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जिला कारागार हुआ आनलाइन
अमर उजाला ब्यूरो इटावा।
Updated Sun, 28 Feb 2016 11:43 PM IST
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जिला कारागार में बंद परिजनों से मिलाई करने के लिए की गई आन लाइन व्यवस्था अब पूरी तरह से लागू होे गई है। मिलाई करने वाले लोग अपना रजिस्ट्रेशन कराने के बाद ही अपने परिजनों से मिल सकेंगे।
रजिस्ट्रेशन कराने के लिए लोगों की काफी भीड़ जुट रही है। मिलाई करने वाले निर्धारित शुल्क देकर ही अपनी पर्ची कटा रहे है। रविवार को जेल अधीक्षक व जेलर ने भीड़ को देखते स्वयं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह किसी को मिलाई के नाम पर अतिरिक्त शुल्क न दें।
जिला कारागार में चार फरवरी से आनलाइन मुलाकात की सुविधा शुुरू की गई थी। बंदियों से मिलने आने वालों को पहचान पत्र साथ में लाना अनिवार्य है। मिलाई करने वालों की फोटो खींचने के बाद ही उसे पर्ची मिलेगी। एक पर्ची पर पांच लोग मुलाकात कर सकते हैं।
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रजिस्ट्रेशन कार्ड बनने के बाद वह निर्धारित पांच रुपये (पांच लोग के) शुल्क जमा कर मुलाकात कर सकता है। यदि वह दोबारा आता है तभी उसे रजिस्ट्रेशन करना होगा। रविवार को मुलाकातियों की संख्या काफी बढ़ गई। भीड़ को देखते हुए जेल अधीक्षक उमेश सिंह ने रविवार को डिप्टी जेलर राजेश कुमार राय के साथ वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वह मिलाई के नाम पर किसी को कोई अतिरिक्त शुल्क न दें । मिलाई के लिए केवल पांच रुपये की पर्ची ही कटती है। यदि कोई भी व्यक्ति इससे अधिक पैसे मांगता है तो उसकी शिकायत करें । परेशान होने पर वह उनके मोबाइल पर बताएं। उनकी समस्याओं का समाधान करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
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रजिस्ट्रेशन कराने के लिए लोगों की काफी भीड़ जुट रही है। मिलाई करने वाले निर्धारित शुल्क देकर ही अपनी पर्ची कटा रहे है। रविवार को जेल अधीक्षक व जेलर ने भीड़ को देखते स्वयं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह किसी को मिलाई के नाम पर अतिरिक्त शुल्क न दें।
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जिला कारागार में चार फरवरी से आनलाइन मुलाकात की सुविधा शुुरू की गई थी। बंदियों से मिलने आने वालों को पहचान पत्र साथ में लाना अनिवार्य है। मिलाई करने वालों की फोटो खींचने के बाद ही उसे पर्ची मिलेगी। एक पर्ची पर पांच लोग मुलाकात कर सकते हैं।
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रजिस्ट्रेशन कार्ड बनने के बाद वह निर्धारित पांच रुपये (पांच लोग के) शुल्क जमा कर मुलाकात कर सकता है। यदि वह दोबारा आता है तभी उसे रजिस्ट्रेशन करना होगा। रविवार को मुलाकातियों की संख्या काफी बढ़ गई। भीड़ को देखते हुए जेल अधीक्षक उमेश सिंह ने रविवार को डिप्टी जेलर राजेश कुमार राय के साथ वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वह मिलाई के नाम पर किसी को कोई अतिरिक्त शुल्क न दें । मिलाई के लिए केवल पांच रुपये की पर्ची ही कटती है। यदि कोई भी व्यक्ति इससे अधिक पैसे मांगता है तो उसकी शिकायत करें । परेशान होने पर वह उनके मोबाइल पर बताएं। उनकी समस्याओं का समाधान करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।