युवक का शव खड्ड में मिला
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थाना क्षेत्र के ग्राम चकवा खुर्द गांव से रविवार रात को गायब हुए युवक का शव सोमवार की सुबह अमृतपुर के पास सड़क के किनारे खड्ड में पड़ा मिला। मृतक की दाईं आंख और नाक से खून बह रहा था। चेहरे पर चोट के निशान थे। शव मिलने की सूचना पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। परिजनों को इसकी सूचना पुलिस को दी। परिजनों ने हत्या कर शव को फेंके जाने की आशंका व्यक्त की है। हालांकि उन्होंने किसी पर शक नहीं जताया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम के अलावा डाग स्क्वायड भी बुलाया गया। खोजी कुत्ता वहीं घूमता रहा।
गांव चकवा खुर्द निवासी महेश चंद्र का 38 वर्षीय पुत्र उदयवीर रविवार को अपने पिता के साथ खेतों पर गेहूं की कटाई करने के लिए गया था। करीब नौ बजे वह शौच के लिए जाने की बात कहकर वहां से निकल आया। पिता कटाई करने के बाद घर चले आए। जब उदयवीर घर पर भी नही आया तो परिजनों को चिंता हुई। परिजनों ने गांव के लोगों के साथ उसकी खोजबीन की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। सोमवार की सुबह अमृतपुर गांव के लोग शौच के लिए निकले तो उन्होंने सड़क के किनारे खड्ड में एक युवक का शव पड़ा देखा। इटावा की ओर से जा रहे गांव का एक युवक भीड़ देखकर वहां पर रुक गया। उसने शव की शिनाख्त अपने गांव के उदयवीर के रूप में की। शव मिलने की जानकारी पर परिजन मौके पर पहुंचे । सूचना मिलने पर एसओ बसरेहर भोलू सिंह भाटी मय फोर्स के मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। पिता ने उसकी हत्या कर शव फेंके जाने की आश्ंाका व्यक्त की है। सीओ सैफई श्याम सुंदर ग्रोवर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर फील्ड यूनिट की टीम को बुलाया। एसओ बसरेहर भोलू सिंह भाटी ने बताया कि ऐसा लग रहा है कि युवक शराब के नशे के कारण गिर गया जिससे उसके चोट आ गई और उसकी मौत हो गई। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
अपने मां बाप का था इकलौता पुत्र
- उदयवीर अपने मां बाप का इकलौता पुत्र था। उसकी शादी करीब दस साल पहले हुई थी। लेकिन शादी के बाद से ही उसकी पत्नी मायके में रह रही थी। उदयवीर के कोई संतान नही है। पिता महेश ने बताया कि वह अपनी बहू की विदा कराने के लिए कई बार गीजा उसके मायके गया। पांच माह पहले उसके पिता की मौत हो गई थी उनकी मौत पर उसकी पुत्रवधू व उसका कोई परिजन नही आया था। इकलौते पुत्र की मौत ने उन्हें तोड़कर रख दिया।
26 को बहन की जानी थी लगुन
- महेश ने अपने साढ़ू की निशक्त पुत्री आरती को छोटे पर ही गोद लिया था। उदयवीर भी आरती को अपनी सगी बहन की तरह से प्यार करता था। वह उसकी शादी धूमधाम से करना चाहता था। उसकी शादी उसने ऊसराहार थाना क्षेत्र के गांव चंदर पुरा में तय कर दी थी। 26 अप्रैल की उसकी लगुन जानी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थी इसी बीच उदयवीर की मौत हो गई। बहन का रो रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग उसे सांत्वना दे रहे थे लेकिन उसके आंसू थमने के नाम नही ले रहे थे।