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निलंबित थानेदार और तीन सिपाहियों पर हत्या की रिपोर्ट
अमर उजाला, इटावा
Updated Mon, 13 Nov 2017 11:44 PM IST
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इटावा। इकदिल थाने में तैनात रहे एसओ व तीन सिपाहियों के खिलाफ महिला होमगार्ड के पुत्र की हत्या की रिपोर्ट सोमवार को कोर्ट के आदेश पर दर्ज कर ली गई। मुकदमे में एससीएसटी एक्ट की धारा भी लगी है। इस मामले में एसएसपी वैभव कृष्ण चारों पुलिसकर्मियों को पहले ही सस्पेंड कर सीओ सिटी डा. अंजनी कुमार चतुर्वेदी को जांच सौंप चुके हैं।
इकदिल थाने के गांव भूलपुरा निवासी महिला होमगार्ड ऊषा देवी का आरोप है कि बीती 1 अक्तूबर को उनका 22 वर्षीय पुत्र कमल कुमार उन्हें लेने के लिए इकदिल से बाइक से आया था। वह हाईवे ओवरब्रिज के पास बैठकर उनका इंतजार कर रहा था। इसी दौरान जीप से वहां पहुंचे इकदिल थाना इंचार्ज अमित कुमार, थाने के सिपाही धर्मेंद्र कुमार, बृजेंद्र कुमार व जीप चालक आरिफ ने कमल को पकड़ लिया और चोरी के मोबाइल बेचने व खरीदने का आरोप लगाकर उसे पीटने लगे। इस बीच वह भी मौके पर पहुंच गई। उसके विरोध करने पर पुलिसवालों ने उससे भी गालीगलौज की।
मारपीट से कमल बेहोश हो गया तो पुलिसवाले उसे जीप में डालकर जिला अस्पताल ले गए। वहां डाक्टर ने कमल को मृत बताया तो पुलिसकर्मी शव छोड़कर भाग निकले। वह थाने गई तो उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। बाद में इसी मामले में थाने पहुंचे भाजपाइयों की एसओ से नोकझोंक हुई थी। मामला तूल पकड़ने पर एसएसपी ने चारों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था। इस बीच महिला ने कोर्ट से गुहार लगाई। कोर्ट के आदेश पर सोमवार को मामला दर्ज कर लिया गया।
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इकदिल थाने के गांव भूलपुरा निवासी महिला होमगार्ड ऊषा देवी का आरोप है कि बीती 1 अक्तूबर को उनका 22 वर्षीय पुत्र कमल कुमार उन्हें लेने के लिए इकदिल से बाइक से आया था। वह हाईवे ओवरब्रिज के पास बैठकर उनका इंतजार कर रहा था। इसी दौरान जीप से वहां पहुंचे इकदिल थाना इंचार्ज अमित कुमार, थाने के सिपाही धर्मेंद्र कुमार, बृजेंद्र कुमार व जीप चालक आरिफ ने कमल को पकड़ लिया और चोरी के मोबाइल बेचने व खरीदने का आरोप लगाकर उसे पीटने लगे। इस बीच वह भी मौके पर पहुंच गई। उसके विरोध करने पर पुलिसवालों ने उससे भी गालीगलौज की।
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मारपीट से कमल बेहोश हो गया तो पुलिसवाले उसे जीप में डालकर जिला अस्पताल ले गए। वहां डाक्टर ने कमल को मृत बताया तो पुलिसकर्मी शव छोड़कर भाग निकले। वह थाने गई तो उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। बाद में इसी मामले में थाने पहुंचे भाजपाइयों की एसओ से नोकझोंक हुई थी। मामला तूल पकड़ने पर एसएसपी ने चारों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था। इस बीच महिला ने कोर्ट से गुहार लगाई। कोर्ट के आदेश पर सोमवार को मामला दर्ज कर लिया गया।
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