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Etawah News: खतरा सिर पर, कार्रवाई नोटिस भर

Tue, 30 Jun 2026 11:11 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2026 11:11 PM IST
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Danger looms, yet action is limited to mere notices.
इटावा। शहर में 50 से अधिक जर्जर भवन लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं, लेकिन नगर पालिका पूरे साल इन भवनों का सर्वे तक नहीं करा सकी। अब मानसून की दस्तक के साथ पुराने भवनों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। अब जाकर नगर पालिका को सर्वे कराने की सुध आई है। ऐसे में बारिश के दौरान कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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सोमवार को सदर तहसील परिसर में जर्जर भवन को गिराने के दौरान हुआ हादसा प्रशासन के लिए चेतावनी साबित हुआ। भवन ध्वस्तीकरण के समय मलबा गिरने से एक श्रमिक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद भी शहर के अन्य खतरनाक भवनों को लेकर कोई विशेष कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। स्थिति यह है कि नगर पालिका की ओर से इस वर्ष शहर में जर्जर भवनों के चिह्नीकरण के लिए कोई व्यापक सर्वे नहीं कराया गया। केवल शिकायत या प्रार्थना पत्र मिलने के आधार पर पांच जर्जर भवनों के स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं। जबकि शहर के गाड़ीपुरा, पुरबिया टोला, साबितगंज, कटरा बलसिंह, मेवाती टोला समेत कई मोहल्लों में दशकों पुराने भवन जर्जर हालत में खड़े हैं। इनमें कई भवनों की ऊपरी मंजिलों में लोग रह रहे हैं, जबकि भूतल पर दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं। ऐसे भवन किसी भी समय भरभराकर गिर सकते हैं।यह स्थिति केवल निजी भवनों तक सीमित नहीं है। जिले में कई सरकारी कार्यालय और आवास भी पुराने भवनों में संचालित हो रहे हैं। हालांकि जिले में कितने सरकारी भवन जर्जर हैं, इसका कोई अद्यतन रिकॉर्ड संबंधित विभागों के पास उपलब्ध नहीं है। इससे यह स्पष्ट है कि सरकारी स्तर पर भी जर्जर भवनों को लेकर कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई।
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इनको नोटिस जारी
1- मोहम्मद ताहिर, साबितगंजी पूर्वी
2- रूपराम सिंह, कटरा बलसिंह
3- राजेश कुमार, गाड़ीपुरा
4- नाजिया, लिथाई टोला, छिपैटी
5- इलियास अहमद, साबितगंज
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वर्जन
जल्द ही शहर में जर्जर भवनों का सर्वे कराया जाएगा और जो भवन अत्यधिक खतरनाक पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं सरकारी जर्जर भवनों और कार्यालयों से जुड़ा डेटा नगर पालिका के पास नहीं होता है। यह जानकारी संबंधित विभाग ही उपलब्ध करवा सकता है।
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-संतोष कुमार मिश्र, ईओ
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