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चार करोड़ की लागत से शहर में बनेगा राजकीय इंटर कालेज
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इटावा। केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने शहर में राजकीय इंटर कॉलेज के निर्माण की परियोजना को स्वीकृति दे दी है। यह प्रस्ताव पिछले दो सालों से मंत्रालय में अटका था। यहां अल्पसंख्यक छात्र छात्राओं को प्रवेश में वरीयता दी जाएगी। कालेज अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के प्रबंधन में संचालित होगा।
कॉलेज के निर्माण के लिए शहर में जगह चिह्नित कर ली गई है। यह राजकीय इंटर कॉलेज के छात्रावास और पानी की टंकी के पास होगी। भूमि पहले से ही राजकीय इंटर कॉलेज के नाम है। सिर्फ यहां साफ सफाई और समतलीकरण कर निर्माण कार्य कराया जाना शेष है। कॉलेज के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने चार करोड़ 18 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। निर्माण इकाई यूपीआरएनएस को बनाया गया है। निर्माण कार्य अल्पसंख्यक अधिकारी की देखरेख में कराया जाएगा। पहले इस कॉलेज का निर्माण अल्पसंख्यक विद्यालय के नाम से कराने की योजना थी। बाद में इसका नाम परिवर्तन कर राजकीय इंटर कॉलेज कर दिया गया। पिछले दो वित्तीय वर्षों में इसके लिए बजट न मिलने के कारण निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका। अब इस कॉलेज के निर्माण के लिए पहली किस्त आ गई है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि पहली किस्त में 51 लाख की रकम कार्यदाई संस्था को दे दी गई है। यह अल्पसंख्यक विभाग का इंटर कॉलेज होगा। इसमें सभी वर्गों के छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। अल्पसंख्यकों को वरीयता दी जाएगी। जिले में अल्पसंख्यक इंटर कॉलेज खोलने की मंजूरी मिल गई थी। बजट आवंटित न होने के कारण इसका कामकाज शुरू नहीं हो सका था। अब अगले साल तक विद्यालय का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।
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कॉलेज के निर्माण के लिए शहर में जगह चिह्नित कर ली गई है। यह राजकीय इंटर कॉलेज के छात्रावास और पानी की टंकी के पास होगी। भूमि पहले से ही राजकीय इंटर कॉलेज के नाम है। सिर्फ यहां साफ सफाई और समतलीकरण कर निर्माण कार्य कराया जाना शेष है। कॉलेज के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने चार करोड़ 18 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। निर्माण इकाई यूपीआरएनएस को बनाया गया है। निर्माण कार्य अल्पसंख्यक अधिकारी की देखरेख में कराया जाएगा। पहले इस कॉलेज का निर्माण अल्पसंख्यक विद्यालय के नाम से कराने की योजना थी। बाद में इसका नाम परिवर्तन कर राजकीय इंटर कॉलेज कर दिया गया। पिछले दो वित्तीय वर्षों में इसके लिए बजट न मिलने के कारण निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका। अब इस कॉलेज के निर्माण के लिए पहली किस्त आ गई है।
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जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि पहली किस्त में 51 लाख की रकम कार्यदाई संस्था को दे दी गई है। यह अल्पसंख्यक विभाग का इंटर कॉलेज होगा। इसमें सभी वर्गों के छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। अल्पसंख्यकों को वरीयता दी जाएगी। जिले में अल्पसंख्यक इंटर कॉलेज खोलने की मंजूरी मिल गई थी। बजट आवंटित न होने के कारण इसका कामकाज शुरू नहीं हो सका था। अब अगले साल तक विद्यालय का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।
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