ग्राम्य विकास और पंचायत राज विभाग में ठनी
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ग्राम्य विकास और पंचायत राज विभाग के बीच ठन गई है। पंचायत राज विभाग के कर्मियों द्वारा अपने खिलाफ मोर्चा खोले जाने के बाद ग्राम्य विकास विभाग के कर्मियों ने भी सोमवार को अपने तेवर दिखाए। उप्र ग्राम्य विकास महापरिषद के शाखा अध्यक्ष, डीडीओ अनिल कुमार सिंह और कर्मचारी नेता, महामंत्री दिलीप मिश्र ने प्रभारी डीएम पीके श्रीवास्तव के माध्यम से सीएम अखिलेश यादव को ज्ञापन भेजा है। इसमें कहा कि संविधान की मूल भावना पंचायती राज संस्थाओं को मजबूती प्रदान करना है। जबकि पंचायत राज विभाग खुद को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।
कहा कि पंचायत राज विभाग खुद को ग्राम्य विकास से अलग रखवाना चाहता है। सोमवार को उप्र ग्राम्य विकास महापरिषद ने सीएम को ज्ञापन भेजकर अपनी मंशा जाहिर कर दी। ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम्य विकास एक विभाग न होकर विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने की एक महत्वपूर्ण इकाई है। ग्रामीण विकास से संबंधित अन्य सभी विभाग इसकी एक यूनिट हैं। सरकार का लक्ष्य ग्राम्य विकास है। इसलिए ग्राम्य विकास साध्य है और अन्य सभी विभाग इसके साधन के रूप में कार्य करते हैं। लेकिन अब कुछ सहयोगी विभागवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। पंचायत राज विभाग इसका उदाहरण है। इसलिए मजबूत समन्वयक के रूप में खंड विकास अधिकारी की भूमिका बनाए रखी जाए। ज्ञापन देने वालों में विजय बहादुर सिंह तोमर, अशोक शर्मा, विनोद श्रीवास्तव, सहायक लेखाकार रिंकू, सरोज गुप्ता, सुनीता कटियार, हेमलता, रेशमा, मीरा यादव, सुशीला, अशोक परिहार, विशाल श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।