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दहेज हत्या में पति व सास को दस-दस साल की सजा
Thu, 14 Feb 2019 11:53 PM IST
प्रतीक दुबे
अमर उजाला, इटावा
अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रतीक दुबे
Updated Thu, 14 Feb 2019 11:53 PM IST
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- फोटो : PTI
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमलेश कुमार ने दहेज हत्या के दोषी पति और सास को दस-दस साल की सजा सुनाई है। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र तिवारी के अनुसार वादी जगमोहन सिंह ने जसवंतनगर थाने में 29 मई 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसने बेटी प्रेमलता की शादी 20 जून 2010 को अमित कुमार उर्फ आलोक पुत्र सुघर सिंह निवासी मलूपुरा जसवंतनगर के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज में एक लाख रुपये और बाइक की मांग कर रहे थे। इसी बीच प्रेमलता को उसके पति के किसी अन्य लड़की के संबंध होने की जानकारी हुई। प्रेमलता ने विरोध किया। 22 मई 2017 की रात प्रेमलता को कमरे में बंद करके उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मायके वालों को जानकारी दिए बिना ही दूसरे दिन प्रेमलता का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बाद में ग्रामवासियों से उसे इसकी जानकारी हुई। तब उसने रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमलेश कुमार की कोर्ट ने अमित कुमार उर्फ आलोक कुमार एवं सास मालती देवी को दोषी करार दिया। उन्हें दस साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही पांच पांच हजार रुपए की अर्थदंड से दंडित किया।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र तिवारी के अनुसार वादी जगमोहन सिंह ने जसवंतनगर थाने में 29 मई 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसने बेटी प्रेमलता की शादी 20 जून 2010 को अमित कुमार उर्फ आलोक पुत्र सुघर सिंह निवासी मलूपुरा जसवंतनगर के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज में एक लाख रुपये और बाइक की मांग कर रहे थे। इसी बीच प्रेमलता को उसके पति के किसी अन्य लड़की के संबंध होने की जानकारी हुई। प्रेमलता ने विरोध किया। 22 मई 2017 की रात प्रेमलता को कमरे में बंद करके उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मायके वालों को जानकारी दिए बिना ही दूसरे दिन प्रेमलता का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बाद में ग्रामवासियों से उसे इसकी जानकारी हुई। तब उसने रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमलेश कुमार की कोर्ट ने अमित कुमार उर्फ आलोक कुमार एवं सास मालती देवी को दोषी करार दिया। उन्हें दस साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही पांच पांच हजार रुपए की अर्थदंड से दंडित किया।
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