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फर्रुखाबाद का अपहृत युवक खेत में मिला

Sun, 09 Aug 2015 11:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Sun, 09 Aug 2015 11:21 PM IST
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The young man was abducted from Farrukhabad farm

फर्रुखाबाद के ग्राम नौली का अपहृत युवक ऊसराहार क्षेत्र में रविवार को खेत में बंधा पड़ा मिला। बेहोशी की हालत में उसके हाथ-पैर जंजीर से बंधे थे। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया।

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पूछताछ में युवक ने अपनी पत्नी और साढ़ू पर अपहरण का आरोप लगाया है। ऊसराहार थाना क्षेत्र के ग्राम कुड़री के पास रविवार की सुबह ग्रामीणों ने मक्का के एक खेत के बाहर बेहोश पड़े युवक को देखा। उसके हाथ-पैर जंजीर से बंधे थे। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे मुक्त कराकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
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उपचार के बाद होश में आए युवक ने पुलिस को अपना नाम सुधीर दिवाकर पुत्र मुनहरी बताया। यह भी जानकारी दी कि वह फर्रुखाबाद के थाना मेरापुर के नौली गांव का रहने वाला है। पूछताछ में उसने खुद के अपहरण की कहानी सुनाई।
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उसने बताया कि 14 जुलाई को फर्रुखाबाद से आगरा जाते समय एटा में मारुति वैन सवार बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया था। सुधीर के अनुसार, वह दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में नौकरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी पत्नी गांव में रहती है।

जुुलाई में उससे कहा गया कि फर्रुखाबाद में ही पखना बिहार निवासी उसके साढ़ू अशोक की मां की हालत गंभीर है। उनका आगरा में इलाज चल रहा है इसलिए जो पैसे पास हों, उन्हें लेकर चले आओ। उन्हें देखने के लिए वह अपने गांव आया। 14 जुलाई को पत्नी अर्चना के साथ आगरा जाने के लिए रवाना हुआ। एटा में उसे दूसरी बस पकड़नी थी।

वहां दो मारुति वैन आईं। पत्नी ने बताया कि ये गाड़ियां अशोक ने भेजी हैं। इसके बाद वे दोनों अलग-अलग गाड़ियों पर सवार हो गए। कार चलने के कुछ देर बाद वहां बैठे अज्ञात लोगों ने उसके साथ मारपीट करते हुए उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया। जब उसे होश आया तो उसके हाथ-पैर बंधे थे, आंखों पर पट्टी थी।

उन्होंने उसके पास से 20 हजार रुपये भी लूट लिए थे। बदमाश उसे इधर से उधर घुमाते रहे। रोजाना शाम को उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया जाता था। सुधीर ने बताया कि उसे खाने पीने के लिए भी थोड़ा बहुत दे दिया जाता था। अधिकांश समय वह नशे में ही बना रहता था। कुछ दिन पूर्व ही उसे बदमाशों ने यहां मक्का के खेत में डाल रखा था।

रात में उसे कुछ बेहोशी टूटी तो वह धीरे धीरे सरक कर खेत के किनारे की ओर आ गया। इस पर ग्रामीणों ने उसे बचा लिया। पुलिस ने अपह्त युवक के बारे में मेरापुर पुलिस को जानकारी दी। उसके बाद उसका भाई स्वदेश थाने पहुंचा।

स्वदेश ने बताया कि 14 जुलाई से उसके परिवार वाले बराबर सुधीर की खोजबीन करते रहे परंतु उसका कहीं पता नहीं चल सका। मेरापुर थाना पुलिस ने उसकी रिपोर्ट भी नहीं लिखी। इसके लिए उसके अदालत में भी अर्जी दी है। सुधीर ने पुलिस से अपहरण के मामले में पत्नी और साढ़ू पर ही शक जाहिर किया।


ऊसराहार पुलिस ने सुधीर को उसके भाई स्वदेश की सुपुर्दगी में दे दिया। पुलिस के मुताबिक चूंकि यहां कोई मामला दर्ज नहीं है इसलिए विवेचना मेरापुर पुलिस करेगी। 

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