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Etawah News: माता-पिता को हत्या में फंसाने के लिए फर्जी आधार से ले लिया शव
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इटावा। प्रेम विवाह का विरोध कर रहे माता-पिता को हत्या में फंसाने के लिए एक युवती ने प्रेमी के साथ मिलकर बेहद घिनौनी साजिश रच डाली। इसमें उसका साथ तीन और लोगों ने दिया। साजिश के तहत पहले एक अज्ञात शव को फर्जी आधार कार्ड की मदद से धोखाधड़ी कर पुलिस से ले लिया। अब बारी शव को प्रेमी का बताकर माता-पिता को हत्या में फंसाने की थी। ऐसा हो पाता इससे पहले ही पुलिस ने पूरी साजिश का भंडाफोड़ कर दिया। युवती, उसके प्रेमी वकील और तीन साथियों को गिरफ्तार किया है। प्रेमी को मास्टरमाइंड बताया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम की पटकथा दो जनवरी को फ्रेंड्स कालोनी थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास एक क्षत विक्षत शव मिलने के बाद लिखी गई। इसी के तहत, चार जनवरी को फ्रेंड्स कालोनी क्षेत्र में रहने वाले दीनदयाल, उसके भाई अभी कुमार निवासी आवास विकास कालोनी थाना सिविल लाइन व उनके साथ एक अन्य ने फर्जी आधार कार्ड दिखाकर शव की शिनाख्त दीनदयाल के पुत्र अतुल कुमार (26) के रूप में की थी। पुलिस ने मृतक के आधार कार्ड को देखकर अभी कुमार से तहरीर ली और उन्हें शव सुपुर्द कर दिया था। आरोपियों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
इस मामले में नया मोड़ सात जनवरी को तब आया जब धर्मवीर राजपूत निवासी ग्राम तेज का पुरवा थाना अजीतमल जनपद औरैया फ्रेंड्स कॉलोनी थाने पहुंचे। उन्होंने कपड़ों आदि से पहचान करके शव अपने भाई सत्यवीर पुत्र रूपराम का बताया। सत्यवीर से जुड़े दस्तावेज भी दिखाए। इस पर पुलिस के कान खड़े हो गए और विभाग में खलबली मच गई।
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हरकत में आई पुलिस दीनदयाल, अभी कुमार व अन्य के पते पर जांच करने पहुंची तो पता चला कि इस नाम का कोई भी शख्स यहां नहीं रहता। थाने में जो मोबाइल नंबर दर्ज कराए गए थे वह भी फर्जी निकले। बेहद शातिर अंदाज में रची गई साजिश में पुलिस भी फंस गई थी। शव ले जाने वालों का पता लगाना किसी चुनौती से कम नहीं था।
ऐसे में पुलिस की टीमों ने जांच का दायरा बढ़ाया और उसे आसपास के जिलों तक ले गई। पड़ताल में सामने आया कि शव ले जाने वालों में एक वकील शामिल है। एसएसपी के नेतृत्व में जांच के लिए थाना पुलिस के साथ ही एसओजी और सर्विलांस की टीमें भी लगी थीं। सीसीटीवी कैमरों में कैद आरोपियों की फुटेज की मदद से पुलिस के हाथ आरोपियों की जानकारी लग गई।
अभी कुमार बने मो. फारुख निवासी कटरा पुरदल खां थाना कोतवाली इटावा, दीनदयाल बने व्यक्ति का वास्तविक नाम मो. तसलीम निवासी साबितगंज, सदर कोतवाली पता चला। इनके अलावा, अतुल कुमार बने मो. फुरकान निवासी शाहकमर, सदर जनपद के नाम प्रकाश में आए। इसी दौरान पुलिस को मुख्य सरगना के रूप में हेतराम मित्तल पुत्र खजांची लाल निवासी खटखटा बाबा कालोनी, सदर कोतवाली इटावा और मुस्कान कोष्ठा पुत्री नंदकिशोर निवासी महेरा चुंगी थाना फ्रेंड्स कालोनी का नाम पता चला।
पुलिस ने रविवार दोपहर 12:10 बजे टीबी अस्पताल के पास से मुख्य आरोपी हेतराम मित्तल, उसकी प्रेमिका मुस्कान को गिरफ्तार कर लिया। अन्य तीन साथियों को दोपहर 2:20 बजे मोर्चरी के मुख्य गेट के पास से पकड़ा। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने रविवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता करके बताया कि माता-पिता को हत्या के आरोप में फंसाने के लिए मुस्कान ने अपने प्रेमी हेतराम के साथ मिलकर फर्जी आधार कार्ड के जरिए सत्यवीर के शव को धोखाधड़ी करके अपनी सुपुर्दी में लिया था। मुस्कान उक्त शव को अपने प्रेमी का बताकर माता-पिता को हत्या में फंसाने की साजिश रच रही थी। पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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इस पूरे घटनाक्रम की पटकथा दो जनवरी को फ्रेंड्स कालोनी थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास एक क्षत विक्षत शव मिलने के बाद लिखी गई। इसी के तहत, चार जनवरी को फ्रेंड्स कालोनी क्षेत्र में रहने वाले दीनदयाल, उसके भाई अभी कुमार निवासी आवास विकास कालोनी थाना सिविल लाइन व उनके साथ एक अन्य ने फर्जी आधार कार्ड दिखाकर शव की शिनाख्त दीनदयाल के पुत्र अतुल कुमार (26) के रूप में की थी। पुलिस ने मृतक के आधार कार्ड को देखकर अभी कुमार से तहरीर ली और उन्हें शव सुपुर्द कर दिया था। आरोपियों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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इस मामले में नया मोड़ सात जनवरी को तब आया जब धर्मवीर राजपूत निवासी ग्राम तेज का पुरवा थाना अजीतमल जनपद औरैया फ्रेंड्स कॉलोनी थाने पहुंचे। उन्होंने कपड़ों आदि से पहचान करके शव अपने भाई सत्यवीर पुत्र रूपराम का बताया। सत्यवीर से जुड़े दस्तावेज भी दिखाए। इस पर पुलिस के कान खड़े हो गए और विभाग में खलबली मच गई।
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हरकत में आई पुलिस दीनदयाल, अभी कुमार व अन्य के पते पर जांच करने पहुंची तो पता चला कि इस नाम का कोई भी शख्स यहां नहीं रहता। थाने में जो मोबाइल नंबर दर्ज कराए गए थे वह भी फर्जी निकले। बेहद शातिर अंदाज में रची गई साजिश में पुलिस भी फंस गई थी। शव ले जाने वालों का पता लगाना किसी चुनौती से कम नहीं था।
ऐसे में पुलिस की टीमों ने जांच का दायरा बढ़ाया और उसे आसपास के जिलों तक ले गई। पड़ताल में सामने आया कि शव ले जाने वालों में एक वकील शामिल है। एसएसपी के नेतृत्व में जांच के लिए थाना पुलिस के साथ ही एसओजी और सर्विलांस की टीमें भी लगी थीं। सीसीटीवी कैमरों में कैद आरोपियों की फुटेज की मदद से पुलिस के हाथ आरोपियों की जानकारी लग गई।
अभी कुमार बने मो. फारुख निवासी कटरा पुरदल खां थाना कोतवाली इटावा, दीनदयाल बने व्यक्ति का वास्तविक नाम मो. तसलीम निवासी साबितगंज, सदर कोतवाली पता चला। इनके अलावा, अतुल कुमार बने मो. फुरकान निवासी शाहकमर, सदर जनपद के नाम प्रकाश में आए। इसी दौरान पुलिस को मुख्य सरगना के रूप में हेतराम मित्तल पुत्र खजांची लाल निवासी खटखटा बाबा कालोनी, सदर कोतवाली इटावा और मुस्कान कोष्ठा पुत्री नंदकिशोर निवासी महेरा चुंगी थाना फ्रेंड्स कालोनी का नाम पता चला।
पुलिस ने रविवार दोपहर 12:10 बजे टीबी अस्पताल के पास से मुख्य आरोपी हेतराम मित्तल, उसकी प्रेमिका मुस्कान को गिरफ्तार कर लिया। अन्य तीन साथियों को दोपहर 2:20 बजे मोर्चरी के मुख्य गेट के पास से पकड़ा। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने रविवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता करके बताया कि माता-पिता को हत्या के आरोप में फंसाने के लिए मुस्कान ने अपने प्रेमी हेतराम के साथ मिलकर फर्जी आधार कार्ड के जरिए सत्यवीर के शव को धोखाधड़ी करके अपनी सुपुर्दी में लिया था। मुस्कान उक्त शव को अपने प्रेमी का बताकर माता-पिता को हत्या में फंसाने की साजिश रच रही थी। पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।