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ताबड़तोड़ हत्याएं और अपहरण बने पुलिस के लिए चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो/इटावा
Updated Thu, 13 Jul 2017 11:39 PM IST
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इटावा। जिले में हुई हत्या के अलावा लूट व अपहरण के मामले पुलिस के चुनौती बने हैं। वारदात के बाद भी सुराग नहीं लगा। चोरी की बढ़ती घटनाओं पर भी पुलिस अंकुश लगाने में सफल नहीं हो पा रही है। आए दिन हो रही चोरियों से लोगों में दहशत है। भट्टा व्यवसायी के अपहरण को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है। भट्टा व्यापारी की बरामदगी न होने पर जसवंत नगर के लोगों ने बाजार बंद कर थाने के सामने धरना दिया था। इसके अलावा जिले में कई संगीन वारदात हुई पुलिस उसमें से एक भी घटना का खुलासा करने में सफल नहीं हो सकी।
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हत्या-लूट के खुलासे का इंतजार
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत प्रोफेसर कालोनी निवासी भट्टा व्यवसायी मुन्न्ूा सिंह वर्मा 19 मई की दोपहर करीब दो बजे अपने भट्टे पर जाने के लिए निकले थे। उनकी पत्नी नीलम सिंह ने दरवाजा बंद किया और अंदर चली गईं। तभी मौका पाकर बदमाश उनके घर में घुस गए और पत्नी नीलम सिंह की हत्या कर लाखों के जेवर-नकदी लूट ले गए। शाम सात बजे जब मुन्नू सिंह घर लौटे तो उन्हें इसकी जानकारी हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी कानपुर आलोक सिंह ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया था। उन्होंने घटना का जल्द ही खुलासा करने का दावा किया था लेकिन पौने दो माह बीतने के बाद पुलिस घटना के संबंध में कोई सुराग नहीं लगा सकी। वारदात का खुलासा न होने से लोगों में दहशत है।
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हत्यारोपियों का पता लगाने में पुलिस नाकाम
29 मई को जसवंतनगर थाना क्षेत्र के गांव उतरई निवासी देवेंद्र सिंह की कुछ लोगों ने हत्या कर शव को खेत में फेंक दिया था। वह वह कानपुर से अपने घर लौट रहे थे। घर न लौटने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी थी। खोजबीन के दौरान गांव के पास ही खेत में उसका शव बरामद हुआ था। उसका सामान भी गायब था। शव के पास एक डंडा पुलिस ने बरामद किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पहले गली दबाकर हत्या करने और बाद में सिर पर डंडे से प्रहार करने की बात बताई गई थी। फोन पर उसने बताया था कि साथ में गांव के तीन लोग हैं। पुलिस आज तक उन तीन लोगों को खोजने में सफल नहीं हो सकी।
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महिला की हत्या का मामला भी ठंडे बस्ते में
30 जनवरी को भरथना थाना क्षेत्र के गांव भैसाई के पास अज्ञात लोगों ने महिला की हत्या कर शव को डाल दिया था। महिला के शरीर पर चाकुओं के निशान थे। साथ ही उसके शव को तेजाब डालकर जलाने का प्रयास किया था। लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला की शिनाख्त का प्रयास किया लेकिन उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। बाद में पुलिस उसका पता लगाने मेें सफल नहीं हुई। महिला कहां की रहने वाली थी इसकी भी जानकारी नहीं हो सकी। पुलिस ने महिला की हत्या के मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। महिला की हत्या राज बनकर रह गई।
भट्ठा व्यवसायी का पता नहीं
जसवंतनगर कस्बा निवासी भट्ठा व्यवसायी गिरीश चंद्र यादव उर्फ भोले 28 जून को अपने घर से भट्टा पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे लेकिन वह अचानक लापता हो गए। देर शाम जब वह घर नहीं लौटे तो परिजनों ंको इसकी चिंता हुई। परिजनों ने उनकी खोजबीन की तो उनकी बाइक एक ढाबे के पास खड़ी मिली। उनके पुत्र ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस घटना को एक पखवारा बीत चुका है लेकिन पुलिस उनके बारे में कोई सुराग नहीं लगा सकी। भट्टा व्यवसायी की बरामदगी न होने से कस्बे के लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
पुलिस मामलों का खुलासा करने के प्रयास में लगी है। पुलिस को इन वारदात के बारे में कुछ सुराग मिले हैं। पुलिस जल्द ही वारदात का वर्क आउट कर देगी। वैभव कृष्ण, एसएसपी इटावा