{"_id":"57a8cf504f1c1bc80aee4377","slug":"call-old-man-in-thana-and-send-him-jail","type":"story","status":"publish","title_hn":"थाने बुलाकर वृद्ध को भेजा जेल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
थाने बुलाकर वृद्ध को भेजा जेल
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Mon, 08 Aug 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन
बलरई थाने में पुलिस की जीप का घेराव करते आरोपी के परिजन व क्षेत्रीय लोग।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरई थाना क्षेत्र के ग्र्राम बाउथ में एक मध्यम वर्गीय सीनियर सीटिजन को पुलिस ने पहले फोन पर थाने बुलाया। इसके बाद उसे जहरीली शराब बेचने ले जाने के आरोप में जेल भेज दिया। जब लोगों को इसकी जानकारी हुई तो लोगों ने थाने का घेराव किया। थानाध्यक्ष ने बताया कि उनके बिना पूछे ही इस मामले को दरोगा ने दर्ज करवा दिया था। वहीं आरोपी ने एक शिकायती पत्र वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
बाउथ गांव निवासी यज्ञदत्त पांडेय (60) रविवार की शाम छह बजे सांई मैरिज होम जसवंतनगर से एक कार्यक्रम से अपने घर जा रहे थे। बलरई थाने में तैनात दरोगा वीरेंद्र सिंह का फोन आया कि आप थाने आ जाएं। आपसे गांव के ही कप्तान सिंह के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज है उसके बारे में बात करनी है। वह पुलिस का विश्वास कर थाने चले गए। दरोगा वीरेंद्र सिंह ने उन्हें अपने कमरे में बैठा लिया। किसी से कोई बातचीत करने लगा। कुछ समय बाद दरोगा उन्हें थाना कार्यालय में ले आए। वहां बैठा लिया। रात में उनके खिलाफ जहरीली शराब बेचने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर लिया। इस बीच उनके परिजन उन्हें ढूंढते रहे।
विज्ञापन
दरोगा ने उनका मोबाइल भी छीन लिया। सुबह जब उनके परिजन बलरई थाने गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे तो पता चला कि वह थाने में बंद हैं। पहले तो दरेागा आश्वासन देता रहा कि दो लोगों को ले आना तो जमानत पर छोड़ देंगे। कुछ देर बाद लोगाें को उन्हें फर्जी तरीके से फंसाने की जानकारी मिली। लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध करते हुए थाने का घेराव कर लिया। थानाध्यक्ष फहीम अख्तर से जब पीड़ित व्यक्ति के परिजन मिले तो उन्होंने अपने कार्यालय के मुंशी से पूछा तो उसने बताया कि यज्ञदत्त पांडेय के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
विज्ञापन
इसी बीच और लोग थाने पहुंच गए। पुलिस और पीड़ित व्यक्ति के परिजनों से झड़प होने लगी तो थानाध्यक्ष ने हड़बडा़कर घटना को उच्च अधिकारियों से अवगत कराया। इसके बाद पुलिस जब आरोपी यज्ञदत्त पांडेय को जीप से कोर्ट में ले जाने के लिए थाने से बाहर निकालने लगी तो बाहर खडे़ लोगों ने उन्हें रोक लिया और नारेबाजी करने लगे। पुलिस को अपनी जीप वापस करनी पड़ी। थानाध्यक्ष फहीम अख्तर के समझाने के बाद आरोपी परिवार के लोगों ने थाने की जीप को जाने दिया। लोगों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से झूठे मुकदमे की जांच तथा थानेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। सीओ जसवंतनगर चंद्र देव यादव ने बताया कि कि दरोगा ने थाने बुलाकर निर्दोष के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेजा है तो ये गंभीर मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी। वहीं, प्रभारी एसएसपी /एएसपी राम किशन यादव से मामले की जानकारी करने का प्रयास किया गया तो उनका सीयूजी नंबर रिसीव नहीं हुआ।
दरोगा ने खुन्नस निकाली
बाउथ गांव में कुछ समय पहले धारा 364 के तहत कप्तान सिंह आदि के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। उसी मामले को लेकर यज्ञदत्त पांडेय पुलिस के संपर्क में थे। इसी मामले को लेकर दरोगा वीरेंद्र सिंह तथा यज्ञदत्त में किसी बात पर तकरार हो गई थी। इसी खुन्नस में दरोगा ने यज्ञदत्त पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। दरोगा ने मामला दर्ज कराया कि रविवार 7:30 बजे मोटर साइकिल पर सवार यज्ञदत्त पांडेय एक सफेद प्लास्टिक की कट्टी में साढे़ तीन लीटर देशी शराब लेकर आ रहे थे। वह जहरीली शराब थी। उसे बेचने ले जा रहे थे।