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पांच अपहर्ता दबोचे
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Sat, 18 Mar 2017 12:08 AM IST
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अपहर्ताओं से बरामद असलहे।
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एक सप्ताह पूर्व स्कूल से घर जाते समय किशोर का अपहरण करने वाले पांच बदमाशों को क्राइम ब्रांच और सैफई थाना पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पकड़ लिया। छात्र को सकुशल बचा लिया। अपहर्ताओं के पास से भारी मात्रा में असलहे, कारतूस और चोरी की पांच बाइकें बरामद र्हुइं हैं।
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सैफई थाना क्षेत्र के गांव बरौली कलां में अपने मामा सुभाष के यहां रह रहे प्रशांत शाक्य (13) पुत्र स्व. मानसिंह का बदमाशों ने 8 मार्च को स्कूल से लौटते समय अपहरण कर लिया था। उन्होंने फोन कर किशोर के मामा से 11 लाख की फिरौती मांगी थी। उसे मारने की धमकी भी दी थी। इस घटना की रिपोर्ट अपहृत के भाई हिमांशु ने दर्ज कराई थी। शुक्रवार को पुलिस लाइन में एसएसपी शिवहरि मीणा ने बताया कि प्रशांत को मुक्त कराने के लिए क्राइम ब्रांच और सैफई थाना पुलिस को लगाया गया। सर्विलांस व मुखबिरों के जरिये बदमाशों की सुरागकसी की गई। इसके अलावा स्वाट टीम को भी लगाया गया। गुरुवार शाम को मुखबिरों और सर्विलांस के जरिये मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने कर्री रोड मुड़ियन बंबा की पटरी के किनारे छिपे बदमाशों की घेराबंदी की। बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग की। जवाब में पुलिस ने भी बल प्रयोग कर पांचों बदमाशों क ो दबोच लिया। उनके कब्जे से प्रशांत को मुक्त करा लिया। पकड़े गए बदमाशों ने अपने नाम सत्यवीर यादव उर्फ मटरू पुत्र फेरू सिंह निवासी नगला तेज, अवनीश कुमार प्रजापति उर्फ सिपाही पुत्र सरमन सिंह निवासी कुइया, सुखवीर राजपूत पुत्र बाबूराम निवासी नगला बाबा थाना वैदपुरा, श्यामसुंदर राजपूत उर्फ छोटे पुत्र रामौतार निवासी कुइया थाना सैफई, दिलीप उर्फ कल्लू राजपूत पुत्र महेंद्र सिंह निवासी नगला छत्ते थाना वैदपुरा बताए। बदमाशों के पास से तीन तमंचे 315 बोर, छह खोखा, दो कारतूस, दो चाकू, घटना में प्रयुक्त बाइक समेत पांच चोरी की बाइकें बरामद हुईं हैं। पुलिस ने बदमाशों को जेल भेज दिया। किशोर को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
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पुलिस टीम को दिया पांच हजार का इनाम
इटावा। अपहृत प्रशांत को सकुशल मुक्त कराने वाली टीम को एसएसपी शिवहरि मीणा ने पांच हजार का इनाम देने की घोषणा की है। अपहृत को मुक्त कराने वाली टीम में क्राइम ब्रांच प्रभारी अजहर खान, सर्विलांस प्रभारी सतेंद्र सिंह, आरक्षी विनय यादव, उदयवीर सिंह, कपिल कुमार, सर्वेश कुमार, कुलदीप राठी, रविंद्र कुमार, नागेंद्र कुमार, विवेक, तरुण यादव, बृजेंद्र यादव के अलावा प्रभारी निरीक्षक सैफई गोपाल सिंह यादव, एसओ वैदपुरा जेपी पाल, एसआई कुशलपाल सिंह, एसआई बीरेंद्र सिंह, एचसीपी उदयवीर सिंह व आरक्षी अजयकुमार शामिल हैं।
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उल्टा हेलमेट लगाकर ले जाते थे प्रशांत को
इटावा। प्रशांत ने बताया कि उसको जबरन बाइक पर बिठाया और सिर पर उल्टा हेलमेट रख दिया ताकि कोई मुझे देख न सके। दो दिन करहल में किसी मकान में रखा गया। शौच को ले जाते वक्त बच्चों का शोर सुना तो अहसास हुआ कि वह किसी मकान में है, जिसमें और लोग भी रहते हैं। उसने रोशनदान के जरिये देखा तो बाहर बोर्ड पर करहल लिखा देखा। उसके बाद बदमाश वहां से उल्टा हेलमेट लगाकर ले गए। उसे कहां रखा गया इसकी जानकारी नहीं हो सकी।
अवनीश है पांच हजार का इनामी
इटावा। एसएसपी शिवहरि मीणा ने बताया कि अपहर्ता शातिर अपराधी हैं। ये सभी बाइक चोरी के धंधे में लिप्त हैं। अपहरण की घटना को अंजाम देने में जिस बाइक का प्रयोग किया गया, वह भी चोरी की थी। आरोपी अवनीश राजपूत 5 फरवरी 2017 में कटरा सेवाकली कोतवाली इटावा से बाइक चोरी के मामले में वांछित चल रहा था। उस पर पांच हजार का इनाम भी घोषित है। इसके अलावा सुखवीर भी शातिर वाहन चोर है। वह भी वाहन चोरी के मामले में जेल जा चुका है। वह 27 फरवरी को ही जेल से छूटकर आया था।
15 दिन से बनाई जा रही थी अपहरण की योजना
इटावा। अपहर्ताओं की माने तो प्रशांत के अपहरण की योजना 15 दिन से बनाई जा रही थी। 8 मार्च को जैसे ही वह अकेले हुआ, बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया। पकड़े गए सत्यवीर यादव उर्फ मटरू ने बताया कि वह बरौली गांव में बटाई पर खेती करता है। इससे उसे गांव के बारे में जानकारी है। प्रशांत की मां व मामा की आर्थिक स्थिति अच्छी होने के चलते उससे रक म मिलने की आशा थी। इस कारण उसने अवनीश के साथ मिलकर उसके अपहरण की योजना बनाई। योजना को अंजाम देने के लिए वह लगातार कई दिनों से स्कूल व रास्ते में उसके आगे पीछे चक्कर लगा रहे थे। लेकिन कभी वह अपने साथियों के साथ मिलता था तो कभी भागवत में रुक जाता था। 8 मार्च को भी रुटीन की तरह स्कूल पर रैकी कर रहे थे। जब छुट्टी हुई और प्रशांत अपने भाई के साथ निकला। भाई हिमांशु बाल कटवाने के लिए रुक गया और प्रशांत साइकिल लेकर घर को चला तो रास्ते में उसका अपहरण कर लिया।
अपहरण के बाद प्रशांत को करहल में पहले से ही किराए पर लिए गए कमरे में रखा। कमरे में उसको आंख बांधकर रखा गया था। जब वह चिल्लाने का प्रयास करता तो जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया जाता। दो दिन करहल में रखने के बाद वह प्रशांत को लेकर वैदपुरा थाना क्षेत्र के गांव नगला छत्ते में दिलीप उर्फ कल्लू राजपूत के खाली पड़े कमरे में ले गया और वहां बंधक बनाकर रखा। वहां पर उसकी रखवाली के लिए सुखवीर व श्याम सुंदर रहते थे। गांव के लोगों शक हुआ तो प्रशांत को वहां से निकाल लाए। उसे चौबिया थाना क्षेत्र के किसी सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे थे तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।