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रोजगार सेवकों को तीन साल बाद मिला मानदेय
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मनरेगा में काम कर रहे रोजगार सेवकों को तीन साल बाद मानदेय मिल पाया है। कोरोना महामारी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी रोजगार सेवकों के खातों में पैसा भेजा है।
उपायुक्त मनरेगा शौकत अली ने बताया कि जिले में 344 रोजगार सेवकों की भर्ती की गई थी, जिसमें इस समय 327 काम कर रहे हैं।
इन रोजगार सेवकों को 6000 रुपये महीने निर्धारित है। किंतु मनरेगा में व्यय धनराशि की अपेक्षानुसार न कर पाने के कारण मानदेय नहीं मिल पा रहा था।
उपायुक्त ने बताया कि कोरोना महामरी के चलते मुख्यमंत्री ने मंगलवार को अवशेष धनराशि जारी कर दी।
जिले में रोजगार सेवकों को 29349196 रुपये जारी किए गए हैं। महेवा ब्लॉक के नगला शुक्ल के रोजगार सेवक सौरभ शुक्ल ने बताया कि उनके खाते में 14 हजार और बम्होरा के रोजगार सेवक सतीश नागर ने बताया कि उनके खाते में 50 हजार रुपये आए हैं।
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उपायुक्त मनरेगा शौकत अली ने बताया कि जिले में 344 रोजगार सेवकों की भर्ती की गई थी, जिसमें इस समय 327 काम कर रहे हैं।
इन रोजगार सेवकों को 6000 रुपये महीने निर्धारित है। किंतु मनरेगा में व्यय धनराशि की अपेक्षानुसार न कर पाने के कारण मानदेय नहीं मिल पा रहा था।
उपायुक्त ने बताया कि कोरोना महामरी के चलते मुख्यमंत्री ने मंगलवार को अवशेष धनराशि जारी कर दी।
जिले में रोजगार सेवकों को 29349196 रुपये जारी किए गए हैं। महेवा ब्लॉक के नगला शुक्ल के रोजगार सेवक सौरभ शुक्ल ने बताया कि उनके खाते में 14 हजार और बम्होरा के रोजगार सेवक सतीश नागर ने बताया कि उनके खाते में 50 हजार रुपये आए हैं।
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