटावा-भिंड, ग्वालियर मार्ग पर बने चंबल नदी पुल की (ग्वालियर की ओर से) पिलर न. छह की बेयरिंग क्षतिग्रस्त हो गई है। सुरक्षा की दृष्टि से पुल पर भारी वाहनों का आवागमन पूर्णतया: प्रतिबंधित किया जाना जरूरी है। इस रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया।
जिलाधिकारी ने बताया कि भिंड की ओर जाने वाले भारी वाहन जालौन अथवा शिकोहाबाद होते हुए भिंड जाएंगे। उदी चौराहे से चकरनगर-सहसों-फूफ होते हुए भिंड जाएंगे। भिंड से आगरा/कानपुर की ओर आने वाले भारी वाहन शिकोहाबाद अथवा जालौन होते हुए जाएंगे। फूफ सहसों-चकरनगर से उदी चौराहा होते हुए इटावा आएंगे।
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50 साल पुराना है पुल
चंबल नदी पर बना यह पुल 50 साल पुराना है। ओवर लोडेड वाहनों के बेरोकटोक आवागमन ने पुल को कमजोर कर दिया है। इससे पहले भी पुल कई बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। 24 घंटे के अंदर 900 से 1000 लोडेड ट्रक गुजर रहे हैं।
दो साल पहले भी क्षतिग्रस्त हुआ था पुल
- छह अप्रैल 2019 को पिलर में छेद होने से दो दिन आवागमन बंद रहा था।
-18 जुलाई 2019 को फिर पिलर में खराबी आने से दो दिन आवागमन बंद रहा
-2 अगस्त 2019 को स्लैब क्षतिग्रस्त होने से 8 दिनों तक आवागमन बंद रहा
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पांच माह पहले अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय मार्ग खंड ने जिला प्रशासन को रिपोर्ट दी थी कि एनएच 92 इटावा-भिंड, ग्वालियर मार्ग पर बने चंबल नदी पुल की (ग्वालियर की ओर से) पिलर न. छह की बेयरिंग क्षतिग्रस्त हो गई है। सुरक्षा की दृष्टि से पुल पर भारी वाहनों का आवागमन पूर्णतया: प्रतिबंधित किया जाना जरूरी है। इस रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया।
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जिलाधिकारी ने बताया कि भिंड की ओर जाने वाले भारी वाहन जालौन अथवा शिकोहाबाद होते हुए भिंड जाएंगे। उदी चौराहे से चकरनगर-सहसों-फूफ होते हुए भिंड जाएंगे। भिंड से आगरा/कानपुर की ओर आने वाले भारी वाहन शिकोहाबाद अथवा जालौन होते हुए जाएंगे। फूफ सहसों-चकरनगर से उदी चौराहा होते हुए इटावा आएंगे।
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50 साल पुराना है पुल
चंबल नदी पर बना यह पुल 50 साल पुराना है। ओवर लोडेड वाहनों के बेरोकटोक आवागमन ने पुल को कमजोर कर दिया है। इससे पहले भी पुल कई बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। 24 घंटे के अंदर 900 से 1000 लोडेड ट्रक गुजर रहे हैं।
दो साल पहले भी क्षतिग्रस्त हुआ था पुल
- छह अप्रैल 2019 को पिलर में छेद होने से दो दिन आवागमन बंद रहा था।
-18 जुलाई 2019 को फिर पिलर में खराबी आने से दो दिन आवागमन बंद रहा
-2 अगस्त 2019 को स्लैब क्षतिग्रस्त होने से 8 दिनों तक आवागमन बंद रहा