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अपहरण में आठ को उम्र कैद
ब्यूरो/ अमर उजाला, इटावा
Updated Thu, 15 Oct 2015 12:01 AM IST
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विशेष सत्र न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम दिनेशचंद्र सिंह ने अपहरण के एक मामले में आठ लोगों को दोषी करार देेते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा सात लोगों को बीस बीस हजार के अर्थदंड तथा एक को 25 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
घटना 29 अक्तूबर 2007 की है। वादी लालता प्रसाद के भतीजे हरेंद्र सिंह को लालता प्रसाद के बहनोई आनंदस्वरूप हरेंद्र की ही बाइक पर बैठाकर सुंदरपुर थाना ऊमरी भिंड म.प्र. अपने समधी के यहां खीलेंद देने के लिए ले गए।
वहां पर आनंदस्वरूप ने अपने समधी के लड़के राजा उर्फ सुखवीर से बात की फिर वहां से दूसरे दिन लालता प्रसाद के गांव बरचौली थाना चकरनगर के चले आनंद स्वरूप ने बीहड़ की रास्ता पसिया खार होकर चलने को कहा। दिन के 11 बजे छह सात बंदूकधारी जंगल में आ गए और आनंद स्वरूप व हरेंद्र को बीहड़ में ले गए।
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दो दिन बाद आनंद स्वरूप को यह कहकर कि फिरौती की रकम का इंतजाम कराने के लिए छोड़ दिया। 18 नवंबर को छोटे सिंह सिकरवार दस्यु सम्राट की तरफ से लालता प्रसाद के मोबाइल पर फोन आया कि तुम्हारे भतीजे हरेंद्र की पकड़ पसिया खार से कर ली है।
दस लाख काले थैले में रखकर 19 नवंबर को 9 बजे बिरौना बाग बीहड़ में आ जाना। पुलिस को सूचना दी तो तुम्हारे भतीजे को जान से मार देंगे। इसकी सूचना लालता प्रसाद ने थाना सहसों में दी। एसओ ध्यानसिंह चौहान ने मय फोर्स लालता प्रसाद के साथ काले थैले में कागज के रुपयों जैसी गडडी भरकर बिरौना बाग के बीहड़ गए।
वहां बदमाशों की पुलिस से मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में सुशील तिवारी व सुखवीर उर्फ राजा मौके पर मय असलाहों के गिरफ्तार हुए तथा अन्य बदमाश भाग गए। विवेचना उपरांत मामला सुनवाई के लिए विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र दिनेशचंद्र सिंह के न्यायालय में पहुंचा।
गवाहों के बयान व प्रस्तुत हुए साक्ष्यों के बाद विशेष लोक अभियोजक मेहरवान सिंह यादव अपने तर्कों के जरिए वाद को सिद्घ करने में सफल रहे।
न्यायाधीश ने सुशील तिवारी उर्फ लला पुत्र मेवाराम, अरविंद्र तिवारी पुत्र राजेंद्र तिवारी निवासीगण मिटाहटी थाना सहसों, सुखवीर उर्फ राजा पुत्र आशाराम व नारायन पंडित पुत्र भुरई व सरनाम सिंह पुत्र सरदार सिंह निवासीगण किनैठा थाना ऊमरी भिंड म. प्र. धरमसिंह, हरीसिंह उर्फ शिवराज सिंह व छोटे सिंह सिकरवार पुत्रगण पूरन सिंह निवासी मोहनपुरा थाना सिंहोनिया जिला मुरैना म.प्र. व आनंद स्वरूप उर्फ अहिवरन पुत्र भोलेराम निवासी जौनानी थाना चकरनगर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
आनंद स्वरूप को 25 हजार तथा शेष सभी को बीस बीस हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया।
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घटना 29 अक्तूबर 2007 की है। वादी लालता प्रसाद के भतीजे हरेंद्र सिंह को लालता प्रसाद के बहनोई आनंदस्वरूप हरेंद्र की ही बाइक पर बैठाकर सुंदरपुर थाना ऊमरी भिंड म.प्र. अपने समधी के यहां खीलेंद देने के लिए ले गए।
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वहां पर आनंदस्वरूप ने अपने समधी के लड़के राजा उर्फ सुखवीर से बात की फिर वहां से दूसरे दिन लालता प्रसाद के गांव बरचौली थाना चकरनगर के चले आनंद स्वरूप ने बीहड़ की रास्ता पसिया खार होकर चलने को कहा। दिन के 11 बजे छह सात बंदूकधारी जंगल में आ गए और आनंद स्वरूप व हरेंद्र को बीहड़ में ले गए।
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दो दिन बाद आनंद स्वरूप को यह कहकर कि फिरौती की रकम का इंतजाम कराने के लिए छोड़ दिया। 18 नवंबर को छोटे सिंह सिकरवार दस्यु सम्राट की तरफ से लालता प्रसाद के मोबाइल पर फोन आया कि तुम्हारे भतीजे हरेंद्र की पकड़ पसिया खार से कर ली है।
दस लाख काले थैले में रखकर 19 नवंबर को 9 बजे बिरौना बाग बीहड़ में आ जाना। पुलिस को सूचना दी तो तुम्हारे भतीजे को जान से मार देंगे। इसकी सूचना लालता प्रसाद ने थाना सहसों में दी। एसओ ध्यानसिंह चौहान ने मय फोर्स लालता प्रसाद के साथ काले थैले में कागज के रुपयों जैसी गडडी भरकर बिरौना बाग के बीहड़ गए।
वहां बदमाशों की पुलिस से मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में सुशील तिवारी व सुखवीर उर्फ राजा मौके पर मय असलाहों के गिरफ्तार हुए तथा अन्य बदमाश भाग गए। विवेचना उपरांत मामला सुनवाई के लिए विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र दिनेशचंद्र सिंह के न्यायालय में पहुंचा।
गवाहों के बयान व प्रस्तुत हुए साक्ष्यों के बाद विशेष लोक अभियोजक मेहरवान सिंह यादव अपने तर्कों के जरिए वाद को सिद्घ करने में सफल रहे।
न्यायाधीश ने सुशील तिवारी उर्फ लला पुत्र मेवाराम, अरविंद्र तिवारी पुत्र राजेंद्र तिवारी निवासीगण मिटाहटी थाना सहसों, सुखवीर उर्फ राजा पुत्र आशाराम व नारायन पंडित पुत्र भुरई व सरनाम सिंह पुत्र सरदार सिंह निवासीगण किनैठा थाना ऊमरी भिंड म. प्र. धरमसिंह, हरीसिंह उर्फ शिवराज सिंह व छोटे सिंह सिकरवार पुत्रगण पूरन सिंह निवासी मोहनपुरा थाना सिंहोनिया जिला मुरैना म.प्र. व आनंद स्वरूप उर्फ अहिवरन पुत्र भोलेराम निवासी जौनानी थाना चकरनगर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
आनंद स्वरूप को 25 हजार तथा शेष सभी को बीस बीस हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया।