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परिषदीय विद्यालयों की परीक्षाओं पर संकट
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लवेदी। कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार से बेसिक शिक्षा विभाग की परीक्षा पर एक बार फिर संकट छा गए हैं। वार्षिक परीक्षा का समय आने वाला है। स्कूलों में अब तक छमाही परीक्षा ही नहीं हुई है। स्कूलों में दो साल से बिना परीक्षा के ही छात्र प्रमोट किए जा रहे हैं।
अगले तीन महीने के अंदर बेसिक स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं कराई जानी हैं। फिलहाल छमाही परीक्षा पर ही शिक्षा विभाग में असमंजस है। फिलहाल बेसिक स्कूलों में शीतकालीन अवकाश चल रहा है।
जिस तरह कोविड के केस बढ़ रहें, उसे देखते हुए मुश्किल माना जा रहा कि आगे जल्द स्कूल खुल जाएंगे। इस बीच विधानसभा चुनाव भी होने हैं। जिसके नतीजे 10 मार्च को आएंगे। उसके बाद वार्षिक परीक्षा का समय होगा, लेकिन अभी अर्द्ध वार्षिक परीक्षा के संबंध में कोई आदेश नहीं आया है।
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असमंजस के माहौल में माना जा रहा कि बेसिक स्कूलों के बच्चों को इस बार भी पिछले दो सालों की तरह अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाएगा। शिक्षा क्षेत्र से जुडे़ लोगों का मानना है कि बिना परीक्षा प्रमोट होने से बच्चों की बौद्धिक क्षमता का आकलन करना मुश्किल होगा।
भविष्य में इन बच्चों के सामने कठिनाइयां आ सकती हैं। अभिभावक भी इसे लेकर चिंतित हैं। बीईओ महेवा सर्वेश कुमार ने बताया कि परीक्षा के संबंध में शासन से अभी कोई आदेश नहीं मिला है। जो आदेश मिलेगा पालन किया जाएगा। बच्चों का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है।
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अगले तीन महीने के अंदर बेसिक स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं कराई जानी हैं। फिलहाल छमाही परीक्षा पर ही शिक्षा विभाग में असमंजस है। फिलहाल बेसिक स्कूलों में शीतकालीन अवकाश चल रहा है।
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जिस तरह कोविड के केस बढ़ रहें, उसे देखते हुए मुश्किल माना जा रहा कि आगे जल्द स्कूल खुल जाएंगे। इस बीच विधानसभा चुनाव भी होने हैं। जिसके नतीजे 10 मार्च को आएंगे। उसके बाद वार्षिक परीक्षा का समय होगा, लेकिन अभी अर्द्ध वार्षिक परीक्षा के संबंध में कोई आदेश नहीं आया है।
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असमंजस के माहौल में माना जा रहा कि बेसिक स्कूलों के बच्चों को इस बार भी पिछले दो सालों की तरह अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाएगा। शिक्षा क्षेत्र से जुडे़ लोगों का मानना है कि बिना परीक्षा प्रमोट होने से बच्चों की बौद्धिक क्षमता का आकलन करना मुश्किल होगा।
भविष्य में इन बच्चों के सामने कठिनाइयां आ सकती हैं। अभिभावक भी इसे लेकर चिंतित हैं। बीईओ महेवा सर्वेश कुमार ने बताया कि परीक्षा के संबंध में शासन से अभी कोई आदेश नहीं मिला है। जो आदेश मिलेगा पालन किया जाएगा। बच्चों का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है।